SMS के ट्रॉमा सेंटर दुखांतिका, अशोक गहलोत ने की न्यायिक आयोग गठन करने की मांग, कहा-यह बेहद अफसोसजनक है

SMS के ट्रॉमा सेंटर दुखांतिका, अशोक गहलोत ने की न्यायिक आयोग गठन करने की मांग, कहा-यह बेहद अफसोसजनक है

जयपुर: SMS के ट्रॉमा सेंटर दुखांतिका को लेकर कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने न्यायिक आयोग गठन करने की मांग की है. अशोक गहलोत ने SMS के ट्रॉमा सेंटर का जायजा लिया. ट्रॉमा सेंटर ICU में हुए अग्निकांड की जानकारी ली. इस हादसे में जान गंवाने वाले मरीजों के परिजनों से मुलाकात कर हिम्मत बंधाई. अशोक गहलोत ने कहा कि यह बेहद अफसोसजनक है. इन परिजनों में राज्य सरकार द्वारा इनके साथ किए गए व्यवहार के प्रति रोष है. क्योंकि सरकार ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई. परिजनों ने बताया कि उनसे अभी तक सरकार के किसी प्रतिनिधि ने बात नहीं की. सरकार को अविलंब परिजनों से बात करते हुए इन्हें संतुष्ट करना चाहिए. पीड़ितों को न्याय के लिए एक न्यायिक आयोग का गठन करना चाहिए.

SMS के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की घटना दुखद: 
SMS के ट्रॉमा सेंटर में आग लगने की दुखद घटना सामने आई है. उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने घटना को लेकर गहरी संवेदना जताते हुए कहा कि मरीजों की जनहानि का समाचार अत्यंत दु:खद और पीड़ादायक है. हादसे की सूचना के बाद चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ का दौरा स्थगित किया. ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए की प्रार्थना की. शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की. वहीं हादसे में घायलों के शीघ्र ठीक होने की कामना की. आपको बता दें कि SMS अस्पताल भीषण अग्निकांड में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ गई है. ट्रोमा सेंटर के दर्दनाक हादसे में 6 मरीजों ने जान गंवाई है. अग्निकांड के मृतकों के नाम सामने आ गए हैं.

SMS मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल ने क्या बताया?
SMS मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. दीपक माहेश्वरी ने इस घटना को लेकर कहा कि घटना के वक्त वार्ड में 11 से 12 मरीज मौजूद थे. सभी मरीजों को वार्ड से शिफ्ट किया गया है. पहले फेज के 5-6 मरीजों को निकाला गया. 4-5 मरीजों को बर्न इंजरी हुई है.

SMS अस्पताल प्रशासन की बड़ी लापरवाही उजागर:
इस अग्निकांड में SMS अस्पताल प्रशासन की बड़ी लापरवाही उजागर हो गई है. ICU धुआं-धुआं होता रहा लेकिन जिम्मेदारों ने सुध नहीं ली. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक करीब 11:20 बजे के आसपास ICU में धुआं दिखने लगा था. इस बारे में परिजनों ने मौजूद स्टाफ और चिकित्सकों को सूचना दी. लेकिन इसके बावजूद तत्काल कोई एक्शन नहीं लिया गया. और देखते ही देखते आधे घंटे के भीतर आग ने विकराल रूप ले लिया और 11 मरीज फंस गए.  हालांकि इस दौरान 3 से 4 मरीजों को बाहर निकाला गया. लेकिन फिर भी 6 से 7 मरीज आग की लपट और धुआं में फंस गए. संभवतया अंत में बड़ी जद्दोजहद में निकाले 6 से 7 मरीजों में से ही 6 ने जान गंवाई. इससे पहले भी SMS अस्पताल में  आग लगने की घटनाओं की बड़ी लापरवाही उजागर हो चुकी है.