Live News »

विश्‍व बैंक अगले पांच सालों तक जलवायु परिवर्तन पर करेगा 200 अरब डॉलर का निवेश

विश्‍व बैंक अगले पांच सालों तक जलवायु परिवर्तन पर करेगा 200 अरब डॉलर का निवेश

केटोवाइस। विश्‍व बैंक जलवायु परिवर्तन पर कार्रवाई के लिए 2021 से अगले पांच सालों तक 200 अरब अमरीकी डॉलर का निवेश करेगा। यह राशि मौजूदा पंचवर्षीय योजना में निवेश के लिए निर्धारित राशी से दोगुनी है। विश्‍व बैंक ने अपील की है कि जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए विश्‍व समुदाय को भी आगे आना चाहिए। विश्‍व बैंक ने बताया कि यदि उत्‍सर्जन में कमी नहीं आई तो 2030 तक 10 करोड़ लोग गरीबी का जीवन जी रहे होंगे।

दरअसल जलवायु परिवर्तन पर संयुक्‍त राष्‍ट्र समझौते के भागीदार देशों की 24वीं बैठक कल पोलैंड के काटोविच में शुरू हुई। दो सप्ताह तक चलने वाली इस बैठक में करीब 200 देशों के प्रतिनिधियों ने विचार-विमर्श शुरू किया। सम्मेलन में 2015 के ऐतिहासिक पेरिस समझौते को लेकर उत्पन्न राजनीतिक मतभेद दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। केन्‍द्रीय पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन सम्‍मेलन में भारत का प्रतिनिधित्‍व कर रहे हैं। सरकार ने कहा है कि सम्मेलन भारत के लिए महत्वपूर्ण है और राष्ट्र जलवायु परिवर्तन की समस्या से रचनात्मक ढंग से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है। पर्यावरण सचिव सी.के. मिश्रा ने कहा है कि भारत सम्मेलन के दौरान असमानता दूर करने की दिशा में रचनात्मक भूमिका अदा करेगा।

और पढ़ें

Most Related Stories

कोरोना संकट के बीच राहतभरी खबर, इटली के टॉप डॉक्टर्स का दावा, कोरोना वायरस पड़ रहा है कमजोर!

कोरोना संकट के बीच राहतभरी खबर, इटली के टॉप डॉक्टर्स का दावा, कोरोना वायरस पड़ रहा है कमजोर!

नई दिल्ली: कोरोना वायरस की अभी तक कोई वैक्सिन नहीं बन पाई है, लेकिन इस पर रिसर्च जारी है. तो ऐसे में जल्द ही इसकी दवा उपलब्ध हो जाएगी. लेकिन बढ़ते कोरोना मामलों के बीच एक राहतभरी खबर मिली है. खबर यह है कि अब धीरे-धीरे कोरोना वायरस कमजोर पडता जा रहा है.यह दावा इटली के टॉप डॉक्टर्स ने किया. मीडिया रिपोर्ट की माने तो COVID-19 अब धीरे-धीरे अपनी क्षमता खो रहा है. लोम्बार्डी के सैन राफेल अस्पताल के प्रमुख अल्बर्टो जांग्रिलो ने RAI टीवी को बताया कि वास्तव में, वायरस क्लीनिकली रूप से अब इटली में मौजूद नहीं है. गत 10 दिनों में लिए गए स्वैब सैंपल से पता चलता है कि एक या 2 माह पहले की तुलना में अब इनमें वायरल लोड की मात्रा बहुत कम है.

केजरीवाल सरकार का ऐलान, दिल्ली के सारे बॉर्डर एक सप्ताह के लिए सील

मई माह में संक्रमण के मामलों में आई गिरावट:
जानकारी के मुताबिक इटली में COVID-19 के ज्यादा मामले है, और COVID-19 से होने वाली सबसे अधिक मौतों में इटली तीसरे नंबर पर है. हालांकि मई माह में यहां संक्रमण के नए मामलों और मौतों में तेजी से गिरावट आई है और यहां कई जगहों पर सख्त लॉकडाउन को खोला जा रहा है.

सावधानी बरतने का आग्रह:
वहीं इटली सरकार ने कोरोना वायरस को लेकर लोगों से सावधानी बरतने का आग्रह किया. इटली सरकार ने कहा कि अभी COVID-19 पर जीत का दावा करना बहुत जल्दबाजी होगी. स्वास्थ्य मंत्रालय की मंत्री सैंड्रा जम्पा ने कहा कि COVID-19 खत्म होने वाली बातों के लिए लंबित पड़े वैज्ञानिक प्रमाणों का सहारा लिया जा रहा है. मैं उन लोगों से कहती हूं कि इटली के लोगों को भ्रमित ना करें. 

