हेरिटेज निगम द्वारा व्यवसायिक पट्टा जारी करने का मामला, विधायक गोपाल शर्मा के सवाल पर सरकार का जबाव, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः सिविल लाइंस विधानसभा में नगर निगम हैरीटेज की ओर से मास्टर प्लान 2025 के प्रावधानों के उलट पट्टे जारी करने का मामला विधानसभा तक जा पहुंचा है. विधायक गोपाल शर्मा के सवाल पर सरकार ने माना है कि दिसंबर 2018 से दिसंबर 2023 के बीच बनीपार्क योजनास्कीम E में 30 फुट चौड़ी सड़क पर दो भूखंड, A-1 और A-1B, को व्यावसायिक पट्टे मास्टर प्लान के विपरीत जारी किए गए थे. अब धारा 73B में पट्टा निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और 15 दिन में कमेटी रिपोर्ट आने वाली है.साथी ही उन तमाम अधिकारियों पर कार्यवाही की बात कही गई है जिनकी इन पट्टो को जारी करने में महत्वपूर्ण भूमिका रही फिलहाल निगम की ओऱ से सभी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है 

मास्टर प्लान के विपरीत हैरीटेज निगम द्वारा व्यवसायिक पट्टा जारी करने का मामला
विधायक गोपाल शर्मा के सवाल पर सरकार ने दिया जबाव
विधानसभा में गोपाल शर्मा ने पूछा था सवाल
पिछली सरकार में प्रशासन शहरों के संग अभियान में जारी हुआ था पट्टा
जबाव में सरकार ने जारी पट्टों को माना नियम विरूद्ध
कहा-एक्शन के लिए गठित कमेटी 15 दिन में देगी रिपोर्ट
जांच के बाद दोषी अधिकारिओं पर होगी कार्यवाही
13 जून 2023 को माया मैसर्स प्रा.लि को जारी हुआ था पट्टा
भूखण्ड संख्या ए-1-ए एंव ए-1-बी/ए बनीपार्क स्कीम ई में जारी हुआ था पट्टा
3096 वर्गगज भूखंड का व्यवसायिक पट्टा हुआ था जारी

सिविल लाइंस विधानसभा क्षेत्र में मास्टर प्लान 2025 के प्रावधानों के खिलाफ जाकर व्यावसायिक पट्टे जारी करने का मामला गरमा गया है. स्थानीय विधायक गोपाल शर्मा द्वारा विधानसभा में पूछे गए सवाल पर सरकार ने स्वीकार किया है कि वर्ष दिसंबर 2018 से दिसंबर 2023 के बीच बनीपार्क योजना स्कीम ‘E’ में दो भूखंडों A-1 और A-1B को 30 फीट चौड़ी सड़क पर व्यावसायिक उपयोग के लिए पट्टा जारी किया गया, जो मास्टर प्लान के मानकों का उल्लंघन है. साथ ही इस पूरी अवधि में जारी पट्टों की वैधता की समीक्षा के लिए एक कमेटी का गठन भी कर दिया गया है, जो 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी. आपको बता दे कि हैरीटेज नगर निगम के सिविल लाइन जोन की ओर से 13जून 2023 को माया मैसर्स प्रा,लि के नाम पर दो अलग अलग भूखंडो के फ्रीहोल्ड व्यवसायिक पट्टे जारी किए गए थे मास्टर प्लान 2025 के अनुसार, इतनी कम चौड़ाई वाली सड़क पर व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जा सकती. फिर भी इन दोनों भूखंडों को कमर्शियल उपयोग के लिए पट्टा जारी कर दिया गया, जो नियमों और प्लानिंग मानकों के बिल्कुल विपरीत है. सरकार ने बताया कि संबंधित भूखण्ड स्वामी को भूमि राजस्व अधिनियम की धारा 73B के तहत पट्टा निरस्तीकरण के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है.सरकार ने कहा कि भू-स्वामी का जवाब मिलने के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. 2018–2023 की अवधि में जारी अन्य सभी पट्टों की समीक्षा होगी इस पर एक विशेष कमेटी गठित कर दी गई है,जो कि उक्त अवधि में जारी सभी पट्टों की वैधता जाँचेगी और 15 दिन में रिपोर्ट देगी सरकार ने साफ कहा कि यदि रिपोर्ट में किसी अधिकारी की भूमिका नियम-विपरीत पाई जाती है, तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई तय है. फिलहाल सभी उक्त अधिकारियों को जयपुर नगर निगम आयुक्त की ओर से नोटिस जारी किए गए है जिनमें महापौर मुनेश गुर्जर सहित सिविल लाइन जोन उपायुक्त भी शामिल है

सरकार के निर्देश के बाद अति आयुक्त के नेतृत्व में कमेटी का गठन
कमेटी में अति आयुक्त नरेन्द्र कुमार बंसल,अशोक शर्मा, उपायुक्त राजस्व द्वितीय सदस्य
देवानन्द शर्मा, उपायुक्त सिविल लाईन जोन सदस्य,राजेश शर्मा, उप नगर नियोजक कमेटी में
तत्कालीन महापौर मुनेश गुर्जर सहित सिविल लाइन जोन उपायुक्त को नोटिस
मुनेश गुर्जर,तत्कालीन महापौर,नरेश सिंह तंवर,तत्कालीन उपायुक्त सिवित लाईन जोन
दिनेश कुमार गुप्ता,तत्कालीन अधिशाषी अभियंता,कमल शर्मा,तत्कालीन राजस्व अधिकारी,
पवन कुमार,तत्कालीन सहायक नगर नियोजक,राजेश शेसमा समयक नगर नियोजक,
चवीरा जाटव,तत्कालीन कनिष्ठ सहायक,अंकिता शर्मा, सहायक लेखाकार द्वितीय को नोटिस

विधानसभा में विधायक गोपाल शर्मा की ओऱ से पूछे गए सवाल के बाद जयपुर नगर निगम आयुक्त की ओर से 29 जनवरी 2026 को संबधिक पट्टा धारक माया मैसर्स को नोटिस जारी कर अपना जवाब प्रस्तुत करने की बात कही गई है वहीं मास्टर प्लान के विपरीत पट्टा जारी करने के मामले में तत्कालीन अधिकारी और पूर्व महापौर मुनेश गुर्जर सहित करीब 8 लोगों को निगम आयुक्त की ओर से नोटिस जारी किए गए है इसी के साथ इस पूरे मामले को लेकर अति आयुक्त नरेंद्र कुमार वंसल के नेतृत्व मे एक कमेटी का गठन भी किया गया है जो कि जल्द ही अपनी रिपोर्ट देगी जिसके बाद दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही अमल में लाई जाएगी 

सिविल लाइंस जैसे संवेदनशील,प्रीमियम शहरी क्षेत्र में मास्टर प्लान के विपरीत पट्टे जारी होना किसी भी रूप में छोटा मामला नहीं है.अब देखना यह है कि आने वाले 15 दिन में कमेटी की रिपोर्ट शहर की प्लानिंग व्यवस्था को साफ़ करती है या और सवाल खड़े करती है.