VIDEO: विधानसभा में हंगामेदार प्रश्नकाल, सदन में छाया जर्जर स्कूलों का मुद्दा, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में आज हंगामेदार प्रश्नकाल रहा .  जर्जर स्कूल भवनों, सामाजिक सुरक्षा पेंशन और नोहर में रोडवेज डिपो के मुद्दों को लेकर जमकर हंगामा हुआ. विपक्ष और सरकार के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली. इस बीच विपक्ष ने सदन से  वॉक पुट भी किया . 

राजस्थान विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान तीन महत्त्वपूर्ण मुद्दे छाये रहे . सबसे अहम मुद्दा था प्रदेश के जर्जर स्कूलों का . भाजपा विधायक संदीप शर्मा ने यह मुद्दा उठाया था जिसके बाद पक्ष विपक्ष में बहस हुई . नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने जर्जर स्कूल भवनों का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि प्रदेश में कई स्कूल भवन बेहद खराब हालत में हैं, लेकिन सरकार का इस ओर कोई ध्यान नहीं है. हालात ऐसे हैं कि कई जगह मंदिरों और मुर्गी फार्म में स्कूल संचालित किए जा रहे हैं, जो बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है.इस पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने जवाब देते हुए कहा कि जितने भी जर्जर स्कूल भवन हैं, उन्हें जमींदोज किया जाएगा. उन्होंने कहा कि वार्षिक परीक्षाएं नजदीक हैं, इसलिए खराब भवनों को हटाना जरूरी है ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके. मंत्री ने बताया कि अब स्कूल भवनों के निर्माण और मरम्मत के लिए स्पष्ट समय-सीमा तय की जाएगी. साथ ही यह भी तय होगा कि कौनसी इमारत कब हटाई जानी है, ताकि जिम्मेदारी तय रहे.अब सभी स्कूल भवनों का पॉलिटेक्निक कॉलेज से थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाएगा.

प्रश्नकाल के दौरान सामाजिक सुरक्षा पेंशन और ओबीसी स्कॉलरशिप से जुड़े सवाल के जवाब के दौरान सदन का माहौल गर्मा गया. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने ओबीसी स्कॉलरशिप के आंकड़े को लेकर सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री के जवाब पर नाराजगी जाहिर की . मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा की विपक्ष पेंशन के नाम पर भ्रम पैदा कर रहा है तो जूली ने मंत्री पर चीखते हुए कहा- जवाब नहीं देना है तो हम यहां से चले जाते हैं. इस पर संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने आपत्ति जताते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष का इस तरह का बर्ताव ठीक नहीं है. इस दौरान फिर नोकझोंक शुरू हो गई. इसके बाद कांग्रेस विधायक सदन से वॉकआउट कर गए.

नोहर रोडवेज डिपो के मुद्दों को लेकर भी चर्चा हुई . इसी दौरान कांग्रेस शासन में घोषित छह रोडवेज डिपो को शुरू नहीं करने के मुद्दे पर भी सदन में जमकर बहस हुई. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और कांग्रेस विधायक अमित चाचाण ने परिवहन मंत्री से सवाल पूछते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय घोषित डिपो अब तक चालू क्यों नहीं किए गए. इस पर डिप्टी सीएम और परिवहन मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने बिना किसी वित्तीय प्रावधान के केवल घोषणाएं की थीं. उन्होंने कहा कि जमीन, बजट और संसाधनों की व्यवस्था किए बिना डिपो घोषित करना केवल जनता को गुमराह करने का प्रयास था. दोनों मुद्दों पर सदन में तीखी बहस के बीच कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित भी रही.