जयपुरः मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के रोम के दौरे में भारत और राजस्थान का सुशासन के मॉडल की धूम रही. मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अपने सिविल सर्विस के बेहतरीन अनुभव के साथ पीएम मोदी के विजन और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सोच को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उभारकर नई दिशा दी है. इससे न सिर्फ भारत और राजस्थान की ग्लोबल पहचान बनी है बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुशासन के नए मॉडल का रोडमैप और ब्ल्यूप्रिंट दिया है.
रोम में चार दिनों तक विकसित भारत और विकसित राजस्थान के पीएम मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के विजन की गूंज रही. EGPA सम्मेलन हो या इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव साइंसेज की बैठक. पोप से शुभाशीष लेना हो या फिर IFAD मुख्यालय में डेयरी सेक्टर के प्रोजेक्ट्स के लिए IFAD फाइनेंसिंग पर हुआ मंथन. हर जगह मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास के संतुलित विकास के दृष्टिकोण की गूंज रही और भारत व राजस्थान के सुशासन का मॉडल छाया रहा.
रोम दौरे में छाए राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास
वैश्विक मंच पर राजस्थान के सुशासन मॉडल की प्रस्तुति, AI और Next Generation Reforms पर दिया जोर
EGPA सम्मेलन में ‘Human Intelligence Serving the Global Community’ का संदेश, पोप लियो XIV से मुलाकात कर लिया राजस्थान और भारत के लिए आशीर्वाद
रोम की सैपिएंजा यूनिवर्सिटी में आयोजित 51वें यूरोपियन ग्रुप ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (EGPA) सम्मेलन में श्रीनिवास ने सार्वजनिक प्रशासन के भविष्य, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और नागरिक-केंद्रित शासन पर अपने विचार रखे.
सम्मेलन में 70 से अधिक देशों से 900 से ज्यादा प्रस्तुतियां प्राप्त हुईं. चार दिवसीय सम्मेलन में दुनिया भर के लोक प्रशासन विशेषज्ञों, अकादमिक जगत और प्रशासनिक पेशेवरों ने सार्वजनिक प्रशासन से जुड़े समकालीन मुद्दों पर विचार-विमर्श किया.
‘जनहित के लिए मानव बुद्धिमत्ता और तकनीक का समन्वय जरूरी’
IIAS अध्यक्ष के तौर पर अपने संबोधन में वी. श्रीनिवास ने “Public Governance for the Common Good – Human Intelligence Serving the Global Community” विषय को केंद्र में रखा.
उन्होंने कहा कि तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उद्देश्य केवल प्रशासन को डिजिटल बनाना नहीं, बल्कि नागरिकों के जीवन को आसान बनाना और जनहित में शासन को अधिक प्रभावी बनाना होना चाहिए.
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘Maximum Governance–Minimum Government’ और Next Generation Reforms के विजन को बताया और कहा कि डिजिटल रूप से सशक्त नागरिक और तकनीक से परिवर्तित संस्थान भविष्य के शासन की महत्वपूर्ण आवश्यकता हैं.
EGPA को नए दौर में ले जाने पर जोर
24 अगस्त को हुई EGPA स्टीयरिंग कमेटी की बैठक में भी श्रीनिवास ने संगठन के मौजूदा दौर को ऐतिहासिक पड़ाव बताते हुए कहा कि संगठन एक अग्रणी यूरोपीय लोक प्रशासन अकादमिक समूह के रूप में व्यापक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
उन्होंने EGPA में 16 PSG समूह, 4 Ad-hoc समूह और 9 विशेष पैनल गठित करने को लेकर अपने विजन को बताया.
इनमें लोक प्रशासन में AI, ई-गवर्नमेंट, सार्वजनिक क्षेत्र का प्रदर्शन, स्थानीय एवं क्षेत्रीय शासन, पुलिसिंग एवं सार्वजनिक सुरक्षा, प्रवासन, पर्यावरणीय स्थिरता, स्वास्थ्य नीति, कानून और लोक प्रशासन, रणनीतिक सरकारी प्रबंधन और सार्वजनिक नीति जैसे विषयों पर नई जरूरत के मुताबिक सक्रियता दिखाने पर जोर दिया.
श्रीनिवास ने यूरोप और दुनिया के अन्य क्षेत्रों के बीच अकादमिक सहयोग बढ़ाने, युवा शोधकर्ताओं और प्रशासनिक पेशेवरों की भागीदारी बढ़ाने तथा शोध और प्रशासनिक व्यवहार के बीच बेहतर सेतु विकसित करने की दिशा में काम करने को कहा.
अंतरराष्ट्रीय सिविल सेवकों की क्षमता निर्माण में भारत का मॉडल
अपने संबोधन में श्रीनिवास ने भारत के क्षमता निर्माण कार्यक्रमों का भी जिक्र करते हुए बताया कि राष्ट्रीय सुशासन केंद्र ने पिछले एक दशक में 34 देशों के अंतरराष्ट्रीय सिविल सेवकों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम संचालित किए हैं और 5,000 से अधिक अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया है.
उन्होंने कहा कि इस अनुभव के आधार पर भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्षमता निर्माण के क्षेत्र में एक मॉडल बन सकता है.
राजस्थान के सुशासन मॉडल को वैश्विक मंच पर रखा
EGPA सम्मेलन में श्रीनिवास ने राजस्थान में किए जा रहे प्रशासनिक सुधारों और तकनीक आधारित शासन व्यवस्था को विशेष रूप से सामने रखा. उन्होंने कहा कि राजस्थान का सुशासन मॉडल नागरिक-केंद्रितता, समग्र विकास और ‘सबका साथ-सबका विकास’ की सोच पर आधारित है.
