VIDEO: राजस्थान में राज्यसभा की सियासत गरम, जानिए, कौन बनेगा कांग्रेस का उम्मीदवार ? देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: जून में राजस्थान के तीन राज्यसभा सांसदों का कार्यकाल खत्म होने जा रहा है.संख्या बल के हिसाब से दो सीट भाजपा औऱ एक सीट कांग्रेस के खाते में जाना तय है.कांग्रेस खेमे में अभी से राज्यसभा के लिए दावेदारों ने लॉबिंग शुरु कर दी है.भंवर जितेन्द्र सिंह,पवन खेड़ा,सीपी जोशी औऱ रफीक मंडेलिया सहित कईं नेता इसके लिए प्रयास कर रहे हैं. राजस्थान में तीन राज्यसभा सीटों पर मई माह में चुनाव होने हैं.लेकिन दावेदारी के चलते अभी से चुनाव की हलचल शुरू हो गई है.

आपको बता दे कि जून में भाजपा के रविंद्र सिंह बिट्टू और राजेन्द्र गहलोत के साथ कांग्रेस के नीरज डांगी का कार्यकाल समाप्त हो रहा है.संख्या बल के हिसाब से दो सीट भाजपा औऱ एक सीट कांग्रेस को मिलेगी.बात कांग्रेस की करें तो अभी से दावेदारों ने दिल्ली में  लॉबिंग शुरू कर दी है.हाईकमान औऱ उनके करीबियों के यहां टिकट के लिए हाजिरी लगाई जा रही है.वहीं कांग्रेस गलियारों में  संभावित उम्मीदवार कौन हो सकता है इसको लेकर अभी से चर्चाएं जोरों पर है.

राजस्थान के राज्यसभा चुनाव के रण: 
-तीन सीटों पर मई में होंगे राज्यसभा चुनाव
-नीरज डांगी का जून में हो रहा है कार्यकाल समाप्त
-लिहाजा कांग्रेस में दावेदारों ने अभी से लॉबिंग की शुरू
-कईं नेता राजस्थान से राज्यसभा प्रत्याशी के लिए कर रहे है दावेदारी
-भंवर जितेन्द्र,पवन खेड़ा,सीपी जोशी औऱ रफीक मंडेलिया कर रहे है प्रयास
-वहीं नीरज डांगी भी रिपीट के लिए कर रहे है फिर कोशिश
-स्थानीय चेहरे को इस बार मौका देने के प्रबल आसार
-हिमाचल-हरियाणा की तरह चौंकाने वाला नया चेहरे भी आ सकता है सामने
-लेकिन अंतिम फैसला उम्मीदवार का होगा दस जनपथ से

अब दावेदारी के बीच यह सवाल भी है कि कांग्रेस इस बार किसी स्थानीय नेता को मौका देगी या फिर किसी बाहरी चेहरे पर दांव खेलेगी.लेकिन ज्यादा संभावना यही है कि इस दफा राजस्थान के नेता को ही राज्यसभा भेजा जा सकता है.क्योंकि अभी केवल अकेले नीरज डांगी को छोड़कर  कांग्रेस के अन्य सारे राज्यसभा सांसद बाहर से है.ऐसे में एक सांसद राजस्थान से रखने वाला फैसला कांग्रेस हाईकमान कर सकता है.दावेदारी कर रहे पवन खेड़ा मेवाड़ से आते है तो वहीं भंवर जितेन्द्र सिंह गांधी परिवार के बेहद करीबी है.वहीं कांग्रेस का परंपरागत वोट बैंक अल्पसंख्यक वर्ग भी इस बार मौका देने की जोरदार वकालत कर रहा है.ऐसे में कई चुनाव हार चुके रफीक मंडेलिया भी हाथ पांव मार रहे हैं.


 
वहीं हिमाचल औऱ हरियाणा में लो प्रोफाइल नेताओं को मौका देने के चलते राजस्थान के किसी नए चेहरे को मौका देने की भी अटकलें अब तेज चुकी है.उधर नीरज डांगी भी फिर से रिपीट होने के लिए प्रयासों में जुटे हुए हैं.वहीं हाईकमान ने दावेदारी के बीच संभावित प्रत्याशी के लिए मंथन भी शुरू कर दिया है.अब देखना है कि आखिर में हाईकमान क्या फैसला लेता है और किसे प्रत्याशी बनाता है.