कोरोना संकट के बीच मोदी सरकार के बड़े ऐलान, MSME को 20 हजार करोड़ लोन के प्रस्ताव को मंजूरी

नासा ने एक बार फिर रचा इतिहास, SpaceX के अंतरिक्षयान से दो अंतरिक्ष यात्रियों को धरती से भेजा स्पेस 

 नासा ने एक बार फिर रचा इतिहास, SpaceX के अंतरिक्षयान से दो अंतरिक्ष यात्रियों को धरती से भेजा स्पेस 

नई दिल्ली: नासा ने एक बार फिर से इतिहास रच दिया है. अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने पहली बार प्राइवेट कंपनी स्पेसएक्स के अंतरिक्षयान से दो लोगों को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन भेजा है. अमेरिका ने 9 साल में पहली बार अपनी धरती से अंतरिक्ष में अंतरिक्ष यात्री भेजे हैं. नासा के ऐडमिनिस्ट्रेटर जिम ब्राइडेनस्टीन ने लॉन्च के बारे में जानकारी दी. चांद को छूने के लिए पृथ्वी से पहली उड़ान इसी जॉन एफ केनेडी सेंटर से रखी गई थी.अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी इस ऐतिहासिक पल के गवाह बने. ट्रंप के साथ में बेटी इवांका और दामाद जेयर्ड भी थे.

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने जारी किया टाइम टेबल, 12वीं की परीक्षाएं होंगी 18 जून से 30 जून के बीच 

19 घंटे के सफर के बाद अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पहुंचेंगे:
स्पेसएक्स के जिस अंतरिक्ष यान में नासा के 2 अंतरिक्ष यात्रियों को भेजा गया है उसका नाम द क्रू ड्रैगन है. द क्रू ड्रैगन में यात्री के रूप में नासा के एस्ट्रोनॉट बॉब बेनकेन और डग हर्ली सवार हैं जो 19 घंटे के सफर के बाद अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन पहुंचेंगे. इस मिशन के लिए एस्ट्रोनॉट बॉब बेनकेन और डग हर्ली का चयन वर्ष 2000 में ही हो चुका था. दोनों ही स्पेस शटल के ज़रिए 2-2 बार अंतरिक्ष में जा चुके हैं. जोखिम कम से कम हो इसलिए अमेरिका के सबसे भरोसेमंद रॉकेट फॉल्कन-9 से लॉन्चिंग की गई.

दोनों अंतरिक्ष यात्री सभी तैयारियों के साथ हुए सवार: 
अमेरिकी समय के अनुसार दोपहर 3 बजकर 22 मिनट पर रॉकेट को लॉन्च किया गया. दोनों अंतरिक्ष यात्री सभी तैयारियों के साथ SpaceX रॉकेट में सवार हुए. काउंटडाउन खत्म होने के साथ ही यान अंतरिक्ष की ओर उड़ चला. इससे पहले बुधवार को खराब मौसम की वजह से लॉन्चिंग को तय समय से 16 मिनट पहले टालना पड़ा था.

हरियाणा में खुलेंगे धार्मिक स्थल, होटल, रेस्टोरेंट, कंटेनमेंट जोन में 30 जून तक रहेगा लॉकडाउन

Coronavirus Vaccine बनाने में अब एक और कंपनी ने जगाई दुनिया की उम्मीदें, अक्टूबर के अंत तक हो सकती है तैयार

Coronavirus Vaccine बनाने में अब एक और कंपनी ने जगाई दुनिया की उम्मीदें, अक्टूबर के अंत तक हो सकती है तैयार

नई दिल्ली: कोरोना वैक्सीन तैयार करने को लेकर कई देशों में शोध चल रहा है. इसी बीच अब एक और कंपनी ने वैक्सीन बनाने में उम्मीदें जगा दी है. वियाग्रा जैसी दवाओं का आविष्कार करने वाली अमेरिकन फार्मास्यूटिकल कंपनी Pfizer ने दावा किया है कि इस साल अक्टूबर के अंत तक इसकी वैक्सीन बनकर तैयार हो जाएगी. 

जयपुर एयरपोर्ट से आज 20 में से 12 फ्लाइट रद्द, 6 दिन बाद एयरलाइन्स पहुंची पहले दिन के संचालन पर 

अक्टूबर के अंत तक वैक्सीन तैयार हो जाएगी: 
कंपनी के सीईओ के मुताबिक, अगर सबकुछ ठीक रहा तो अक्टूबर के अंत तक वैक्सीन तैयार हो जाएगी. इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि एक गुणकारी और सुरक्षित वैक्सीन के लिए हम भरपुर प्रयास कर रहे हैं. Pfizer जर्मनी की फर्म बायोन्टेक के साथ यूरोप और संयुक्त राज्य अमेरिका में कई संभावित वैक्सीन को लेकर काम कर रहा है.

