जयपुर VIDEO : राजस्थान में बढ़ेगा विलेज टूरिज्म, ग्रामीण क्षेत्र में पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO : राजस्थान में बढ़ेगा विलेज टूरिज्म, ग्रामीण क्षेत्र में पर्यटन से बढ़ेंगे रोजगार, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने और रोजगार को प्रोत्साहित करने के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं. इससे राज्य में जहां पर्यटकों को आने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा. वहीं बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार के अवसर भी उपलब्ध होंगे. इसी कड़ी में प्रदेश की ग्रामीण पर्यटन नीति जारी की गई है जो मरुधरा के ग्रामीण अंचल की सौंधी खुशबू को विश्व भर में फैलाएगी.  मुख्यमंत्री अशोक गहलोत द्वारा राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये अत्यन्त महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं, जिसमें से बजट घोषणा वर्ष 2022-23 में राजस्थान ग्रामीण पर्यटन योजना प्रारम्भ किये जाने की घोषणा एक महत्वपूर्ण योजना है. इस योजना में राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन इकाइयां यथा ग्रामीण गेस्ट हाउस, कृषि पर्यटन इकाई, पेईंग गेस्ट यानी होम स्टे स्कीम, कैम्पिंग साईट एवं कैरावेन पार्क शामिल हैं. ग्रामीण पर्यटन योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में इन पर्यटन इकाइयों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिससे कि राजस्थान में आने वाले देशी-विदेशी पर्यटक राजस्थान की ग्रामीण संस्कृति से रूबरू हों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन के माध्यम से रोजगार के नये अवसर सृजित हों. आईए ग्राफिक्स के जरिए जानते हैं योजना की खास बातें: 

ग्रामीण पर्यटन नीति की विशेषताएं :
- गामीण पर्यटन इकाइयाँ म्युनिसिपल क्षेत्रों के बाहर का क्षेत्र जहाँ ग्राम पंचायतें कार्यरत है में अनुज्ञेय होगी
- योजना में ग्रामीण गेस्ट हाउस, कृषि पर्यटन इकाई, पेईंग गेस्ट स्कीम कैम्पिंग साईट एवं कैरावेन पार्क 
- ग्रामीण गेस्ट हाउस, कृषि पर्यटन इकाई, कैरावेन पार्क, कैम्पिंग साइट प्रोजेक्ट अनुमोदन एवं पंजीकरण 
- कृषि पर्यटन इकाई, कैरावेन पार्क एवं कैम्पिंग साइट का प्रोजेक्ट अनुमोदन 45 कार्यदिवस में किया जायेगा
- प्रोजेक्ट अनुमोदन के 3 वर्ष में निर्माण कार्य पूर्ण करना होगा, अनुमोदन के बाद पंजीकरण आवेदन किया जायेगा 
- पंजीकरण आवेदन प्राप्त होने पर TRC द्वारा 07 कार्यदिवस में अस्थायी पंजीकरण जारी किया जायेगा 
- अन्यथा इकाई का डीम्ड अनुमोदन माना जायेगा और आवेदक 6 माह तक इकाई का संचालन कर सकेगा
- अस्थायी पंजीकरण के बाद संबंधित अधिकारी द्वारा 03 माह में ग्रामीण पर्यटन इकाई का निरीक्षण 
- आवेदक को स्वप्रमाण देना होगा कि आवेदन के लिए जो भी दस्तावेज दिए गए हैं वह सभी सही हैं
- पर्यटन इकाइयों का पंजीकरण एवं नवीनीकरण दो वर्ष के लिए होगा
- पर्यटन विभाग द्वारा ऑनलाइन आवेदन एवं भुगतान की सुविधा शुरू करने तक ऑफलाइन आवेदन 

ग्रामीण पर्यटन इकाइयों को देय लाभ:
- स्टाम्प ड्यूटी में 100 प्रतिशत की छूट दी जायेगी
- प्रारम्भ में 25 प्रतिशत स्टाम्प ड्यूटी देय होगी
- Tourism इकाई शुरू होने का प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने पर पुनर्भरण किया जायेगा
- देय एवं जमा SGST का 10 वर्षों तक 100 प्रतिशत पुनर्भरण किया जायेगा .
- मुख्यमंत्री लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 25 लाख रुपये तक के ऋण पर अनुदान
- 8 प्रतिशत के स्थान पर 9 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जायेगा
- ग्रामीण पर्यटन इकाइयों को भू-संपरिवर्तन एवं बिल्डिंग प्लान अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी
- वन विभाग के अधीन क्षेत्र में राजस्थान ईको ट्यूरिज्म पॉलिसी, 2021 के प्रावधानों के अनुसार किया जायेगा
- स्थानीय लोक कलाकारों एवं हस्तशिल्पियों प्रोजेक्ट को अनुमोदन एवं देय लाभों में प्राथमिकता दी जायेगी 

ग्रामीण पर्यटन इकाइयों की स्थापना एवं संचालन हेतु प्रावधान:
- ग्रामीण पर्यटन योजना अन्तर्गत कृषि पर्यटन इकाई हेतु न्यूनतम 2000 वर्गमीटर एवं
- अधिकतम 2 हेक्टेयर तथा कैम्पिंग साइट एवं कैरावेन पार्क हेतु न्यूनतम 1000 वर्गमीटर
- अधिकतम 1 हेक्टेयर कृषि भूमि पर अनुमत होंगी
- आबादी / आवासीय क्षेत्रों में ग्रामीण गेस्ट हाउस हेतु न्यूनतम एवं अधिकतम भूखण्ड क्षेत्र निर्धारित नहीं किया 
- ग्रामीण पर्यटन इकाइयाँ 15 फीट चौड़ी सड़क पर अनुमत होगी
- ग्रामीण पर्यटन इकाइयों को भू-संपरिवर्तन एवं बिल्डिंग प्लान अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी
- इन इकाइयों को FSSAI फूड लाइसेंस आवश्यक होगा जिसे आवेदक को अपने स्तर से प्राप्त करना होगा

दरअसल इस योजना के तहत जहां लाभार्थियों को मिलने वाले अनुदान और सुविधाओं को ध्यान में रखा गया है वहीं पर्यटकों के लिए भी विशेष सुविधाओं को ध्यान में रखा गया है, ताकि यहां आने वाले पर्यटक राज्य से एक सुखद अनुभूति लेकर जाए. पर्यटन विभाग योजना के क्रियान्वयन के लिये नोडल विभाग होगा. उम्मीद की जानी चाहिए कि ग्रामीण पर्यटन नीति के बाद प्रदेश के गांवों में बसी हमारी मूल संस्कृति से देश दुनिया के पर्यटक रूबरू हो सकेंगे और पर्यटकों की आवक में भी जोरदार वृद्धि होगी.

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