नो योर आर्मी प्रदर्शनी : CMभजनलाल शर्मा बोले- ऑपरेशन सिंदूर में पूरी दुनिया ने भारत की प्रतिबद्धता को देखा

नो योर आर्मी प्रदर्शनी : CMभजनलाल शर्मा बोले- ऑपरेशन सिंदूर में पूरी दुनिया ने भारत की प्रतिबद्धता को देखा

जयपुर : नो योर आर्मी प्रदर्शनी शुरू हुई. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उद्घाटन किया. इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राजस्थान की पावन धरती वीरों की भूमि है. राजस्थान देश की सबसे बड़ी अंतर्राष्ट्रीय सीमा रखता है. सैन्य छावनी की सीमाओं से बाहर निकलकर आम आदमी के सामने परेड प्रदर्शित की जा रही है. 

ऑपरेशन सिंदूर में पूरी दुनिया ने भारत की प्रतिबद्धता को देखा है. भारत ने रक्षा उत्पादन में स्वदेशी को शीर्ष प्राथमिकता दी है. भारतीय सेना सशस्त्र बल नहीं बल्कि हर भारतीय की ढाल है,हर परिवार का भरोसा है. सेना के जवान अत्याधुनिक उपकरण-हथियारों और युद्ध करने के तौर तरीकों से आमजन रूबरू होंगे. 

जवानों की मुस्तैदी के चलते ही देश के नागरिक सुरक्षित हैं:

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सशस्त्र सेनाओं का आधुनिकीकरण अभूतपूर्व गति से बढ़ा है. भारतीय सेना हर देशवासी की ढाल, हर परिवार का भरोसा और राष्ट्र की आत्मा है. रेगिस्तान से लेकर बर्फीले सियाचीन तक हर मोर्चे पर हमारे जवान मुस्तैद खड़े हैं. जवानों की मुस्तैदी के चलते ही देश के नागरिक सुरक्षित हैं. ऑपरेशन पराक्रम, ऑपरेशन रक्षक और ऑपरेशन सिंदूर ने आक्रामकता का माकूल जवाब दिया. 

राजस्थान वीरों की कर्मभूमि और जन्मभूमि है:
सीएम ने आगे कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में दुनिया ने आतंकवाद के खिलाफ हमारे देश की प्रतिबद्धता को देखा. मिशन सुदर्शन चक्र के अन्तर्गत आज हमारा देश किसी भी खतरे का सटीक और शक्तिशाली जवाब देने में सक्षम है. राजस्थान वीरों की कर्मभूमि और जन्मभूमि है. इस भूमि ने परमवीर चक्र विजेता पीरू सिंह, परमवीर चक्र विजेता मेजर शैतान सिंह, लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह जैसे पराक्रमी योद्धाओं को जन्म दिया.

भारत का रक्षा उत्पादन 1.51 लाख करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर:
भारत का रक्षा उत्पादन 1.51 लाख करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर पर है. भारत की सशस्त्र सेनाओं का आधुनिकीकरण अभूतपूर्व गति से आगे बढ़ा है. इस दौरान भारत का रक्षा निर्यात सर्वकालिक उच्च स्तर पर 23 हजार 622 करोड़ रुपए रहा है. प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के तहत रक्षा उत्पादन में स्वदेशीकरण को प्राथमिकता दी है.

वीरगति प्राप्त सैनिकों के सम्मान में 43 विद्यालयों का नामकरण किया है. बैटल कैजुअल्टी सैनिकों के 7 आश्रितों एवं 23 शौर्य पदक धारकों को कुल 750 बीघा भूमि आवंटित की है. वहीं पुलवामा हमले में वीरगति प्राप्त केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 5 कार्मिकों की आश्रित वीरांगनाओं को निवास भी दिए गए हैं.  द्वितीय विश्व युद्ध के नॉन पेंशनर पूर्व सैनिकों एवं विधवाओं की पेंशन 10 से 15 हजार की है.