जयपुर: राजस्थान में स्मार्ट और सशक्त पुलिसिंग की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वित्त एवं विनियोग विधेयक 2026-27 पर जवाब देते हुए कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा पुलिसकर्मियों के कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं जिनका असर आने वाले दिनों में देखने को मिलेगा.
मुख्यमंत्री ने सदन में पुलिस आधुनिकीकरण का विस्तृत रोडमैप प्रस्तुत करते हुए स्पष्ट किया कि आगामी वित्तीय वर्ष राज्य में प्रभावी, त्वरित और तकनीक आधारित पुलिस व्यवस्था के लिए निर्णायक साबित होगा. सबसे अहम घोषणा पुलिस कैडर पुनर्गठन को लेकर की गई. तकनीकी संवर्ग के 7 हजार से अधिक कार्मिकों को पदोन्नति के अवसर मिलेंगे, जिससे वर्षों से लंबित विसंगतियों का समाधान होगा. इससे पुलिस बल का मनोबल बढ़ेगा और कार्यकुशलता में भी सुधार आएगा. आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए डायल 112/100 सेवाओं का थानों के साथ एकीकरण किया जाएगा. सरकार का लक्ष्य इमरजेंसी रिस्पॉन्स सपोर्ट सिस्टम (ERSS) का औसत रिस्पॉन्स टाइम, जो वर्तमान में 9.25 मिनट है, उसे और कम करना है.
इसके लिए 1,250 नए वाहनों की खरीद और 2,500 अतिरिक्त कार्मिकों की नियुक्ति की जाएगी. इससे गश्त और फील्ड मॉनिटरिंग तेज होगी तथा आमजन को त्वरित सहायता मिल सकेगी. महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ‘कालिका पेट्रोलिंग यूनिट’ का विस्तार किया जाएगा. वर्तमान 500 यूनिट्स की संख्या बढ़ाकर 600 की जाएगी, ताकि सार्वजनिक स्थलों पर महिलाओं की सुरक्षा और सुदृढ़ हो सके. महिला अपराधों के उन्मूलन पर विशेष फोकस रखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी और गश्त बढ़ाई जाएगी.
मुख्यमंत्री ने ‘राज्य विशेष पुलिस बल’ के गठन का भी प्रस्ताव रखा. यह विशेष बल विधानसभा, उच्च न्यायालय, लोकभवन, एयरपोर्ट और अन्य महत्वपूर्ण स्थलों की सुरक्षा के लिए तैनात किया जाएगा. इस बल को आधुनिक उपकरणों और हाई-टेक संसाधनों से लैस किया जाएगा तथा विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे संवेदनशील संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत हो सके.राज्य में पुलिस संरचना के विस्तार के तहत नए पुलिस वृत्त और थानों की स्थापना की जाएगी. लूणी (जोधपुर) और पीसांगन (अजमेर) सहित कई स्थानों पर नए थाने और कार्यालय खोले जाएंगे.
वहीं बारां, बाड़मेर और अलवर सहित विभिन्न जिलों में पुलिस चौकियों का क्रमोन्नयन कर उन्हें थानों में अपग्रेड किया जाएगा. इससे स्थानीय स्तर पर कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकेगापुलिसकर्मियों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए मैस भत्ते में वृद्धि की घोषणा भी की गई है. मैस भत्ते की राशि 2,700 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 2,850 रुपये प्रतिमाह कर दी गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल के आधुनिकीकरण के साथ-साथ उनके कल्याण को भी समान प्राथमिकता दी जाएगी.
कुल मिलाकर बजट 2026-27 को राजस्थान पुलिस के आधुनिकीकरण, सुदृढ़ीकरण और प्रभावी कानून-व्यवस्था की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है. सरकार का उद्देश्य तकनीक आधारित, जवाबदेह और जनहितैषी पुलिस व्यवस्था स्थापित करना है, जिससे प्रदेश में सुरक्षा का माहौल और मजबूत हो सके.