जयपुरः 8वें वेतन आयोग की टीम ने सोमवार को जयपुर में केंद्रीय कर्मचारियों, कर्मचारी संगठनों, अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन संवाद किया. जयपुर के आईटीसी राजपूताना में आयोग की टीम ने अलग-अलग कर्मचारी संगठनों और एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों से सीधी मुलाकात कर नए वेतनमान को लेकर सुझाव और समस्याएं सुनीं. आयोग को राज्य सरकार की ओर से भी प्रेजेंटेशन दिया गया. इसमें वेतन से जुड़े बिंदुओं को लेकर विसंगतियों को दूर करने की बात कही गई.
आठवें वेतन आयोग के साथ अलग-अलग संगठनों के संवाद के दौरान तरह-तरह की विसंगतियों को दूर करने को लेकर सुझाव रखे गए.
बैठक में अभय कुमार ने राज्य सरकार की ओर से और समिति शर्मा ने IAS एसोसिएशन की ओर से प्रजेंटेशन दिया.
परिस्थितियों के हिसाब से दुर्गम क्षेत्र में होने वाली पोस्टिंग के आधार पर और अतिरिक्त चार्ज मिलने के आधार पर अलग भत्ता देने सहित कुछ बिंदुओं पर अपनी बात कही गई.
8वें वेतन आयोग की टीम के सामने IAS एसोसिएशन ने रखा अपना पक्ष
IAS एसोसिएशन ने अधिकारियों की चुनौतियों को आयोग के सामने रखा
IAS कैडर की सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रयास करने की मांग
कैडर से जुड़ी चुनौतियों को कम करने और कार्य परिस्थितियों में सुधार की मांग
डिजिटलाइजेशन के दौर में अधिकारियों के अलाउंस बढ़ाने का सुझाव
जोखिम और दुर्गम स्थानों पर पोस्टिंग व अतिरिक्त चार्ज देने पर अतिरिक्त अलाउंस
IAS अधिकारियों को उच्च शिक्षा के लिए और अधिक प्रोत्साहित करने की मांग
स्ट्रेस के चलते कई IAS अधिकारी जल्दी रिटायरमेंट लेते हैं
अधिकारियों की सेवा से जुड़ी चुनौतियों और तनाव को कम करने की जरूरत
सेवा में आने से पहले ही अधिकारियों को संभावित चुनौतियों की जानकारी देने का सुझाव
बेहतर काम करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों को मिलने वाले अवार्ड और उपलब्धियों को प्रमोट करने पर जोर देने की मांग रखी
तनाव कम कर अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ काम करने का माहौल देने की बात
अधिकारियों की कार्यक्षमता और प्रशासनिक सेवाओं को बेहतर बनाने पर फोकस जरूरी होने की बात रखी
आयोग की टीम ने करीब 31 कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से संवाद किया.
इस दौरान फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम मूल वेतन, वार्षिक वेतन वृद्धि, वेतन विसंगतियों, पदोन्नति और सेवा संबंधी समस्याओं सहित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई.
इसके बाद अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों और राज्य सरकार के प्रतिनिधियों के साथ प्रजेंटेशन और संवाद का दौर चला.
बैठक में एसीएस अभय कुमार, समित शर्मा, संदीप वर्मा, भवानी सिंह देथा, कुंजीलाल मीणा, वित्त सचिव व्यय टीना सोनी, संयुक्त सचिव धीरज सिंह और आयोजना सचिव रवि कुमार सुरपुर सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
वहीं आईपीएस एसोसिएशन और आईएफएस एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडलों से संवाद किया.
आईपीएस एसोसिएशन की ओर से आईपीएस संजय अग्रवाल, संजीब नारज़री, राजेश सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.
वहीं आईएफएस एसोसिएशन की ओर से अरिजीत बनर्जी सहित अन्य प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी.
संवाद के दौरान रेलवे इंजीनियर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने इंजीनियरों की पदोन्नति में आ रही समस्याओं और वेतन विसंगतियों का मुद्दा आयोग के सामने रखा. मेडिकल सेक्टर से जुड़े प्रतिनिधिमंडल ने ऑल इंडिया स्तर पर मेडिकल कर्मचारियों के वेतन-भत्तों में बढ़ोतरी और सुविधाओं से जुड़े मुद्दे उठाए.
पूर्व सैनिकों, सेवारत सैन्यकर्मियों और विभिन्न सैन्य कैडर के प्रतिनिधियों ने भी आयोग के सामने अपनी मांगें रखीं.
सूबेदार, नायब सूबेदार और अन्य कैडर के वेतन एवं ग्रेड पे में बढ़ोतरी के साथ सेवा संबंधी समस्याओं को दूर करने की मांग की गई.
वहीं अग्निवीरों को नियमित किए जाने का सुझाव भी प्रतिनिधियों की ओर से आयोग के समक्ष रखा गया.
पेंशनर्स के प्रतिनिधियों ने भी 8वें वेतन आयोग का लाभ देने और ग्रेड में बढ़ोतरी की मांग उठाई.
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि आयोग की टीम ने सभी प्रतिनिधियों की समस्याओं और सुझावों को वन-टू-वन संवाद के दौरान गंभीरता से सुना.
कर्मचारी संगठनों ने कहा कि आयोग की ओर से प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया गया कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें तैयार करते समय सामने आए मुद्दों और समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा.
इसके अलावा दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक एचसीएम रीपा में महिला प्रतिनिधियों के साथ संवाद का कार्यक्रम भी रखा गया है.
आयोग के प्रतिनिधिमंडल में सदस्य सचिव पंकज जैन, एडिशनल सेक्रेटरी बृजेंद्र नवनीत, संयुक्त सचिव नीरज कुमार गायानी, डायरेक्टर आनंद कुमार झा, कृष्ण वीआर और आशीष यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे.