जयपुर: जयपुर विकास प्राधिकरण के जोन 9 में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. जेडीए के जोन 9 ने फर्जी दस्तावेंजों के आधार पर चार भूखंडों के पट्टे जारी कर दिए. मामले में शिकायत हुए तो खुलासा हुआ इस बड़े फर्जीवाड़े का.
यह मामला जगतपुरा क्षेत्र में रामनगरिया विस्तार के पास स्थित निजी खातेदारी की योजना जेवियर आर्केड प्रथम का है. इस योजना के तीन भूखंडों के आवासीय और एक भूखंड का कमर्शियल पट्टा जारी कर दिया गया. जब मामले में योजना के खातेदार के पावर ऑफ अटॉर्नी होल्डर ने शिकायत तो तब जाकर जेडीए के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारियों की नींद खुल और उन्होंने पूरे मामले की पड़ताल की. पड़ताल में सामने आया कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भूखंडों के पट्टे किए गए हैं जारी. इस पर जेडीए ने चारों भूखंडों के पट्टे निरस्त कर दिया. साथ ही फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर जेडीए से पट्टे लेने के मामले में जेडीए ने गांधी नगर पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया है.
जेडीए के जोन 9 में हुआ बड़ा फर्जीवाड़ा
-एक ही योजना के चार भूखंडों के जारी कर दिए पट्टे
-प्रस्तुत फर्जी दस्तावेजों के आधार पर ही जारी कर दिए पट्टे
-मामला सामने आने के बाद की गई कार्यवाही
-जेडीए ने की जारी पट्टे निरस्त करने की कार्यवाही
-मामला है जगतपुरा क्षेत्र स्थित जेवियर आर्केड प्रथम योजना का
-एक ही व्यक्ति को आवेदन के मात्र पंद्रह दिन में जारी कर दिए तीन पट्टे
-बिना मूल रिकॉर्ड को देखे जारी कर दिए गए तीन आवासीय पट्टे
-दूसरे व्यक्ति को भी आनन-फानन में जारी किया कमर्शियल पट्टा
-भूखंड संख्या 101,132 व144 के जारी किए आवासीय पट्टे
-जबकि भूखंड संख्या सी-05 का जारी किया कमर्शियल पट्टा
-निजी खातेदारी योजना के प्रस्तुत फर्जी दस्तावेजों पर जारी किए पट्टे
-फर्जी कब्जा पत्र,फर्जी एनओसी,फर्जी साइट प्लान,झूठे शपथ पत्र,
-फर्जी जमा रसीद,झूठे क्षतिपूर्ति बंध पत्र पर जारी किए गए पट्टे
-भूखंड संख्या 101,क्षेत्रफल 227.95 वर्गगज,
-भूखंड संख्या 132 क्षेत्रफल 216.66 वर्गगज और
-और भूखंड संख्या 144 क्षेत्रफल 216.66 वर्गगज के लिए किया आवेदन
-फर्जी दस्तावेजों के साथ 4.8.2025 को एक साथ किया गया आवेदन
-तीनों भूखंडों के 19 अगस्त 2025 तक जारी कर दिए गए पट्टे
-मात्र पंद्रह दिनों में तीनों भूखंडों के जारी कर दिए गए पट्टे
-इसी तरह भूखंड संख्या सी-05 का जारी किया गया कमर्शियल पट्टा
-इस भूखंड के पट्टे के लिए 17.10.25 को किया गया था आवेदन
178.80 वर्गगज क्षेत्रफल के इस पट्टे का 31.10.25 को जारी किया पट्टा
-खातेदार की ओर से चार में से तीन भूखंडों से संबंधित सूची,
-साइट प्लान,आवंटन पत्र आदि दस्तावेज जेडीए में किए गए पेश
-जबकि चौथा भूखंड जिसका जारी किया गया था कमर्शियल पट्टा
-उसको लेकर खातेदार ने कहा कि भूखंड किया जा चुका है समर्पित
-सेक्टर रोड के बदले जेडीए को किया जा चुका है नि:शुल्क समर्पित
-जेडीए के रिकॉर्ड के अनुसार यह भूखंड खातेदार ने चाहा है
जेडीए के जोन 9 की ओर से मामले में जारी किए चारों पट्टे निरस्त तो कर दिए गए हैं. साथ ही पुलिस में मामला भी दर्ज करा दिया गया है. लेकिन इस पूरे मामले में सवाल उठता है कि आखिर पट्टा लेने के लिए पेश किए गए फर्जी दस्तावेजों की क्यों नहीं की गई जांच? पट्टा जारी करने से पहले क्यों नहीं जेडीए के जोन के कार्मिकों ने अपने अपने रिकॉर्ड की क्यों नहीं की पड़ताल?
मूल रिकॉर्ड खंगाला जाता तो नहीं होता फर्जीवाड़ा
-जेडीए के जोन 9 में नहीं होता बड़ा फर्जीवाड़ा
-निजी खातेदारी योजना जेवियर आर्केड प्रथम का है मामला
-फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जेडीए ने जारी किए चार पट्टे
-इनमें से तीन आवासीय पट्टे जारी किए एक ही व्यक्ति को
-जिन तीन भूखंडों के जारी किए गए आवासीय पट्टे
-उनमें एक भूखंड भूखंड संख्या 132 का पट्टा जेडीए कर चुका था जारी
-25 फरवरी 2009 को ही जेडीए ने जारी कर दिया था पट्टा
-अगर जेडीए ने अपना मूल रिकॉर्ड खंगाल लिया हो तो
-फर्जीवाड़ खुलने के बाद तीनों ही भूखंडों के जारी नहीं होते पट्टे
-और इसके बाद चौथे भूखंड का भी जारी नहीं होता पट्टा
-जेडीए के जोन 9 में हुए फर्जीवाड़े में उठ रहे कई सवाल
-जेडीए के जोन 9 के अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल
-खातेदार सामने आया तो खुला ये बड़ा फर्जीवाड़ा
-खातेदार के पावर ऑफ अटॉर्नी होल्डर ने की थी शिकायत
-फर्जी दस्तावेजों के आधार पट्टे जारी करने की शिकायत
-इस पर जेडीए की ओर कराई जांच तो खुला फर्जीवाड़ा
-अपने रिकॉर्ड को खंगाला तो खुला बड़ा फर्जीवाड़ा
-फर्जी दस्तावेजों के आधार पर चार भूखंडों के जारी किए पट्टे
-ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर क्यों नहीं की गई पड़ताल?
-पट्टे जारी करने से पहले रिकॉर्ड की क्यों नहीं की गई पड़ताल?
-इसी के चलते जोन के कार्मिकों की भूमिका पर उठ रहे सवाल