कांग्रेस में वापसी के बाद मेवाराम जैन पर पोस्टर वार, बोले -धमकियों से डरने वाला नहीं, कांग्रेस में ही रहूंगा, देखिए ये रिपोर्ट

जयपुर: पूर्व विधायक मेवाराम जैन की कांग्रेस में वापसी के बाद बाड़मेर में कांग्रेस की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है. एक तरफ जहां वापसी के बाद बाड़मेर पहुंचने पर  पूर्व विधायक मेवाराम जैन का जगह जगह स्वागत किया गया, वहीं दूसरी तरफ मेवाराम के विरोधियों ने शहर में जगह-जगह उनके अश्लील और आपत्तिजनक पोस्टर लगाए गए, जिनमें गंभीर आरोप लगाए गए हैं. इस पूरे घटनाक्रम के बाद कांग्रेस संगठन और प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई है.  बाड़मेर की कांग्रेस में इन दिनों हलचल मची हुई है.

मुद्दा है मेवाराम. जी हां तीन बार कांग्रेस के विधायक रहे मेवाराम जैन.कांग्रेस आलाकमान ने मेवाराम जैन की कांग्रेस में वापसी कर दी है, लेकिन मेवाराम के विरोधियों को यह मंजूर नहीं है. विरोध का स्तर इतना गिर गया है कि मेवाराम की वापसी की घोषणा के साथ ही बाड़मेर में उनके खिलाफ अश्लील पोस्टर लगा दिए. इन पोस्टरों में लिखा गया है, “बाड़मेर हुआ शर्मसार, बलात्कारी हमें स्वीकार नहीं” और इसे **जिला कांग्रेस कमेटी बाड़मेर, जैसलमेर और बालोतरा** से जोड़कर दिखाया गया है. पोस्टरों में मेवाराम जैन की कथित आपत्तिजनक तस्वीरें और अश्लील भाषा का प्रयोग किया गया था. इस पूरे घटनाक्रम के बाद कांग्रेस संगठन और प्रशासनिक हलकों में खलबली मच गई है. विवाद बढ़ता देख प्रदेश कांग्रेस ने जब हस्तक्षेप किया तो, बाड़मेर, जैसलमेर और बालोतरा कांग्रेस कमेटियों ने बयान जारी कर कहा है कि इन पोस्टरों से पार्टी का कोई संबंध नहीं है. बाड़मेर, जैसलमेर और बालोतरा कांग्रेस कमेटियों ने इसे अज्ञात लोगों की साजिश बताया है और संगठन का नाम दुरुपयोग करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. वहीं नगर परिषद कमिश्नर सुरेंद्र सिंह राजावत ने बताया कि बिना अनुमति लगाए गए इन पोस्टरों को हटा दिया गया है और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है.

मेवाराम के विरोधियों ने तो पोस्टर के माध्यम से अपनी भड़ास निकाल ली, लेकिन मेवाराम ने भी बाड़मेर पहुंचते ही विरोधियों को जवाब दे दिया। मेवाराम ने कहा कि कोर्ट से मुझे क्लीन चिट मिल चुकी है. फिर भी मेरे विरोधी घटिया राजनीति कर रहे हैं. यह कोई बीजेपी नहीं कर रही, ये काम कांग्रेस के अंदर से ही हो रहा है. मैं धमकियों से डरने वाला नहीं हूं. चाहे मार डालो, मैं कांग्रेस में ही रहूंगा. मेवाराम ने यहां तक कहा कि अगर चरित्र की बात है, तो विरोध करने वाले नेताओं को भी नार्को टेस्ट करा लो सच्चाई पता लग जाएगी.

मेवाराम : टाइमलान
7 जनवरी 2024 – मेवाराम जैन कांग्रेस से निष्कासित
20 दिसंबर 2023 – गैंगरेप केस दर्ज (जोधपुर में)
22 सितंबर 2025 – कांग्रेस में वापसी की घोषणा
24 सितंबर 2025 – नेताओं में नाराजगी, दिल्ली पहुंचे
27 सितंबर 2025 – बाड़मेर में पोस्टर वार शुरू

विरोध के चलते मेवाराम को जयपुर से बाड़मेर आते वक्त जानबूझकर रास्ता बदलते रहना पड़ा, क्योंकि उन्हें आशंका थी कि माहौल खराब करने की कोशिश हो सकती है. अब देखना होगा कि कांग्रेस इस अंदरूनी खींचतान और छवि को नुकसान पहुंचाने वाली राजनीति से कैसे निपटती है. सवाल ये है – क्या कांग्रेस में चल रही ये अंदरूनी खींचतान 2028 की तैयारी को कमजोर करेगी? और क्या मेवाराम जैन को वाकई मिल पाएगा संगठन का समर्थन? राजनीति गर्म है, लेकिन जवाब आने बाकी हैं.