जयपुरः वित्त मंत्री दीया कुमारी बजट पेश कर रही है. इस दौरान कहा कि लखपति दीदियों को अब ₹1.5 लाख का लोन मिलेगा. ग्रामीण महिलाओं के लिए 'वूमेन BPO' खुलेंगे. महिला सशक्तिकरण और 'लखपति दीदी' अभियान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए घोषणा. लखपति दीदी श्रेणी की महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने के लिए घोषणा. ब्याज अनुदान पर मिलने वाले ऋण की सीमा ₹1 लाख से बढ़ाया. ₹1.5 लाख करने का ऐलान किया गया है. ग्रामीण क्षेत्र की शिक्षित महिलाओं को उनके घर के पास ही रोजगार देने के लिए घोषणा की. जिला स्तर पर 'रूरल वूमेन BPO' (Rural Women BPO) स्थापित किए जाएंगे. इन BPO सेंटर्स की स्थापना और संचालन पर राज्य सरकार ₹100 करोड़ खर्च करेगी. अब तक 16 लाख से ज्यादा महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाया जा चुका है. अब इस दायरे को और व्यापक बनाया जाएगा. सरकार का लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं को न केवल आत्मनिर्भर बनाना है. बल्कि उन्हें डिजिटल और आईटी सेक्टर से जोड़कर मुख्यधारा में लाना है.
30 करोड़ रुपए की लागत से नवीन टेक्नो हब स्थापित होंगे. आगामी सत्र में 500 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू होगी. डीबीटी ई वाउचर से विद्यार्थियों को 20 हजार रुपए तक सुविधा मिलेगी. 9वीं कक्षा में प्रवेश लेने वाली वाली जरूररतमंद छात्राओं को ई वाउचर दिए जाएंगे. आंगनबाड़ी के 3 से 6 वर्ष के बच्चों के पंजीकरण की व्यवस्था होगी. 2 हजार 500 से अधिक विद्यालयों के जीर्णोद्धार पर 500 करोड़ से अधिक खर्च होंगे.
10 लाख रुपये तक का मिलेगा लोनः
युवाओं और छात्रों के लिए घोषणाओं की झड़ी लगा दी. युवाओं को खुद का काम शुरू करने के लिए 10 लाख रुपये तक का लोन मिलेगा. इस योजना के लिए ₹1,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है. जिससे 30,000 युवाओं को सीधा लाभ मिलेगा. कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को टैबलेट/लैपटॉप के लिए ₹20,000 का ई-वाउचर ताकि वे अपनी पसंद का डिवाइस खरीद सकें. अगले सत्र (2026-27) से 500 नए स्कूलों में व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) शुरू होगी. प्रत्येक जिले में एक स्कूल को उच्च माध्यमिक विद्यालय में क्रमोन्नत किया जाएगा. टॉयलेट सुविधा से वंचित सभी स्कूलों में नए टॉयलेट बनाए जाएंगे.
आउटकम स्किल बेस्ड बोर्ड का गठन होगाः
प्रदेश में 14 नए मानव संसाधन संस्थान खुलेंगे. हॉस्पिटैलिटी सेक्टर के लिए युवाओं को अंग्रेजी, जापानी, फ्रेंच, जर्मन और कोरियन भाषाओं की ट्रेनिंग दी जाएगी. आउटकम स्किल बेस्ड बोर्ड का गठन होगा. जो युवाओं को 'एम्प्लॉयबल' (रोजगार योग्य) बनाएगा. अजमेर, भरतपुर और कोटा में Data Lab और AI Lab जैसे नेक्स्ट जेनरेशन टेक्नो हब स्थापित होंगे. इस पर ₹20 करोड़ खर्च होंगे. 150 और कॉलेजों में रानी लक्ष्मीबाई केंद्र स्थापित होंगे. जिससे कुल 50,000 छात्राओं को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग मिलेगी. युवाओं की मेंटरिंग के लिए 'डिजिटल रेजिडेंस एंड एंपावरमेंट मेंटरिंग' (DREAM) प्रोग्राम चलाया जाएगा.
NTA के तर्ज पर राजस्थान स्टेट एजेंसी की स्थापना करने की घोषणाः
पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगी है. जिससे युवाओं में नई आशा का संचार हुआ है. NTA के तर्ज पर राजस्थान स्टेट एजेंसी की स्थापना करने की घोषणा की. ऑनलाइन टेस्टिंग सेंटर्स का निर्माण किया जाएगा. 1 लाख युवाओं को 10 लाख तक के कर्ज पर शत प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा. 2000 पदों पर अतिरिक्त संविदा भर्ती का ऐलान किया गया. आमजन को पेयजल उपलब्ध कराने तथा पेयजल योजनाओं के समुचित ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस के लिए हमारे द्वारा पिछले बजट में घोषित 1050 तकनीकी अधिकारियों कर्मचारियों के संविदा काडर में वृद्धि करते हुए 3000 पदों पर भर्ती की जाएगी.
जयपुर के लिए 1000 करोड़ रुपये के फंड का ऐलानः
जयपुर के लिए 1000 करोड़ रुपये के फंड का ऐलान किया गया. जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए प्रदेश में पहली बार समग्र जलवायु नीति लाने की तैयारी है. जल स्रोतों के पुनर्भरण के लिए मोबाइल मॉनिटरिंग और आधुनिक तकनीक आधारित सिस्टम लागू होगा. ऊर्जा क्षेत्र में ₹2 लाख करोड़ का निवेश आकर्षित करने का बड़ा लक्ष्य है. सौर संयंत्रों के जरिए 1400 मेगावाट बिजली उत्पादन की व्यवस्था है. 550 मेगावाट के प्लांट पहले ही स्थापित है. 1 लाख 30 हजार से अधिक घरों पर रूफटॉप सोलर से 518 मेगावाट क्षमता विकसित. प्रदेश में 400 KV के 2, 220 KV के 5, 132 KV के 45 नए GSS के साथ 379 सब-स्टेशन स्थापित किए गए. अक्षय ऊर्जा में आत्मनिर्भरता के साथ हर घर तक विश्वसनीय बिजली पहुंचाने पर फोकस है. दूरदराज के क्षेत्रों में जल उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रादेशिक जल अनुकूलन रणनीति तैयार होगी.
अगले वर्ष 3 लाख पानी के कनेक्शन जारी किए जाएंगेः
लॉजिस्टिक पार्क के लिए 400 करोड़ का बजट है. बाड़मेर मसूदा, बाड़मेर, भीलवाड़ा एवं औद्योगिक क्षेत्र में लॉजिस्टिक पार्क बनेंगे. विकसित राजस्थान 2047 तक जल सुरक्षा का लक्ष्य रखा गया. जल जीवन मिशन को गति देते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में 14 लाख से अधिक कनेक्शन उपलब्ध करवाए. 24000 करोड रुपए के लागत से अधिक 400 से अधिक पर जल योजनाओं के कार्य आदेश जारी. मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन शहरी योजना का दायरा बढ़ाते हुए सभी शहरों के मास्टर प्लान में आनेवाले 6245 गांव को सम्मिलित किया जाएगा. इसके लिए 5000 करोड रुपए का खर्च कर चरणबद्ध रूप से कार्य करवाए जाना प्रस्तावित है. मुख्यमंत्री जल जीवन मिशन शहरी योजना में अगले वर्ष 3 लाख पानी के कनेक्शन जारी किए जाएंगे.