उन्होंने राज काज एनालिटिक्स का उल्लेख करते हुए बताया कि तकनीक के जरिए विभागों के प्रदर्शन की रैंकिंग, रिकॉर्ड प्रबंधन और लंबित कार्यों के समयबद्ध निस्तारण को गति दी जा रही है.
राज उन्नति और मिशन राजीविका भी रहे उनके संबोधन के केन्द्र में
श्रीनिवास ने राजस्थान के राज उन्नति मॉडल जिक्र करते हुए बताया कि राज उन्नति के तहत 2.5 बिलियन रुपये से अधिक की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए बिजली, रेलवे तथा पेट्रोलियम क्षेत्र की महत्वपूर्ण परियोजनाओं को गति देने पर काम हुआ.
वहीं मिशन राजीविका को उन्होंने महिला आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण मॉडल बताया.
उन्होंने क्रेडिट, मार्केटिंग और स्किल लिंकेज को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया.
जनसंपर्क प्लेटफॉर्म से शिकायत निस्तारण का उदाहरण
श्रीनिवास ने राजस्थान जनसंपर्क प्लेटफॉर्म को बताते हुए यह उभारने की कोशिश की. कि तकनीक के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों के निस्तारण को अधिक प्रभावी और सुलभ बनाया जा सकता है.
उन्होंने इस दौरान डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, सिंगल साइन-ऑन पोर्टल, डिरेग्युलेशन, डिजिटलीकरण और कार्यालयों का आधुनिकीकरण प्रशासनिक दक्षता को लेकर अपनी सोच को बताया.
AI आधारित गवर्नेंस को बताया भविष्य के सुशासन की राह
अपने संबोधन में श्रीनिवास ने एआई आधारित शासन व्यवस्था का उदाहरण देते हुए स्मार्ट सिटी, स्मार्ट क्लासरूम, स्मार्ट पुलिस स्टेशन और डिजिटल सार्वजनिक अस्पताल को डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन का बड़ा हिस्सा बताया.
उन्होंने UMANG, Digital Public Infrastructure, WhatsApp आधारित सेवाओं, End-to-End Digitisation और आधार आधारित सेवाओं के जरिए नागरिक सेवाओं को अधिक सुलभ और आसान बनाने को कोशिशों को बताया.
उन्होने ई गवर्नेंस के जरिये कैसे अगली पीढ़ी के सुधारों का केंद्र नागरिक-केंद्रित शासन और तकनीक के जरिए नागरिकों तथा सरकार के बीच दूरी कम करने को लेकर काम किया गया, यह बताया.
विकसित भारत@2047 और विकसित राजस्थान-2047 का विजन
श्रीनिवास ने विकसित भारत@2047 और विकसित राजस्थान-2047 के विजन के तहत प्रशासनिक सुधारों का उद्देश्य केवल सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाना नहीं, बल्कि नागरिकों को अधिक सक्षम, सहभागी और डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के कदमों को बताया.
IIAS काउंसिल ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन की बैठक
बैठक में श्रीनिवास के साथ IIAS की प्रोफेसर सोफिएन शराओई और IIAS के डॉ. स्टीव ट्रूपिन मौजूद रहे और IIAS की अंतरराष्ट्रीय भूमिका को मजबूत करने और विभिन्न क्षेत्रों के बीच सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई.
पोप लियो XIV से मुलाकात, राजस्थान और भारत के लिए लिया आशीर्वाद
वेटिकन सिटी में एक अहम पड़ाव के रूप में वी. श्रीनिवास ने इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव साइंसेज के 520 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल के साथ पोप लियो XIV से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद और शुभाशीष प्राप्त किया.
उन्होंने बताया कि पोप ने मानवता की सेवा के लिए अपने वैश्विक प्रयास ‘Magnifica Humanitas’ में प्रतिनिधिमंडल को भी शामिल होने का आशीर्वाद दिया.
पोप लियो XIV ने IIAS के सदस्यों को संबोधित करते हुए डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मानवीय उपयोग पर जोर दिया. उन्होंने तकनीकी विकास को मानव जीवन, शांति और मानवता की सेवा से जोड़ने का संदेश दिया.
IFAD मुख्यालय में राजस्थान के डेयरी सेक्टर पर चर्चा
रोम में श्रीनिवास की IFAD मुख्यालय में हुई बैठक में राजस्थान के डेयरी सेक्टर से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर चर्चा हुई और राजस्थान में डेयरी क्षेत्र के विकास, प्रस्तावित परियोजनाओं और उनके लिए IFAD Financing की संभावनाओं पर मंथन किया गया.
रोम के पूरे दौरे के दौरान 8-10 प्रमुख इवेंट रहे. दौरे से राजस्थान की वैश्विक प्रशासनिक पहचान को नई मजबूती मिली है. इस दौरान प्रशासनिक सेवा के वैश्विक पटल पर उन्होंने भारत की नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन करते हुए उन्होंने अपने दौरे के दौरान संदेश दिया कि भारत पूरे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबका साथ-सबका विकास की संघीय लोकतंत्र की सोच के साथ भविष्य का सुप्रशासन मानव बुद्धिमत्ता और तकनीक के समन्वय से बनेगा और इस व्यवस्था के केंद्र में नागरिक और जनहित का स्थान सबसे ऊपर रहेगा.