VIDEO: प्रशासन शहरों के संग अभियान में हो सकता गेम चेंजर, सरकार का अभियान में 10 लाख पट्टे बांटने का लक्ष्य

VIDEO: प्रशासन शहरों के संग अभियान में हो सकता गेम चेंजर, सरकार का अभियान में 10 लाख पट्टे बांटने का लक्ष्य

जयपुर: आगामी प्रशासन शहरों के संग अभियान में 10 लाख पट्टे देने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए शहरों की पुरानी आबादी क्षेत्र में पट्टा देना राज्य सरकार के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है. प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार का आगामी अभियान में इस पर खास फोकस रहेगा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस बार के बजट भाषण में घोषणा की थी कि प्रशासन शहरों के संग अभियान इस वर्ष 2 अक्टूबर से चलाया जाएगा. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल को लक्ष्य दिया है कि इस अभियान में 10 लाख पट्टे बांटे जाए.

इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए नगरीय विकास विभाग और स्वायत्त शासन विभाग की नजर शहरों में पुरानी बसावट के क्षेत्रों में पट्टे देने पर टिकी है. अभियान की तैयारियों को लेकर मंत्री शांति धारीवाल की अध्यक्षता में हाल ही हुई वीसी में भी इस मामले में चर्चा हुई. आपको बताते हैं कि शहरों में पुरानी आबादी के पट्टे देना अभियान की सफलता के लिए किस लिहाज से महत्वपूर्ण है और किस कानून व नियम के तहत यह पट्टे दिए जा सकते हैं. 

- प्रदेश के शहरों में पुरानी बसावट में कई वर्षों से रहने वाले अधिकतर लोगों के पास उनकी भूमि का सरकारी पट्टा नहीं है

-एक अनुमान के मुताबिक प्रदेश के शहरों में पुरानी आबादी क्षेत्र में करीब 25 लाख पट्टे बांटे जा सकते हैं

- प्रदेश की पिछली भाजपा सरकार के समय वर्ष 2015 में नगर पालिका अधिनियम में नई धारा 69 A जोड़ी गई थी

- इस धारा के तहत संबंधित शहरी निकाय पुरानी आबादी क्षेत्र में बरसों से रह रहे लोगों को पट्टे जारी कर सकते हैं

- इसके बावजूद पिछली भाजपा सरकार के समय इस धारा के तहत काफी कम संख्या में ही पट्टे जारी किए गए

- मौजूदा बिल्डिंग बायलॉज के विनियम संख्या 5.3 में शहरों की पुरानी आबादी क्षेत्र में भवन निर्माण स्वीकृति के प्रावधान दिए गए हैं

प्रशासन शहरों के संग अभियान की तैयारियों को लेकर हाल ही निकाय अधिकारियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने पुरानी आबादी क्षेत्र में अधिक से अधिक पट्टे देने के निर्देश दिए थे. मंत्री शांति धारीवाल का कहना है कि यह धारा एक जादुई धारा है जिसके इस्तेमाल से बड़ी संख्या में लोगों को पट्टे जारी किए जा सकते हैं. प्रदेश के शहरों की पुरानी बसावट में परंपरागत रूप से आवासीय और व्यवसायिक गतिविधियां आपस में घुली मिली हुई हैं. ऐसे में पुराने आबादी क्षेत्र में दुकान व मकान की प्राचीन परंपरा और स्थानीय लोगों की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए प्रशासन शहरों के संग अभियान में पट्टे जारी किए जाएंगे.

- बरसों से एक साथ चल रही आवासीय और व्यवसायिक गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए यहां मिक्स लैंड यूज का पट्टा देना एक महत्वपूर्ण विकल्प है 

-राज्य सरकार इस विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रही है

- लेकिन इस पुरानी आबादी क्षेत्र में नियम कायदों की धज्जियां उड़ा कर खड़ी की गई अवैध व्यवसायिक इमारतों का नियमन नहीं किया जाएगा

- इसी प्रकार गली में रास्तों में सड़क की भूमि पर किए अतिक्रमण का नियमन भी नहीं किया जाएगा

- पट्टा देने के लिए सिटी सर्वे रिकॉर्ड और मौके की स्थिति के अनुसार निकाय अधिकारी फैसला लेंगे

प्रशासन शहरों के संग अभियान के दौरान बाधाओं को दूर कर अधिक से अधिक लोगों को पट्टे देना राज्य सरकार की प्राथमिकता है. इसलिए इस बार ऐसे क्षेत्र को फोकस किया गया है जहां बड़ी तादाद में लोगों को राहत पहुंचाई जा सकती है. लेकिन इस उद्देश्य में सफलता तभी मिलेगी जब निकाय के अधिकारी भी उसी कमिटमेंट के साथ काम करें.

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