कंपनी चार अलग-अलग वैक्सीन पर काम कर रही: 
Pfizer कंपनी फिलहाल चार अलग-अलग वैक्सीन पर काम कर रही है. ऐसे में जून जुलाई तक यह साफ हो जाएगा कि कौन सी वैक्सीन सबसे ज्यादा कारगर और सुरक्षित है. इसके लिए डाटा इकट्टा कर उसका विश्लेषण किया जा रहा है. 

राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक हाईकोर्ट में तलब, 8 माह पूर्व पकड़े गये एक ट्रक से जुड़ा पूरा मामला 

पूरे विश्व में 120 वैक्सीन पर काम चल रहा:
बता दें कि दुनियाभर में कई दवा कंपनियां और वैज्ञानिक दिन रात एक कर वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं. WHO के अनुसार इस समय पूरे विश्व में 120 वैक्सीन पर काम चल रहा है. वहीं दूसरी ओर अमेरिकी स्वास्थ्य अधिकारियों की माने तो नई वैक्सीन तैयार होने में अभी एक से डेढ़ साल का समय लग सकता है. लेकिन Covid-19 जैसी महामारी वाली विशेष परिस्थितियों में एक्सपेरिमेंटल वैक्सीन कामयाब हो सकती हैं. 
 

चीन के साथ सीमा विवाद पर अच्छे मूड में नहीं हैं पीएम मोदी- डोनाल्ड ट्रंप

चीन के साथ सीमा विवाद पर अच्छे मूड में नहीं हैं पीएम मोदी-  डोनाल्ड ट्रंप

नई दिल्ली: भारत-चीन सीमा विवाद को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर मध्यस्थता की बात कही है. इसके साथ ही डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि चीन विवाद को लेकर पीएम मोदी का मूड अच्छा नहीं है. ट्रंप ने कहा कि उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की है. 

राजस्थान सरकार ने किए 1 IAS और 14 RAS अधिकारियों के तबादले, यहां देखे पूरी लिस्ट

भारत खुश नहीं है और शायद चीन भी खुश नहीं: 
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि हम देख रहे हैं कि भारत और चीन के बीच बड़ा सीमा विवाद चल रहा है, दो देश जिनकी आबादी 1.4 अरब और जिनके पास बहुत ही शक्तिशाली सेना है. इस विवाद से भारत खुश नहीं है और शायद चीन भी खुश नहीं है, मैंने पीएम नरेंद्र मोदी से बात की है. वह चीन के साथ जो स्थिति बनी हुई है उसे लेकर अच्छे मूड में नहीं हैं.

भारत और चीन की सेना भी काफी ताकतवर: 
ट्रंप ने कहा कि मैं पीएम मोदी को काफी पसंद करता हूं. वह एक महान व्यक्ति हैं. इसके साथ ही ट्रंप ने कहा कि भारत और चीन के बीच बड़ा विवाद चल रहा है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच विवाद है. भारत और चीन की सेना भी काफी ताकतवर है. शायद भारत खुश नहीं है, शायद चीन भी खुश नहीं है.

नौतपा के चौथे दिन भी जमकर तपी मरूधरा, भीषण गर्मी और लू का प्रकोप,  गर्मी में श्रीगंगानगर ने चूरू को पछाड़ा 

ट्रंप ने मध्यस्थता करने की पेशकश की थी:
बता दें कि दो दिन पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर मध्यस्थता करने की पेशकश की थी. उन्होंने अपने एक ट्वीट में कहा था कि हमने भारत और चीन दोनों को सूचित किया है अगर वो चाहें तो सीमा विवाद में अमेरिका मध्यस्थता करने को तैयार है. 

भारत-चीन के बीच सीमा विवाद पर बोले ट्रंप, कहा- अमेरिका मध्यस्थता करने के लिए तैयार

भारत-चीन के बीच सीमा विवाद पर बोले ट्रंप, कहा- अमेरिका मध्यस्थता करने के लिए तैयार

नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर मध्यस्थता की पेशकश की है. ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका भारत और चीन के बीच सीमा विवाद के मुद्दे पर मध्यस्थता करने के लिए तैयार है. उन्होंने ट्वीट कर कहा कि हमने भारत और चीन को सूचना दी है कि अमेरिका मध्यस्थता के लिए तैयार है. 

