जयपुर: जयपुर की लाइफ लाइन रहे रामगढ़ बांध में कृत्रिम बारिश की तैयारी है और सब कुछ सही रहा तो शुरूआत माह के अंत तक हो सकती है. बांध में इस मानसून करीब एक माह तक कृत्रिम बारिश करवाकर भरने का प्रयास होगा. राजस्थान में यह पहला प्रयास होगा कि किसी बांध में कृत्रिम बारिश होगी. अमेरिकी कंपनी ने पहले चरण में डेटा कलेक्शन का काम शुरू कर दिया. माना जा रहा है कि इस माह के अंत तक पहला प्रयास किया जाएगा. कंपनी कैसे करवाएगी बारिश और क्या होगा.
रामगढ़ बांध को भरने के लिए प्रयासरत भजनलाल सरकार बांध पर कृत्रिम बारिश की तैयारी में है. कृषि विभाग के माध्यम से बांध पर कृत्रिम बारिश करवाई जाएगी. कृषि मंत्री डा. किरोड़ीलाल मीणा करीब एक माह पहले ही अमेरिकी कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर चुके हैं और विभाग की मंजूरी भी मिल चुकी. यह पहला मौका होगा कि प्रदेश वासियों को किसी बांध पर कृत्रिम बारिश होती दिखाई देगी. और पहली बार ऐसा होगा कि कृत्रिम बारिश में ड्रोन का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे पहले चेन्नई में कृत्रिम बारिश के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया गया था.
-पांच विभागों की सहमति के बाद रामगढ़ बांध पर होगी कृत्रिम बारिश
-IMD, DGCA, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जिला प्रशासन और WRD देगा सहमति
-IMD से डाला लेकर कंपनी करवाएगी क्लाउड सीडिंग
-सोडियम क्लोराइड का इस्तेमाल होगा कृत्रिम बारिश में
-अमेरिकी कंपनी के प्रतिनिधि रामगढ़ बांध का कर रहे निरीक्षण
-एक माह तक लगातार बादलों में डाला जाएगा सोडियम क्लोराइड
-AI तकनीक के माध्यम से ड्रोन डालेगा बादलों में सोडियम क्लोराइड
-AI के माध्यम से सेटेलाइट से भी डेटा कलेक्ट किया जाएगा
-आसमान में 30 से 40 हजार मीटर की ऊंचाई तक जाएगा ड्रोन
-इस माह के अंत तक बांध में पहली कृत्रिम बारिश की तैयारी
-जिला कलक्टर जयपुर ने हाल ही सभी विभागों की ली संयुक्त बैठक
-एक माह तक कृत्रिम बारिश के दौरान पूरा डेटा रिकॉर्ड किया जाएगा
-सप्ताहभर के भीतर अमेरिका के सीनियर वैज्ञानिक जयपुर पहुंचेंगे
-कृत्रिम बारिश के लिए ताइवान से मंगवाया जा रहा ड्रोन
-कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा की हो चुकी कंपनी प्रतिनिधियों के साथ बैठक
रामगढ़ बांध पहला बांध होगा, जहां देशभर में ड्रोन से कृत्रिम बारिश करवाने का प्रयास किया जा रहा है. कृषि विभाग की मानें तो सभी विभागों के स्वीकृति मिलने के बाद इस माह के अंत तक (30 जुलाई) को पहला प्रयास किया जाना प्रस्तावित है. अभी रामगढ़ बांध के केचमेंट एरिया का निरीक्षण किया जा रहा है. बांध के तीन से चार किलोमीटर के दायरे में कृत्रिम बारिश करवाई जा सकती है. कृत्रिम बारिश करवाने के लिए पांच विभागों की सहमति के बाद जरूरी है. IMD, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की सैद्धांतिक सहमति मिलने की बात सामने आ रही है और इस मामले पर जिला कलेक्टर बैठक तक कर चुके हैं. अब तो सबसे महत्वपूर्ण स्वीकृति DGCA की मानी जा रही है और उसी के बाद कृत्रिम बारिश करवाई जा सकेगी.
रामगढ़ बांध को भरने के प्रयास के तहत कृत्रिम बारिश के लिए ताइवान से ड्रोन मंगवाया गया है, जो सप्ताहभर में पहुंच जाएगी. पहले इस ड्रोन को बांध पर खाली उड़ाकर जांच होगी और यह देखा जाएगा कि कितने एरिया को कवर करना है ताकि स्थानीय लोगों को परेशानी नहीं हो. उसके बाद कृत्रिम बारिश करवाई जा सकेगी.