जयपुर: जेडीए ने एक बार फिर शहर के नए मास्टर प्लान बनाने की निविदा को निरस्त कर दिया है. ऐसा चौथी बार है कि जब जेडीए ने मास्टर प्लान बनाने की निविदा निरस्त की है. आखिर इस बार ऐसे क्या कारण रहे जिनके चलते इस बार भी निविदा निरस्त करनी पड़ी और नए मास्टर प्लान में और क्या नए प्रावधान किए जाएंगे. शहर का मौजूदा मास्टर प्लान की वैधता की अवधि इस वर्ष 5 सितंबर तक ही थी, लेकिन समय पर नया मास्टर प्लान लागू नहीं करने के चलते जेडीए ने इस मास्टर प्लान की अवधि सितंबर 2027 तक बढ़ा दी है. नया मास्टर प्लान बनाने के लिए जेडीए ने दो साल पहले ही कवायद शुरू कर दी थी, लेकिन विभिन्न कारणों के चलते बार-बार निविदा करने के चलते अब तक नया मास्टर प्लान 2027 बनाने का काम शुरू नहीं हो पाया है.
जेडीए की ओर से दो साल पहले शुरू कर दी थी कवायद:
-तीन बार जेडीए निविदा को कर चुका है निरस्त
-किसी ना किसी कारण से हर बार निविदा को किया निरस्त
-कभी दर अधिक आने तो भी एकल निविदा के चलते किया निरस्त
-तीसरी बार जारी की निविदा की अवधि को कई बार बढ़ाया
-स्कोप ऑफ वर्क बढ़ने के कारण इस निविदा को भी किया निरस्त
-जेडीए को इस वर्ष 5 सितंबर तक करना था लागू
-नया मास्टर प्लान इस अवधि में किया जाना था लागू
-लेकिन मास्टर प्लान तैयार करने का काम ही नहीं हो पाया शुरू
-इसके चलते जेडीए को बढ़ानी पड़ी अवधि
-मौजूदा मास्टर प्लान की वैधता की अवधि दो वर्ष बढ़ानी पड़ी
-जेडीए ने 5 सितंबर 2027 तक के लिए बढ़ाई है अवधि
-लेकिन बढ़ाई गई इस अवधि में लागू करना है चुनौती
-जेडीए के लिए नया मास्टर प्लान लागू करना है बड़ी चुनौती
-जानकारों के अनुसार नया मास्टर प्लान बनाने के लिए चाहिए समय
-नया मास्टर प्लान और लागू करने के चाहिए डेढ़ से दो साल चाहिए
-मौजूदा मास्टर प्लान की दो साल की बढ़ाई वैद्यता अवधि में से ढाई महीने से अधिक समय
वर्ष 2047 तक की आवश्यकता के अनुसार नया मास्टर प्लान बनाने के लिए जेडीए अब जल्द चौथी बार निविदा जारी करेगा. यह नया मास्टरप्लान पूरे 6 हजार वर्ग किलोमीटर के जेडीए रीजन का बनाया जाएगा. आपको बताते हैं कि नया मास्टर प्लान बनाने के लिए चौथी बार जारी की गई निविदा को क्यों निरस्त किया गया.
जेडीए ने मास्टर प्लान की निविदा को चौथी बार किया निरस्त:
-सिटी लॉजिस्टिक प्लान बनाने और
-पहाड़ी क्षेत्र को वर्गीकृत करने के कारण की निरस्त
-नए मास्टर प्लान के तहत बनाया जाएगा सिटी लॉजिस्टिक प्लान
-साथ ही पहाड़ी क्षेत्र में स्वीकृति के लिए किया जाएगा वर्गीकरण
-पहाड़ों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार ने जारी किए थे बायलॉज
-इन बायलॉज के तहत पहाड़ी क्षेत्र का किया जाना है वर्गीकरण
-ए,बी व सी कैटेगरी में किया जाना है वर्गीकरण
-नए मास्टर प्लान के तहत किया जाएगा यह वर्गीकरण
-इस कैटेगरी के अनुसार ही जेडीए देगा स्वीकृति
-पहाड़ी क्षेत्र में भवन निर्माण की दे सकेगा स्वीकृति
-ए कैटेगरी में पहाड़ का 8 डिग्री तक ढलान क्षेत्र होगा शामिल
-बी कैटेगरी में 15 डिग्री तक ढलान वाला क्षेत्र होगा शामिल
-सी कैटेगरी में 15 डिग्री से अधिक ढलान वाला क्षेत्र होगा शामिल
-इसी तरह सिटी लॉजिस्टिक प्लान में किया जाएगा प्रस्तावित
-भविष्य की आवश्यकता अनुसार किया जाएगा प्रस्तावित
-माल ढुलाई करने वाले वाहनों के लिए रूट किया जाएगा प्रस्तावित
-इस प्लान में इस तरह किए जाएंगे प्रावधान कि
-इन वाहनों के कारण सड़कों पर नहीं बढ़े यातायात दबाव
-इन वाहनों के कारण रिहायशी इलाकों में नहीं हो प्रदूषण
-इन वाहनों के आवागमन के कारण नहीं हो कोई दुर्घटना
-माल ढुलाई करने वाले भारी वाहन घनी आबादी से नहीं गुजरें
-ऐसे वाहनों के रूट की रिंग रोड या राष्ट्रीय राजमार्ग से हो कनेक्टिविटी
-माल परिवहन करने वाले वाहनों का शहर में प्रवेश का क्या हो समय
-रिहायशी इलाके से दूर कहां वेयर हाउस व गोदाम बनाए जाएं
-माल परिवहन के लिए और क्या वैकल्पिक साधन किए जा सकते हैं इस्तेमाल
-यह सब इस सिटी लॉजिस्टिक प्लान में किया जाएगा प्रस्तावित