जयपुर : भजनलाल कैबिनेट, मंत्रिपरिषद की बैठक समाप्त हुई. मंत्री जोगाराम पटेल, राज्यवर्धन राठौड़ और सुमित गोदारा ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि सरकार को अधिकार होगा कि दंगा आदि से कानून व्यवस्था प्रभावित हो रही है. तो उसे अशांत क्षेत्र घोषित कर सके. एक बार अशांत क्षेत्र घोषित होने के बाद उस क्षेत्र में कोई भी प्रॉपर्टी हस्तांतरण और ट्रांसफर नहीं हो सकेगी.
ऐसे क्षेत्र में संपत्ति हस्तांतरण नल वॉयड माना जाएगा. इसके लिए अनुमति लेनी होगी. वित्तीय संस्थाओं को लोन लेने, रहने में छूट होगी. डिस्टर्ब एरिया घोषित होने की अवधि 3 साल की होगी. गैर जमानती धारा होगी. क्षेत्र के निवासी को औने पौने दाम में नहीं बेचा जा सकेगा. किरायेदार की क्षतिग्रस्त संपत्ति को पुनर्निर्माण करने संबंधी प्रावधान होगा.
जनसंख्या संतुलन के लिए बिल लाया जा रहा है. RPSC राजपत्रित अधिकारी नियम में बदलाव होगा. दो पदों को एक किया जाएगा. परीक्षा नियंत्रक का दायित्व मुख्य परीक्षा नियंत्रक होगा. उन्होंने आगे कहा कि सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट्स के लिए भू-आवंटन होगा. मंत्रिपरिषद में 23 जनवरी से होने वाले ग्राम उत्थान शिविर पर चर्चा हुई.
ग्राम 2026 का आयोजन होगा. ग्राम से पूर्व ये शिविर होंगे. 22 जनवरी को ग्राम सभाएं होंगी. 2539 शिविर कुल मिलाकर होंगे. 12 विभागों के अधिकारी शिविर में होंगे. बसंत पंचमी के दिन मेगा पीटीएम का आयोजन होगा. पूर्व की पीटीएम में 41 लाख की सहभागिता थी.
कई स्थानों, समुदायों से इनपुट आया कि कई क्षेत्र सामाजिक असंतुलन बढ़ने की संभावना है. यह नहीं बढ़े इसलिए कानून ला रहे हैं. अशांत क्षेत्र घोषित करने के लिए कई पक्ष सिर्फ दंगे नहीं होंगे. समुदाय विशेष की बढ़ने, असंतुलन, सांप्रदायिक आधार पर अशांत क्षेत्र घोषणा संभव है. डेमोग्राफिक चेंज भी आधार होगा. राजस्थान से पहले गुजरात में यह कानून प्रभावी है.