जयपुर: राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विवि ने निर्धारित मापदंड पर खरा नहीं उतरने वाले फार्मेसी कॉलेजों पर कार्रवाई का बड़ा डंडा चलाया है.नियमानुसार टीचिंग फैकल्टी, नॉन टीचिंग स्टाफ, योग्य प्राचार्य नहीं होने जैसी खामियों को देखते हुए प्रदेश के पांच कॉलेजों के आवेदन को खारिज किया है.इसके साथ ही 12 निजी फार्मेसी कॉलेजों में वर्ष 2025-26 का सेशन जीरो घोषित किया है. दरअसल, प्रदेश में डिप्लोमा इन फार्मेंसी समेत अन्य कोर्सेज के लिए विवि प्रशासन ने कई मापदण्ड तय कर रखे है.
इसमें सबसे जरूरी है कॉलेज के लिए पर्याप्त भूमि और इंफ्रास्ट्रक्चर, टीचिंग फैकल्टी.कई बार चेतावनी के बावजूद जब कॉलेजों ने इस प्रावधानों पर ध्यान नहीं दिया तो इस बार विवि ने सख्ती दिखाते हुए वर्ष 2025-26 की प्रवेश प्रक्रिया में 12 कॉलेजों का जीरो सेशन के दायरे में डाल दिया है.यानी इन कॉलेजों में वर्ष 2025-26 में किसी भी छात्र को डी फार्मा कोर्स में प्रवेश नहीं दिया जाएगा.इसके साथ ही डिप्लोमा इन फार्मेसी के 5 कॉलेजों के आवेदन को सिरे से खारिज कर दिया है.
मापदण्ड पर खरे नहीं उतरे फार्मेसी कॉलेजों पर RUHS का एक्शन:
-प्रदेश के 5 डिप्लोमा इन फार्मेसी कॉलेजों के आवेदन को किया गया खारिज
-विवि प्रशासन ने मापदण्ड पूरे नहीं होने पर DAV कॉलेज ऑफ फार्मेंसी पीलीबंगा, हनुमानगढ,
-माधव कॉलेज ऑफ फार्मेंसी धाखडखेडी कोटा, श्रीस्वामीनारायण कॉलेज ऑफ फार्मेंसी भीनमाल,
-श्रीओँकार लाल कॉलेज ऑफ फार्मेंसी बारां, वरदान फार्मेंसी कॉलेज चित्तौड़गढ़ का आवेदन किया खारिज
12 फार्मेंसी कॉलेज में 2025-26 का शैक्षणिक सत्र "जीरो":
-जिन कॉलेजों में जीरो सेशन किया गया, उनमें बीपीएस फार्मेंसी कॉलेज सीकर,
-गोदारा कॉलेज ऑफ फार्मेंसी हनुमानगढ़, लोटस कॉलेज ऑफ फार्मेंसी भीलवाड़ा,
-मां वैष्णवी एजुकेशन इंस्टीट्यूट एण्ड रिसर्च संस्थान,बारां,मरूधरा कॉलेज ऑफ फार्मेंसी लक्ष्मणगढ़,
-मदर टैरेसा कॉलेज ऑफ फार्मेंसी रेनवाल मांजी, न्यू सैनिक कॉलेज ऑफ फार्मेंसी जयपुर,
-ओम शिव फार्मेंसी कॉलेज निम्बाहेडा चित्तौडगढ़, रूपरजत इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेंसी ब्यावर,
-श्रीकानीराम फार्मेंसी कॉलेज बाडमेर, श्री श्याम कॉलेज ऑफ फार्मेंसी हनुमानगढ़,
-श्रीमति पन्नादेवी रामेश्वरलाल शर्मा कॉलेज ऑफ फार्मेंसी झुंझुनूं का नाम शामिल
विवि प्रशासन की तरफ से फार्मेंसी कॉलेजों के खिलाफ ये दूसरी बड़ी कार्रवाई है.इससे पहले भी विवि 20 अगस्त को दस फार्मेसी कॉलेजों पर कार्रवाई का डंडा चला चुका है.इस दौरान 7 डिप्लोमा इन फार्मेसी कॉलेजों में 2025-26 का सेशन जीरो किया गया, जबकि तीन अन्य फार्मेसी कॉलेजों के आवेदन को खारिज किया गया.विवि प्रशासन की इस सख्ती के बाद अब सभी फार्मेंसी कॉलेज संचालकों में खलबली का माहौल है.अधिकांश कॉलेज संचालकों में अपने यहां के शॉर्टफॉल को दुरूस्त करने की दिशा में काम करना शुरू कर दिया है.