नक्शा विवाद पर एक कदम पीछे हटा नेपाल, संविधान संशोधन की कार्यवाही से प्रस्ताव को हटाया 

ट्रंप भारत और पाकिस्तान के बीच भी मध्यस्थता की बात कर चुके:
इससे पहले भी डोनाल्ड ट्रंप कश्मीर मुद्दे को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की बात कर चुके हैं. हालांकि भारत ने उनके इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था. अब ट्रंप ने चीन के साथ मध्यस्थता की बात कही है.

लद्दाख में चीनी सैनिक और भारतीय सैनिक आमने-सामने: 
गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत से ही लद्दाख में चीनी सैनिक और भारतीय सैनिक आमने-सामने हैं, चीन की ओर से लगातार सैनिकों की संख्या बढ़ाने और बेस बनाने की खबरें आ रही हैं. भारत की तैनाती के बाद गैलवान घाटी में चीन के सैनिक कैंप में चले गए हैं. इससे पहले मंगलवार को पीएम मोदी ने लद्दाख मामले पर पूरी रिपोर्ट ली, इसके अलावा तीनों सेना के प्रमुखों से विकल्प सुझाने के लिए कहा गया.

कल कांग्रेस का महा अभियान, 10 हजार रुपये की मदद सीधे नकद के रूप में देने की मांग- पायलट 

सेना प्रमुख की बैठक:
आज सेनाध्यक्ष मनोज मुकुंद नरवणे ने आर्मी कमांडर्स के साथ बैठक की. इस बैठक में चीन को लेकर भी चर्चा हुई है. ये बैठक इसलिए अहम है क्योंकि इसमें सेना की ऑपरेशनल तैयारियों पर बात हो रही है. इससे पहले मंगलवार को पीएम मोदी ने तीनों सेना के प्रमुखों से विकल्प सुझाने के लिए कहा गया. 
 

नक्शा विवाद पर एक कदम पीछे हटा नेपाल, संविधान संशोधन की कार्यवाही से प्रस्ताव को हटाया

नक्शा विवाद पर एक कदम पीछे हटा नेपाल, संविधान संशोधन की कार्यवाही से प्रस्ताव को हटाया

नई दिल्ली: बीते कुछ दिनों से पड़ोसी देश नेपाल से भारत के रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे हैं. कालापनी और लिपुलेख जैसे सीमा विवाद ने दोनो दोनों देशों के रिश्तों में खटास पैदा की है. इसी बीच भारत से  संबंधों में आए दरार के बीच नेपाल ने एक कदम पीछे हटाया है.

लॉकडाउन 5 को लेकर दावों और कयासों को गृहमंत्रालय ने किया खारिज, अभी कोई फैसला नहीं 

ऐन वक्त पर संसद की कार्यसूची हटाया: 
दरअसल, नेपाल की संसद में आज नए नक्शे को देश के संविधान में जोड़ने के लिए संविधान संशोधन का प्रस्ताव रखा जाना था. लेकिन नेपाल सरकार ने ऐन वक्त पर संसद की कार्यसूची से आज संविधान संशोधन की कार्यवाही को हटा दिया. यह नेपाल के सत्तापक्ष‌ और प्रतिपक्षी दल दोनों की आपसी सहमति से हुआ है. 

नेपाल के प्रधानमंत्री ने बुलाई थी सर्वदलीय बैठक:
इससे पहले मंगलवार को नेपाल के प्रधानमंत्री पी शर्मा ओली ने नए नक्शे वाले मुद्दे पर राष्ट्रीय सहमति बनाने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई थी. इस दौरान सभी दल के नेताओंने भारत के साथ बातचीत कर मुद्दे को सुलझाने का सुझाव दिया था. भारतीय विदेश मंत्रालय ने नेपाल से बातचीत के लिए माहौल बनाने की मांग की थी. ऐसे मं नेपाल ने नए नक्शे को संसद में पेश नहीं करके कूटनीतिक रूप से परिपक्वता का उदाहरण दिया है. 

Coronavirus: राहुल गांधी ने हेल्थ एक्सपर्ट से पूछा भईया बताइए कि वैक्सीन कब तक आएगी? मिला ये जवाब  

यह है मामला:
बता दें कि 8 मई को भारत ने उत्तराखंड के लिपुलेख से कैलाश मानसरोवर के लिए सड़क का उद्घाटन किया था. इसको लेकर नेपाल ने कड़ी आपत्ति जताई थी. इसके बाद नेपाल ने नया राजनीतिक नक्शा जारी करने का फैसला किया था और इसमें भारत के कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा क्षेत्रों को भी अपना बताकर दिखाया है.
 

