VIDEO: चर्चाओं में चिकित्सा विभाग के सुपर एक्शन ! आरजीएचएस में अनियमितता के प्रकरण में फिर बड़ी कार्रवाई, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: भजनलाल सरकार की महत्वाकांशी योजनाओं में से एक आरजीएचएस में अनियमितताओं को लेकर चिकित्सा विभाग लगातार सख्ती कर रहा है.ताजा मामला सीकर जिले में सामने आया है, जहां फर्जीवाड़ा करके 315 क्लेम बनाने वाले SB मित्तल मेमोरियल हार्ट एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल को योजना से निलम्बित किया गया है.इसके साथ ही अस्पताल की तरफ से पेश क्लेम के आधार पर विस्तृत जांच भी शुरू की गई है.

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के पारदर्शी एवं जवाबदेह शासन के संकल्प तथा चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के निर्देशों के अनुरूप राजस्थान गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम यानी आरजीएचएस में दावों की निगरानी और दस्तावेजों के सत्यापन पर विशेष फोकस शुरू किया गया है.एआई आधारित निगरानी, आंकड़ा विश्लेषण, दावों की जांच तथा दस्तावेजों के सत्यापन के माध्यम से असामान्य और संदिग्ध पैटर्न वाले क्लेम की पहचान की जा रही है.

इसी क्रम में सीकर स्थित एस.बी. मित्तल मेमोरियल हार्ट एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल को आरजीएचएस से निलंबित किया गया है.प्रमुख चिकित्सा सचिव गायत्री राठौड़ ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आरजीएचएस में दावों की जांच और दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया लगातार सुदृढ़ की जा रही है. आरजीएचएस परियोजना अधिकारी डॉ. निधि पटेल की टीम की निगरानी के दौरान संबंधित प्रकरण में कुछ दावे प्रथमदृष्टया संदिग्ध पाए गए। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई है.

जो डॉक्टर छोड़ी चुकी अस्पताल,उसके नाम से पेश किए क्लेम !:
-आरजीएचएस में गड़बड़झाले को लेकर चिकित्सा विभाग का एक्शन
-सीकर का SB मित्तल मेमोरियल हार्ट एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल निलंबित
-प्रमुख चिकित्सा सचिव गायत्री राठौड़ ने कार्रवाई को लेकर दी जानकारी
-उन्होंने बताया कि आरजीएचएस में पेश किए जा रहे दावों की जांच और
-दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया लगातार सुदृढ़ की जा रही है
-आरजीएचएस परियोजना अधिकारी डॉ. निधि पटेल की टीम को ये जिम्मेदारी दी है
-इस दौरान कुछ दावे प्रथमदृष्टया संदिग्ध पाए गए, जिस पर एक्शन लिया गया है
-सीकर के अस्पताल में कार्यरत रहीं डॉ. अलका आर्य ने 20 अप्रैल 2026 को दिया था त्यागपत्र
-वे जून 2026 से अन्य संस्था में चिकित्सा सलाहकार के रूप में कार्यरत थीं
-इसके बावजूद 17 जून, 21 जून तथा इसके बाद भी उन्हें अस्पताल में कार्यरत दिखाया गया
-साथ ही उनके नाम से मरीज उपचाररत दर्शाते हुए आरजीएचएस में क्लेम भी पेश किए गए
-जांच में उनके नाम से 227 ओपीडी रोगी तथा 88 इनडोर एवं डे-केयर में मरीज दर्शाए गए
-इन सभी 315 उपचार क्लेम की कुल दावा राशि 1,42,489 रुपये दर्ज की गई
-ऐसे में अस्पताल पर कार्रवाई करने के साथ ही दावों के अन्य तथ्यों की भी जांच की जा रही है

पहले कारण बताओ नोटिस, जवाब नहीं मिलने पर अब "निलम्बन":
-आरजीएचएस में गड़बड़झाले को लेकर चिकित्सा विभाग का एक्शन
-सीकर का SB मित्तल मेमोरियल हार्ट एंड क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल निलंबित
-प्रमुख चिकित्सा सचिव गायत्री राठौड़ ने कार्रवाई को लेकर दी जानकारी
-उन्होंने बताया कि गलत क्लेम के प्रकरणों पर अस्पताल को जारी किया गया था नोटिस
-लेकिन अस्पताल प्रशासन ने निर्धारित अवधि में नोटिस का जवाब तक नहीं दिया
-ऐसे में अस्पताल को आरजीएचएस से निलंबित करने के साथ ही आगे कार्रवाई शुरू की गई है

आरजीएचएस परियोजना अधिकारी डॉ. निधि पटेल ने कार्रवाई को लेकर बताया कि लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने के साथ योजना की राशि का पारदर्शी, उचित और निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप उपयोग सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिकता है. चिकित्सक के नाम, मुहर, हस्ताक्षर अथवा डिजिटल पहचान के संभावित दुरुपयोग से जुड़े मामलों की गंभीरता से जांच की जा रही है, जिसमें जो भी दोषी पाया जा रहा है उस पर एक्शन ले रहे है.