VIDEO: निकाय चुनाव की जंग, कांग्रेस आज से सिंबल वितरण कर देगी शुरू, गुटबाजी और बगावत से बचने के लिए लिस्ट नहीं होगी जारी, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: निकाय चुनाव की जंग के योद्धाओं के चयन का काम अब कांग्रेस में फाइनल स्टेज पर है.राय़शुमारी और बैठकों का दौर समाप्त होने के बाद कांग्रेस आज से सिंबल वितरण का काम शुरु कर देगी. आज प्रभारी और कॉर्डिनेटर सिंबल लेकर अपने प्रभार क्षेत्रों में फिर रवाना हो जाएंगे.वहीं गुटबाजी और बगावत से बचने के लिए कांग्रेस इस बार प्रत्याशियों की सूची सार्वजनिक  नहीं करने का भी प्लान बना रही है.

निकाय चुनाव का रण फतह करने में जुटी कांग्रेस अब आज से टिकट वितरण की प्रक्रिया शुरु कर देगी.ऑनलाइन आवेदन और कई दौर के मंथन के बाद अब कांग्रेस प्रत्याशी चयन की फाइनल स्टेज पर पहुंच चुकी है. आज से कांग्रेस अपने सिंबल वितरण का काम शुरु कर देगी.पीसीसी जिला प्रभारियों और विधानसभा इलेक्शन कोऑर्डिनेटर को आज सिंबल का लिफाफा हैंडओवर कर देगी.फिर प्रभारी और कोऑर्डिनेटर अपने प्रभार वाले जिलों औऱ विधानसभा के लिए रवाना हो जाएंगे.

निकाय चुनाव की जंग: 
-आज से कांग्रेस टिकट वितरण कर देगी शुरु
-जिला प्रभारियों और कोऑर्डिनेटर को कल दे दिए जाएंगे सिंबल
-सिंबल लेकर फिर प्रभारी और कोऑर्डिनेटर पहुंचेंगे प्रभार वाले क्षेत्र में
-जिला अध्यक्ष के जरिए फिर आगे सिंबल किए जाएगे वितरण
-गुटबाजी और बगावत से बचने के लिए कांग्रेस नहीं करेगी लिस्ट सार्वजनिक
-क्योंकि 10 हजार 245 वार्ड पार्षद के लिए आए 60 हजार ऑफलाइन और ऑनलाइन आवेदन
-इसलिए आधिकारिक रूप से प्रत्याशियों की सूची कांग्रेस पहले नहीं करेगी जारी
-नामांकन के आखिरी दिन सीधे रिटर्निंग ऑफिसर को सिंबल कराए जाएंगे जमा

सामने आ रहा है कि करीब 80 फीसदी प्रत्याशियों के चयन के काम को कांग्रेस निपटा चुकी है.लेकिन दिग्गज नेताओं की सलाह पर लिस्ट जारी नहीं करने के बजाय सीधे सिंबल रिटर्निंग ऑफिसर को जमा कराने का फार्मूला लागू किया है.इसके पीछे मकसद है कि जो टिकट की रेस में दावेदार है उन्हें लास्ट तक कन्फ्यूज रखते हुए निर्दलीय मैदान में नहीं उतरने दिया जाए.साथ ही प्रदर्शन और पुतला दहन जैसे हालात सामने नहीं आए इसके लिए भी यह फार्मूला कारगर बताया गया है.

क्योंकि दस हजार 245 वार्ड पार्षद के लिए करीब 60 हजार ऑनलाइन और ऑफलाइन बंपर आवेदन आए हैं. हालांकि अभी तक कांग्रेस में गुटबाजी औऱ नाराजगी जैसी कोई बात सामने नहीं आई है.लेकिन प्रत्याशी तय करने के बाद कांग्रेस की असली अग्निपरीक्षा साबित होगी.अब देखते है डैमेज कंट्रोल के लिए जो सूची जारी नहीं करने का फार्मूला अपनाया गया है वो कितना कारगर साबित होता है.