2022 तक T20 वर्ल्ड कप का टलना तय, कल ICC की बैठक में औपचारिक घौषणा संभव

2022 तक T20 वर्ल्ड कप का टलना तय, कल ICC की बैठक में औपचारिक घौषणा संभव

नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया में इस साल अक्टूबर-नवंबर में निर्धारित टी20 वर्ल्ड कप का भविष्य कोरोना की भेंट चढ़ता नजर आ रहा है. कोविड-19 महामारी के कारण आईसीसी इस टूर्नामेंट को 2022 तक टालने का मन बना चुकी है. ऐसे में यह माना जा रहा है कि बोर्ड सदस्यों की 28 मई को होने वाली बैठक में इससे जुड़ी औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी. 

Rajasthan Corona Updates: पिछले 12 घंटे में सामने आए 109 पॉजिटिव केस, संक्रमितों का ग्राफ पहुंचा 7645 

एक ही प्रारूप में दो विश्व कपों का शेड्यूल करना अनुचित:  
ऐसा ऐलान इसलिए होना माना जा रहा है कि क्योंकि भारत में अक्टूबर 2021 में पहले से ही एक टी-20 विश्व कप निर्धारित है और और एक वर्ष में एक ही प्रारूप में दो विश्व कपों का शेड्यूल करना अनुचित है. वर्तमान स्थिति भी 6 महीने के भीतर दो विश्व कप के लिए तैयार नहीं है. मेजबान ब्रॉडकास्टर स्टार स्पोर्ट्स के लिए यह चिंता का विषय है.

6 महीने में 2 आईपीएल और 2021 में 2 विश्व कप प्रसारित करना आसान नहीं: 
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अगर भारत में अक्टूबर में आईपीएल होता है, तो ऐसे में 6 महीने में 2 आईपीएल और 2021 में 2 विश्व कप प्रसारित करना आसान नहीं होगा. इसी के चलते मौजूदा टी-20 वर्ल्ड कप को 2022 में कराया जाएगा. यानी टूर्नामेंट को स्थगित किया जाएगा, रद्द नहीं. 

दो—दो नगर निगम बनाने का फैसला सरकार का नीतिगत निर्णय, हाईकोर्ट नहीं करें हस्तक्षेप— महाधिवक्ता 

2023 में 50 ओवरों वाला वर्ल्ड कप भारत में खेला जाएगा:
भारत 2021 में एक टी-20 विश्व कप की मेजबानी करेगा. इसके बाद 2022 में ऑस्ट्रेलिया टी-20 वर्ल्ड कराएगा और फिर 2023 में 50 ओवरों वाला वर्ल्ड कप भारत में खेला जाएगा. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली 28 मई को आईसीसी की बैठक में इस योजना का समर्थन करेंगे.


 

ताइवान की राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए भाजपा के दो सांसद, चीन ने जताया एतराज

ताइवान की राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए भाजपा के दो सांसद, चीन ने जताया एतराज

नई दिल्ली: ताइवान की राष्ट्रपति साइ इंग-वेन के शपथग्रहण में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल भाजपा के दो सांसदों के शामिल होने से चीन भड़क गया. चीन ने भारत से अपने आंतरिक मामलों में दखल देने से बचने को कहा है.

अमेरिका की कंपनी का दावा, कोरोना वायरस की दवा का मनुष्यों पर टेस्टिंग हुई शुरू 

दूसरे कार्यकाल की बधाई दी: 
ताइवान की राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह में दिल्ली से भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी और राजस्थान के चुरू से सांसद राहुल कासवान ने कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शिरकत की और उन्हें दूसरे कार्यकाल की बधाई दी.

चीन ने लिखित में एतराज जताया: 
इस पर चीन ने लिखित में एतराज जताया है. नई दिल्ली में चीनी राजदूत की काउंसलर लिउ बिंग ने लिखित आपत्ति जताते हुए भारत से अपने आंतरिक मामलों में दखल देने से बचने को कहा है. साथ ही कहा कि इंग-वेन को बधाई देना बिलकुल गलत है.  

राहुल गांधी ने बोला मोदी सरकार पर हमला, कहा- देश में लॉकडाउन पूरी तरह से फेल 

41 देशों की 92 हस्तियां हुई थीं शामिल:
साइ इंग-वेन के शपथग्रहण समारोह में 41 देशों की 92 हस्तियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हिस्सा लिया. इनमें भारत से दो सांसदों के अलावा अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो भी शामिल हुए. 
 

Open Covid-19