जयपुरः प्रदेश के शहरों में आग बुझाने की चाक चौबंद व्यवस्था रखने के उद्देश्य से राज्य सरकार की ओर से सख्त प्रावधान लागू किए गए हैं. शहरों की अग्निशमन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से नए अग्निशमन प्रावधान 2026 लागू किए गए हैं. किस प्रकार की इमारत को लेनी होगी फायर एनओसी और किस प्रकार के अग्निशमन उपकरण करने होगा स्थापित, इसकी विस्तृत जानकारी इन प्रावधानों में दी गई है. इसके तहत विभिन्न प्रकार की इमारतों को अलग-अलग नौ वर्गों में वर्गीकृत किया गया है. भारत सरकार के नवाचार कंप्लायंस रिडक्शन एंड डीरेगुलेशन फेज 2 के तहत स्वायत्त शासन विभाग ने ये प्रावधान जारी किए हैं. आपको सबसे पहले बताते हैं कि फायर एनओसी नहीं लेने पर या इमारत में लगे अग्निशमन उपकरणों का समय रहते नवीनीकरण नहीं कराने के मामले में किस प्रकार इन प्रावधानों में सख्ती बरती गई है.
आग बुझाने के इंतजामों में "कमी" पड़ेगी भारी
निकाय अब ऐसे मामले में भी सील कर सकेंगे इमारत
पहली बार राज्य सरकार ने लागू किए है प्रावधान
अग्निशमन व्यवस्था में कमी पर इमारत सील करने के प्रावधान
LSG ने हाल ही जारी किए हैं अग्निशमन प्रावधान 2026
अग्निशमन प्रावधान 2026 में किए गए है यह प्रावधान
अग्निशमन प्रावधान 2026 की जनरल गाइडलाइन्स के बिंदु f के अनुसार
फायर एनओसी नहीं लेने पर अथवा
जरूरी अग्निशमन उपकरणों का नवीनीकरण नहीं कराने की जा सकेगी सील
संबंधित निकाय की ओर से इमारत को किया जा सकेगा सील
ऐसी इमारतों के मालिक पर पहले निकाय लगाएंगे 5 हजार रुपए का जुर्माना
जुर्माना आदेश जारी करने के महीने भर में भी नहीं ली जाती है फायर NOC
अथवा अग्निशमन उपकरणों का नहीं कराया जाता है नवीनीकरण तो
निकाय की ओर से भूखंड के आकार के अनुसार 500 रुपए प्रति वर्गमीटर अथवा
10 हजार रुपए की राशि दोनों में जो भी हो अधिक,उतना लगाया जाएगा जुर्माना
इसके बावजूद भी भवन मालिक नहीं करता है निकाय के आदेश की पालना तो
निकाय उस इमारत का कर सकेंगे सील
इससे पहले निकाय केवल बिना स्वीकृति निर्माण या
स्वीकृति के इतर अवैध निर्माण के मामले में ही करते थे इमारत सील
लेकिन अब अग्निशमन मामले में भी निकाय इमारत कर सकेंगे सील
फायर एनओसी नहीं लेने अथवा
अग्निशमन उपकरण का नवीनीकरण नहीं कराने के मामले में देते थे नोटिस
निकाय संबंधित इमारत मालिक को केवल देते थे नोटिस
इमारतों में अग्निशमन इंतजाम पूरे नहीं करने या फायर एनओसी नहीं लेने पर इमारतों को सील करने का पहली बार प्रावधान तो कर दिया गया है. लेकिन सील इमारत को किस प्रकार और किन शर्तों के साथ खोला जा सकता है, इसको लेकर भी स्वायत शासन विभाग ने पूरी प्रक्रिया तय कर दी है.
30 दिन में करनी होगी पालना,नहीं तो दुबारा होगी सीलिंग
स्वायत शासन विभाग की ओर से निर्धारित की गई प्रक्रिया
अग्निशमन प्रावधानों में कोताही बरतने के मामलों को लेकर प्रक्रिया
इन मामलों में सील इमारतों को खोलने की निर्धारित की प्रक्रिया
विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक
सील खोलने के लिए भवन मालिक को देना होगा प्रार्थना पत्र
साथ ही 30 दिन में अग्निशमन प्रावधान पूरा करने का का देना होगा शपथ पत्र
प्रार्थना पत्र के साथ कुल निर्मित क्षेत्र का 10 रुपए प्रति वर्गमीटर के अनुसार
और अधिकतम 50 हजार रुपए की नॉन रिफंडेबल राशि करानी होगी जमा
प्रार्थना पत्र प्राप्त होने के 3 दिन में निकाय अस्थायी तौर पर खोल देगा सील
3 दिन में सील मुक्त नहीं किया जाता है तो आवेदक सरकार में कर सकेगा अपील
30 दिन या उससे पहले ही अग्निशमन प्रावधान की कर दी जाती है पालना तो
ऐसी सूचना दिए जाने के 24 घंटे के भीतर निकाय अधिकारी करेंगे निरीक्षण
इमारत का निरीक्षण करने के बाद इमारत को जारी कर देंगे फायर एनओसी
लेकिन 30 दिन में ऐसा नहीं करने पर इमारत कर दी जाएगी सील
निकाय की ओर से दुबारा इमारत को कर दिया जाएगा सील
इस सीलिंग कार्यवाही के खिलाफ अपील सुनने का अधिकार होगा राज्य सरकार को