पुराना वाहन स्क्रैप कराने पर टैक्स में बड़ी छूट, स्क्रैप प्रमाण-पत्र और नए वाहन का मालिक एक ही जरूरी, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः पुराने वाहन को स्क्रैप कर नया वाहन खरीदने वाले वाहन मालिकों के लिए राजस्थान सरकार ने टैक्स में छूट का प्रावधान किया है, लेकिन इस छूट का लाभ लेने के लिए निर्धारित शर्तों का पालन करना अनिवार्य होगा. परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में टैक्स छूट के साथ-साथ पुराने वाहन, स्क्रैप प्रमाण-पत्र और नए वाहन के स्वामित्व को लेकर महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं.

परिवहन विभाग के फैसले के तहत पुराने वाहन को स्क्रैप कराने के बाद नया वाहन खरीदने पर गैर-परिवहन वाहनों के लिए मोटर वाहन कर में 26 प्रतिशत और परिवहन वाहनों के लिए 16 प्रतिशत की छूट मिलेगी. हालांकि, किसी वाहन पर मिलने वाली कुल छूट की अधिकतम सीमा एक लाख रुपये तय की गई है.इस प्रावधान का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यदि कोई वाहन राजस्थान में पंजीकृत है, तो उसे राजस्थान के बाहर स्थित किसी पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा यानी आरवीएसएफ में भी स्क्रैप कराया जा सकता है. ऐसी स्थिति में भी निर्धारित शर्तें पूरी करने पर नए वाहन के पंजीयन के समय टैक्स छूट का लाभ लिया जा सकेगा.लेकिन यहां विभाग ने एक अहम शर्त लागू की है, जिसे वाहन मालिकों के लिए समझना बेहद जरूरी है.स्क्रैप किए गए पुराने वाहन का मालिक और उससे जारी होने वाला सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट एक ही व्यक्ति के नाम होना चाहिए. इसके बाद जिस नए वाहन पर टैक्स छूट का लाभ लिया जाना है, वह नया वाहन भी उसी व्यक्ति के नाम पर खरीदा और पंजीकृत होना जरूरी होगा.यानी यदि किसी व्यक्ति के नाम राजस्थान में वाहन पंजीकृत है और वह उसे दूसरे राज्य की अधिकृत स्क्रैपिंग सुविधा में स्क्रैप कराता है, तो उससे मिलने वाला स्क्रैप प्रमाण-पत्र किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर नए वाहन की खरीद में इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा.    

सरकार ने गैर-परिवहन वाहनों के लिए कर में 26 प्रतिशत और परिवहन वाहनों के लिए 16 प्रतिशत की छूट निर्धारित की है. हालांकि कुल छूट की अधिकतम सीमा एक लाख रुपये रहेगी. परिवहन वाहनों को मोटर वाहन कर के मामले में यह रियायत आठ वर्ष तक उपलब्ध रहेगी, जबकि वन टाइम टैक्स वाले वाहनों में छूट प्रथम पंजीयन के समय लागू होगी.अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि की गणना वाहन की पहली पंजीयन तारीख से की जाएगी. बाद में वाहन का स्थानांतरण या पुनः पंजीयन होने से इसकी अवधि की गणना नई तारीख से शुरू नहीं होगी.इस व्यवस्था का उद्देश्य पुराने वाहनों को स्क्रैपिंग के लिए प्रोत्साहित करना और उनके स्थान पर नए एवं अपेक्षाकृत सुरक्षित वाहनों को बढ़ावा देना है. लेकिन टैक्स छूट का लाभ लेने वाले वाहन मालिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पुराने वाहन का स्वामित्व, स्क्रैप प्रमाण-पत्र और नए वाहन का पंजीयन एक ही व्यक्ति के नाम पर हो