जयपुरः सिर्फ राज जनसंपर्क पोर्टल पर ही नहीं, सर्विस डिलीवरी के तहत आए आवेदनों के निस्तारण में भी राजस्थान का मैकेनिज्म खासा आगे है. सर्विस डिलीवरी के तहत आवेदन निस्तारण में सिर्फ राजधानी जयपुर ही नहीं, अलवर और बारां जैसे जिले भी आगे बने हुए हैं.
गुड गवर्नेंस की अनिवार्य शर्त है सर्विस डिलीवरी बेहतर हो. इसके तहत संबंधित अधिकारियों को जनता के आवेदनों पर तुरंत कार्यवाही करके निस्तारित करना होता है.
राजस्थान के जिलों के आंकड़ों पर गौर करें तो 24 दिसंबर 2025 तक 5 लाख 29 हजार 410 आवेदनों के निस्तारण के साथ अलवर अग्रणी है.
लेकिन 4 लाख 87 हजार 659 आवेदन निस्तारण के साथ भीलवाड़ा,4 लाख 39 हजार 832 आवेदन निस्तारण के साथ बारां भी अग्रणी बने हुए हैं.
टोंक में 3 लाख 85 हजार 471 आवेदन निस्तारित हुए तो पाली जैसे जिले में भी 3 लाख 76 हजार 99 आवेदन निस्तारित हुए. खैरथल-तिजारा में 3 लाख 25 हजार 727 आवेदनों का निस्तारण हुआ है.
तो नहरी क्षेत्र श्रीगंगानगर में 2 लाख 91 हजार 932,राजधानी जयपुर में 2 लाख 91 हजार 43 आवेदन और बूंदी में 2 लाख 21 हजार 635 आवेदन निस्तारित हुए हैं. कोटा में 2 लाख 10 हजार 523 आवेदन निस्तारित किए गए.
ये जिले रहे पीछे-
बालोतरा में सबसे कम 2450,सलूंबर में 12432 आवेदनों का ही निस्तारण हुआ है. बड़े जिलों की बात करें तो जोधपुर जैसा बड़ा जिले में भी 33532 आवेदन ही निस्तारित किए गए.
इसके अलावा राज्यों और जिलों की बेस्ट गुड गवर्नेंस प्रेक्टिसेज,सक्सेस स्टोरी, लॉग इन, CPGRAMS पोर्टल पर पेंडेसी और सोशल मीडिया एंगेजमेंट्स के आधार पर भी रैंकिंग की गई है.