केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले बोले- राजस्थान सरकार यहां बेहतर काम कर रही, गांव से गरीबी हटाने का काम हो रहा

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले बोले- राजस्थान सरकार यहां बेहतर काम कर रही, गांव से गरीबी हटाने का काम हो रहा

जयपुर : CJP के आंदोलन को लेकर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि पुलिस वाले एक दम लाठीचार्ज नहीं करते. पुलिस की लाठियां हमने भी बहुत बार खाई है. जब पुलिस पर पथराव होता है. या बैरिकेडिंग तोड़ कर आगे भागने का प्रयास करते हैं. मेरा अनुभव है कि आंदोलनकर्ता की गलती से लाठीचार्ज होता है. 

25 दिन तक आंदोलन चलता रहा लेकिन लाठीचार्ज नहीं हुआ.लेकिन रैली के दौरान आंदोलनकारियों ने गलती की तभी लाठीचार्ज हुआ. बैरिकेडिंग तोड़कर संसद की तरफ भागने का प्रयास किया था. हर बार माफी मांगों-माफी मांगों यह बात भी सही नहीं है. CJP के दीपके मेरे यहां से ही है, उन्होंने प्रदर्शन भी किया. मोदी ने सबको माफ करने के लिए कहा है.

भी आंदोलन करके यहां पहुंचा हूं:
किसी भी स्टूडेंट्स के खिलाफ मामला दर्ज नहीं करने के लिए कहा. मेरा निवेदन है कि कोई भी कानून हाथ में ना ले. हमने कठोर कानून बनाया, सभी मांगें मानी. एक लड़की ने पीएम को अपशब्द बोले, पीएम ने उसे भी माफ किया. मैं भी आंदोलन करके यहां पहुंचा हूं. लाठीचार्ज यूं ही नहीं होता. मुझे भी पता है, पर मैं लाठीचार्ज का समर्थन नहीं करता.

RPI उमीदवार उतारेगीः
संसद भवन तक मार्च करना भी गलत है. जिस पुलिसकर्मी ने गलती की, उन पर भी कार्रवाई हो रही है. रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) राजस्थान के नगर निकाय चुनाव लड़ेगी.  बीजेपी के साथ मिलकर राजस्थान के नगर निकाय चुनाव लड़ेगी. कुछ जगह RPI उमीदवार उतारेगी और बाकी जगह BJP का सपोर्ट किया जाएगा. इसके लिए भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष से भी मुलाकात करेंगे. कितनी सीटों पर कौन लड़ेगा इसके लिए चर्चा करेंगे.   

राजस्थान सरकार यहां बेहतर काम कर रही:
उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान सरकार यहां बेहतर काम कर रही है. दलितों के लिए मुख्यमंत्री से मेरी मांग है कि गांव से गरीबी हटाने का काम हो रहा, यह बेहतर है. यह प्रयास होना चाहिए कि गांव का आदमी शहर नहीं आए. किसान को गांव में रोकने के लिए पांच-पांच एकड़ जमीन होनी चाहिए. ऐसा होगा तो किसान शहर में नहीं आएगा. मुख्यमंत्री को इस संबंध में जल्द ही पत्र लिखूंगा. एक एक्सपर्ट कमेटी का गठन होना चाहिए. यह कमेटी सर्वे करे कि कितने लोग भूमिहीन है. ऐसे किसान को जमीन मिलेगी तो वह गांव में ही धंधा करेगा.