विद्युतीकरण में गड़बड़ी के मामले में दिए नोटिस, जेडीए प्रशासन ने छह विद्युत अभियंताओं को दिए नोटिस, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः जेडीए की योजना में विद्युतीकरण कार्य में हुई अनियमितता के मामले में बड़ी कार्रवाई की गई है. जेडीए प्रशासन की ओर से मामले में छह अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं. जयपुर विकास प्राधिकरण की ओर से ग्राम निवारू के खसरा संख्या 3 में विद्युतीकरण का कार्य किया गया था. इस कार्य में अनियमितता को लेकर जेडीए को शिकायत मिली थी. इस शिकायत पर जेडीए ओर से पूरे मामले की जांच कराई गई. जांच रिपोर्ट के आधार पर जेडीए प्रशासन ने विद्युत शाखा में तैनात छह अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं. आपको सबसे पहले बताते हैं कि मामले में की गई शिकायत में क्या आरोप लगाए गए हैं

-शिकायत में आरोप लगाया गया कि निविदा में फर्म के चयन में नियमों की अनदेखी की गई
-मौके पर बिना कार्य के भुगतान के भी शिकायत में आरोप लगाए गए हैं
-शिकायत में आरोप है कि जितनी लंबाई की केबल डाली गई उससे अधिक लंबाई की केबल का भुगतान किया गया
-विद्युतीकरण कार्य में उचित गुणवत्ता की रोड लाइट नहीं लगाने के आरोप लगाए गए हैं
-निर्धारित अवधि में काम पूरा नहीं करने और उस पर फर्म से जुर्माना नहीं कराने के भी शिकायत में आरोप लगाए गए हैं
-काम पूरा होने से पहले फर्म को जमा राशि लौटाने के शिकायत में आरोप लगाए गए हैं

तत्कालीन जेडीए आयुक्त आनंदी के समय इस मामले में यह शिकायत की गई थी. तत्कालीन आयुक्त ने मामले की जांच के लिए अतिरिक्त आयुक्त भागचंद बधाल की अध्यक्षता में जांच कमेटी का गठन किया. इस कमेटी ने मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट जेडीए प्रशासन को सौंप दी है. कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में मामले में अनियमितता मानी है. इस जांच रिपोर्ट के आधार पर जेडीए प्रशासन की ओर से अभियंताओं को नोटिस दिए गए हैं.

जेडीए से बड़ी खबर
विद्युतीकरण में गड़बड़ी के मामले में दिए नोटिस
जेडीए प्रशासन ने छह विद्युत अभियंताओं को दिए नोटिस
दो अधिशासी अभियंता,तीन सहायक और
एक कनिष्ठ अभियंता को दिया है कारण बताओ नोटिस
निवारू खसरा संख्या 3 में विद्युतीकरण में गड़बड़ी का मामला
जेडीए प्रशासन ने अधिशासी अभियंता प्रशांत चास्टा,
विजय कुमार,सहायक अभियंता यशवंत कुमार शर्मा,
सत्येंद्र सिंह मीना,मनोज कुमार मीना और
कनिष्ठ अभियंता टीकमचंद को दिया कारण बताओ नोटिस
नोटिस में मामले को घोर अनियमितता और
कार्य के प्रति लापरवाही की श्रेणी में माना गया है
इन अभियंताओं से तीन दिन में मांगा है स्पष्टीकरण
निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण नहीं देने पर की जाएगी कार्यवाही
जेडीए प्रशासन अभियंताओं के खिलाफ करेगा एक तरफा कार्यवाही

कनिष्ठ अभियंता टीकमचंद को दिए नोटिस में कहा गया है कि
"विद्युतीकरण कार्य का आप द्वारा कोई  ले आउट प्लान,
डिजाइन तैयार नहीं की गई और ना ही उक्त कार्य का माप पुस्तिका में गुणात्मक
और संख्यात्मक रूप में सही अंकन किया गया"
"जो कि घोर अनियमितता व कार्य की लापरवाही की श्रेणी में आता है"
मामले में अभियंता से तीन दिन में मांगा गया है स्पष्टीकरण

सहायक अभियंता यशवंत कुमार शर्मा,सत्येंद्र सिंह मीना और
मनोज कुमार मीना को दिए नोटिस में कहा गया है कि
"विद्युतीकरण के कार्य का आप द्वारा गुणात्मक एवं
संख्यात्मक परीक्षण नहीं कर भुगतान हेतु किया गया प्रमाणित"
"JEN द्वारा माप पुस्तिका में किए गए अंकन के आधार पर किया प्रमाणित"
"जो कि घोर अनियमितता व पर्यवेक्षणीय लापरवाही का द्योतक है" 

अधिशासी अभियंता प्रशांत चास्टा और
विजय कुमार को दिए गए नोटिस में कहा गया है कि
"विद्युतीकरण के कार्य का आप द्वारा बिना मौका निरीक्षण व
पर्यवेक्षण किए बिना ही संबंधित फर्म को भुगतान किया गया है"
"जो कि घोर लापरवाही एवं अनियमितता का द्योतक है"