केंद्र बनाम बंगाल सरकार: Mamta के सलाहकार अलपन पर गाज गिराने की तैयारी, कारण बताओ Notice जारी

केंद्र बनाम बंगाल सरकार: Mamta के सलाहकार अलपन पर गाज गिराने की तैयारी, कारण बताओ Notice जारी

केंद्र बनाम बंगाल सरकार: Mamta के सलाहकार अलपन पर गाज गिराने की तैयारी, कारण बताओ Notice जारी

नई दिल्ली: केंद्र सरकार (Central Government) ने पश्चिम बंगाल (West Bengal) के पूर्व मुख्य सचिव अलपन बंदोपाध्याय (Chief Secretary Alapan Bandopadhyay) को कारण बताओ नोटिस भेजा है. केंद्र सरकार ने तीन दिनों में अपना जवाब देने को कहा है. इसके अलावा अलपन के खिलाफ आपदा प्रबंधन एक्ट की धारा 51(b) भी लगाई है. बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी की बैठक में देरी से पहुंचने पर बंदोपाध्याय को कारण बताओ नोटिस भेजा गया है. 

केंद्र ने 15 मिनट इंतजार की कहानी बताई:
केंद्र ने एक चिट्ठी में लिखा कि पीएम मोदी (PM Modi) चक्रवात यास (Cyclone Yaas) से प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा करने कलाईकुंडा एयरफोर्स स्टेशन (Airforce Station) पहुंचे थे. इसके बाद यहां PM मोदी के साथ मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Chief Minister Mamata Banerjee) और मुख्य सचिव की बैठक होनी थी. इसके बाद पीएम मोदी को मीटिंग रूम में अधिकारियों के लिए 15 मिनट का इंतजार करना पड़ा था.

अधिकारियों ने मुख्य सचिव को फोन पर बैठक में शामिल होने या नही की बात पूछी थी:
इसके बाद अधिकारियों ने मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री (Chief Secretary and Chief Minister) को फोन लगाया और पूछा कि क्या वो बैठक में शामिल होंगे या नहीं. इसके बाद मुख्य सचिव और मुख्यमंत्री बैठक में पहुंचे और वहां से तुरंत निकल भी गए. इसे पीएम मोदी की समीक्षा बैठक में अनुपस्थित होना ही माना जाएगा. 

केंद्र ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी (PM Narendra Modi) राष्ट्रीय आपदा प्रबंध: प्राधिकरण (National Disaster Management Authority) के चेयरमैन भी हैं और अलपन बंदोपाध्याय की ये हरकत कानूनी तौर पर दिए गए दिशा निर्देशों के खिलाफ थी. इसलिए अलपन बंदोपाध्याय पर आपदा प्रबंधन एक्ट की धारा 51(b) भी लगा. केंद्रीय अधिकारियों ने कहा कि हमने अलपन बंदोपाध्याय से जवाब मांगा कि उन पर आपदा प्रबंधन एक्ट की धारा 51(b) लगाकर क्यों ना कार्रवाई की जाए. 

क्या है आपदा प्रबंधन एक्ट की धारा 51(b)?
केंद्र और राज्य के किसी भी अधिकारी को या इन सरकारों द्वारा अधिकृत व्यक्ति के कामों में बिना उचित कारण के बाधा डालने पर एक्शन लिया जा सकता है. इसके अलावा केंद्र, राज्य, राष्ट्रीय समिति (national committee) या राज्य की समिति की ओर से दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन ना करने पर भी कार्रवाई का प्रावधान है. इस एक्ट के तहत एक साल की जेल या जुर्माना या दोनों लगाया जा सकता है.
 
 

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