जयपुर : राजस्थान के विरासत के दर्शन का सैलानियों में आकर्षण बढ़ रहा है. उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी के विजन से विभाग को मजबूती मिली है. अब 1 करोड़ के जादुई आंकड़े से कुछ ही कदम की दूरी पर हैं. वर्ष 2025 में राजस्थान के स्मारक-संग्रहालयों में 85 लाख से अधिक पर्यटक पहुंचे.
पर्यटकों की संख्या 2024 की तुलना में करीब 7 लाख अधिक दर्ज की गई है. पर्यटक आगमन से पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग को 59.60 करोड़ रुपये राजस्व मिला. निदेशक कृष्ण कांता शर्मा की सतत मॉनिटरिंग और सुविधाओं के विस्तार से पर्यटन में वृद्धि हुई.
विश्व धरोहर आमेर महल में सर्वाधिक 20.56 लाख पर्यटकों ने भ्रमण किया. हवा महल 18.58 लाख पर्यटकों के साथ दूसरे स्थान पर दर्ज हुआ. जंतर-मंतर को 13.74 लाख पर्यटकों ने देखा, तीसरा प्रमुख स्मारक बना. जयपुर के 8 स्मारकों पर कुल पर्यटकों का 91.35 प्रतिशत आगमन दर्ज किया.
राजधानी जयपुर के बाहर स्थित 19 स्मारकों पर केवल 9.65 प्रतिशत पर्यटक पहुंचे. चित्तौड़गढ़ जयपुर के बाहर सबसे अधिक 4.78 लाख पर्यटकों वाला स्मारक रहा. कई संग्रहालयों में साल भर में एकल अंक में पर्यटक पहुंचे,विभाग ने गैर-लोकप्रिय स्मारकों को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास शुरू किए.