आपदा में देनी पड़ रही है अग्नि परीक्षा, कोरोना में बेराजगार हुए तो घर पर बिमारी ने घेरा

आपदा में देनी पड़ रही है अग्नि परीक्षा, कोरोना में बेराजगार हुए तो घर पर बिमारी ने घेरा

आपदा में देनी पड़ रही है अग्नि परीक्षा, कोरोना में बेराजगार हुए तो घर पर बिमारी ने घेरा

सीकर/खंडेला: देश में कोरोना (Covid) ने जमकर कहर बरपा रखा है. इसी बीच एक नई महामारी ब्लेक फंगस (Black Fungus) ने भी दस्तक दे दी है और लोगों को अपने आगोश में ले रही है. प्रदेश के लोग कोरोना महामारी के चलते बेराजगार है ऐसे में घर में महामारी लग जाए तो उसके लिए ये किसी अग्नि परीक्षा (Criterion Test) से कम नहीं होगी. ऐसे में पिछले साल से ही प्रदेश के स्कूल बंद पड़े है फिर चाहे वो सरकारी हो या निजी. स्कूल संचालकों को स्कूल बंद होने के कारण अपनी आजिविका चलाने में संकट हो रहा है. एक निजी स्कूल संचालक (Private School Operator) ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेज मदद की मांग की है. 

निजी स्कूल संचालक की माली हालत हुई खराब:
ऐसा ही एक मामला सामने आया है सीकर के खंड़ेला क्षेत्र का जहां पर एक निजी स्कूल संचालक एक तो वैसे ही स्कूलों के बंद होने के कारण बेरोजगार (Unemployed) है दूसरी ओर घर में मां को ब्लेक फंगस ने घेर लिया है. अब स्थिति ये है कि इस टीचर (Teacher) को इस संकट के काल में अग्नि परीक्षा से गुजरना पड़ रहा है. उसने अपनी मां के इलाज पर करीब 20 लाख (Twenty Lakh) रूपये खर्च कर दिए है. अब उसके पास इलाज के लिए पैसे नहीं है.

मुख्यमंत्री को पत्र भेज की मदद की मांग:
जानकारी के अनुसार खंडेला (Khandela) इलाके के सलेदीपुरा (निमेडा) निवासी पीड़ित स्कूल संचालक बताते है कि पिछले दिनों उनकी 65 वर्षीय मां कोरोना की चपेट में आई थी. कोरोना से ठीक होते ही मां को ब्लेक फंगस ने घेर लिया. बताते है कि उन्होंने अब तक अपनी मां के इलाज में 20 लाख रूपये लगा दिए है. और अब इस बिमारी की दवाइयां भी नही मिल रही है. जैसी तैसे कर अब भी इलाज जारी है. 

दिन ब दिन खराब हो रही है माली हालत:
इसके कारण उनकी घर की माली हालत (Financial Condition) दिन ब दिन खराब होती जा रही है. पीड़ित ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) को पत्र भेज कर मां के इलाज में हर संभव मदद करने और ब्लैक फंगस महामारी का समुचित इलाज करवाने तथा अपनी मां के इलाज के लिय नि:शुल्क दवाई (Free Medicine) उपलब्ध करवाने की मांग की है. पीड़िता के पुत्र ने उपखंड़ अधिकारि (SDM) के माध्यम से CM से संपर्क साधने की कोशिश की है. ज्ञापन प्रे​षीत कर मदद की मांग की है.

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