जयपुर Rajasthan News: राज्यपाल कलराज मिश्र ने लौटाए 3 विश्वविद्यालयों के बिल, उच्च स्तरीय कमेटी बनाने के दिए निर्देश; 3 साल में 6 विधेयक लौटा चुके

Rajasthan News: राज्यपाल कलराज मिश्र ने लौटाए 3 विश्वविद्यालयों के बिल, उच्च स्तरीय कमेटी बनाने के दिए निर्देश; 3 साल में 6 विधेयक लौटा चुके

Rajasthan News: राज्यपाल कलराज मिश्र ने लौटाए 3 विश्वविद्यालयों के बिल, उच्च स्तरीय कमेटी बनाने के दिए निर्देश; 3 साल में 6 विधेयक लौटा चुके

जयपुर: राज्यपाल कलराज मिश्र ने विधानसभा द्वारा पारित 3 निजी विश्वविद्यालयों के विधेयक वापस लौटा दिए हैं. राज्यपाल ने इन विश्वविद्यालयों की स्थापना में निर्धारित मानकों की अनदेखी किए जाने को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है. इस सम्बंध में राज्यपाल ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पत्र भी लिखा है. 

राज्यपाल कलराज मिश्र ने पन्द्रहवीं विधानसभा के सप्तम सत्र द्वारा पारित तीन निजी विश्वविद्यालयों के बिल लौटा दिए हैं. ये बिल ड्यून्स विश्वविद्यालय, जोधपुर,  व्यास विद्यापीठ विश्वविद्यालय, जोधपुर और सौरभ विश्वविद्यालय, हिन्डौन सिटी, करौली की स्थापना से जुड़े थे. राज्यपाल ने इन अलग-अलग विधेयकों को पुनर्विचार हेतु लौटा दिया है. 

राज्यपाल ने संविधान के अनुच्छेद 200 और उसके परन्तुक के अनुसरण में प्रस्तावित निजी विश्वविद्यालयों के इन विधेयकों को निर्धारित नियमों के अंतर्गत प्रक्रिया पूर्ण नहीं किए जाने के कारण लौटाया है. राज्यपाल ने कहा है कि इनकी पत्रावली देखने से स्पष्ट प्रतीत हो रहा है कि प्रस्तावित निजी विश्वविद्यालय भूमि, भवनों के निर्धारित नियमों की  बगैर पालना ही स्थापित किए जा रहे हैं. इनसे राज्य के राजस्व का भी सीधे तौर पर नुकसान होता प्रतीत हो रहा है.

उन्होंने बगैर भू रूपांतरण, भवन के बगैर संचालित पाठ्यक्रमों पर भी आपत्ति जताई है. राज्यपाल ने इस संबंध में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अलग से पत्र भी लिखा है. इसमें प्रस्तावित निजी विश्वविद्यालयों द्वारा निर्धारित नियमों के अंतर्गत भवन एवं भूमि तथा पाठ्यक्रमों के संचालन की प्रक्रिया पूर्ण नहीं किए जाने का उल्लेख किया है.

3 साल में महामहिम ने लौटाए 6 बिल, 3 पर अनिर्णय !
- अब 3 निजी विश्वविद्यालयों के विधेयकों को वापस लौटाया गया
- इससे पहले भी राज्यपाल वापस कर चुके हैं 3 बिल
- विवाह का अनिवार्य पंजीकरण अधिनियम को भेजा गया था
- इसमें बाल विवाह के भी पंजीयन होने सम्बंधी हुआ था विवाद
- विवाद के चलते राज्य सरकार ने खुद ही वापस मंगाया था यह बिल 
- एडवोकेट वैलफेयर फंड अधिनियम को भी वापस लौटाया गया था
- एडवोकेट की पंजीकरण फीस 1 लाख रुपए किए जाने पर था विवाद
- इसी तरह पत्रकारिता विश्वविद्यालय कुलपति की शैक्षिक योग्यता बिल भी लौटाया
- 20 वर्ष पत्रकारिता अनुभव को प्रोफेसर के समकक्ष माने जाने पर लौटाया
- विधानसभा द्वारा पारित 3 कृषि कानूनों पर राज्यपाल ने नहीं किया था निर्णय
- केन्द्र द्वारा लाए गए कृषि कानूनों के विरोध में राज्य सरकार ने किए थे पारित
- इन 3 कृषि कानूनों पर राज्यपाल ने नहीं किया था कोई निर्णय
- केन्द्र द्वारा कृषि कानून वापस लेने पर स्वत: ही निरस्त हो गए थे ये तीनों बिल

राज्यपाल कलराज मिश्र ने विधेयक पुनर्विचार के लिए मुख्यमंत्री को पत्र में लिखा है कि विधेयकों के संबंध में पत्रावलियों के अवलोकन से पता चलता है कि राज्य में यह जो निजी विश्वविद्यालय स्थापित हो रहे हैं, वे नियमों और समय समय पर जारी दिशा निर्देशों के अनुरूप नहीं हैं. उन्होंने निजी विश्वविद्यालयों की कमियों को सम्भागीय, राजस्व अधिकारियों की उच्च स्तर पर कमेटी गठित कर विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं. 

राज्य सरकार एक समग्र नीति निर्माण कर कार्यवाही करें:
राज्यपाल ने विधेयक लौटाते हुए पत्र में स्पष्ट कहा है कि निजी विश्वविद्यालय की स्थापना के संबंध में व्यापक विचार विमर्श कर राज्य सरकार एक समग्र नीति निर्माण कर कार्यवाही करें. उन्होंने राज्य हित में प्रस्तावित विश्वविद्यालयों की स्थापना की उच्च स्तर के राजस्व अधिकारियों और न्यायिक जांच करवाने के बाद ही स्थापित करने की कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं. जिससे कि यहां के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ अधिक से अधिक रोजगार के अवसर मिल सकें और राज्य के राजस्व की हानि नहीं हो.
 

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