पंचायत-निकाय चुनाव से पहले भाजपा का 'मिशन 113, चुनौती पूर्ण सीटों पर भेजे प्रवासी/विस्तारक, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः राजस्थान के जयपुर,भरतपुर ,उदयपुर और अजमेर,जोधपुर संभागों पर बीजेपी ने नजरें गढ़ा दी हैं. इन संभागों से जुड़ी 113 विधानसभा और 13लोकसभा सीटों को बीजेपी ने टारगेट किया हैं. यहां प्रवासी या विस्तारको को भेजा गया हैं. इनका काम होगा जमीनी फीडबैक लेना साथ ही सत्ता संगठन की हकीकत जानकर पार्टी को मजबूत करना. निकाय पंचायत चुनाव के मद्देनजर प्रवासी नेताओं की भूमिका अहम हैं.

बीजेपी ने अगले विधानसभा चुनावों की तैयारी तेज कर दी हैं. पहले उन सीटों पर पकड़ बनाने की कोशिश हैं जहां मसला चुनौतीपूर्ण हैं. यहां बीजेपी अपेक्षाकृत विपक्षी दल के सामने कमजोर हैं. बीजेपी के इंटरनल सर्वे में 200 विधानसभा सीटों में से 113 सीटों को संगठनात्मक दृष्टि से कमजोर श्रेणी में रखा गया है. इन्हीं क्षेत्रों में अब विधानसभा प्रवासी कार्यकर्ताओं की तैनाती कर दी गई हैं. हालांकि ये कार्य कुछ माह पहले ही शुरू कर दिया गया था. संघ और कुशल संगठन कर्ताओं को प्रवासी या विस्तारक बनाकर इन 113सीटों पर भेजा गया हैं.

--113 में शामिल ये प्रमुख विधानसभा क्षेत्र -
हालांकि इनमें से कई सीटों पर बीजेपी विधायक फिर भी माना गया चुनौतीपूर्ण
रायसिंहनगर
लूणकरणसर
नोखा
सुजानगढ
झुंझुनूं 
मंडावा
नवलगढ 
केकडी
फतेहपुर
लक्ष्मगढ
दांतारामगढ
कोटपूतली
आमेर
बस्सी
राजगढ-लक्ष्मणगढ
बाडी
टोडाभीम
सपोटरा
सिकराय
लालसोट
नसीराबाद
सरदारपुरा
बाडमेर
सांचोर
वल्लभनगर
बागीदोरा
मांडलगढ
सादुलशहर
श्रीगंगानगर
श्रीकरणपुर
सूरतगढ
अनुपगढ
संगरिया
हनुमानगढ 
पीलीबंगा
भादरा
कोलायत
श्रीडुंगरगढ
सार्दुलपुर
सरदारशहर
चूरु
उदयपुरवाटी
धोद
सीकर
नीम का थाना
श्रीमाधोपुर
चौमूं
दूदू
जमवारामगढ
हवामहल
सिविल लाइन
बगरु
तिजारा
मुंडावर
बानसूर
अलवर ग्रामीण
अलवर शहर 
कामां
डीग-कुम्हेर
वैर
राजाखेडा
हिंडोन
करौली
बांदीकुई
महुवा 
दौसा
गंगापुर सिटी
बामनवास
संवाईमाधोपुर
खंडार
मालपुरा
निवाई
टोंक
देवली-उनियारा
किशनगढ
पुष्कर
मसूदा
केकडी
लाडनूं
डिडवाना
जायल
खींवसर
मकराणा
नावां
जैतारण
सुमेरपुर
फलौदी
ओसियां
लूणी
पोकरण
शिव
बायतू
पचपदरा
गुढामालानी 
चौहटन
आहोर
जालोर 
रानीवाडा
पिण्डवाड़ा-आबू
गोगूंदा
झाडोल
खेरवाडा
उदयपुर ग्रामीण
उदयपुर
मावली
सलुंबर
डूंगरपुर
आसपुर
सागवाडा
चौरासी
घाटोल
गढी
बांसवाडा
कुशलगढ
कपासन
बेगूं
चितौड़
निम्बाहेडा
बडी सादडी
धरियावद
कुंभलगढ
राजसमंद
मांडल
सहाडा
सहापुरा-एससी
जहाजपुर
हिंडोली
केशवरायपाटन
पीपल्दा 
सांगोद
अंता
किशनगंज
बारां-अटरू
छबडा
डग
मनोहरथाना

लोकसभा क्षेत्र दौसा की सभी विधानसभा सीटें 
इनमें दौसा,बांदीकुई, लालसोट,महुवा और सिकराय
दौसा लोकसभा क्षेत्र से सांसद अभी कांग्रेस से
सामाजिक ताने बाने के कारण ये क्षेत्र सदैव चुनौतीपूर्ण
हालांकि अभी विधानसभा सीटों पर बीजेपी का कमल खिला हुआ हैं
भरतपुर लोकसभा सीट की सभी सीटें 
इन सभी सीटों पर बीजेपी का ग्राफ कभी ऊपर कभी नीचे रहा हैं
भरतपुर से अभी कांग्रेस सांसद
लोकसभा क्षेत्र बांसवाड़ा की सभी सीटों को चुनौतीपूर्ण माना
यहां की सीटों पर BAP और कांग्रेस दोनों से चुनौती
यहां से सांसद भी भारतीय आदिवासी पार्टी से
झुंझुनूं लोकसभा क्षेत्र की सभी सीटें 
यहां से सांसद भी कांग्रेस से
अलवर लोकसभा क्षेत्र की सभी विधानसभा सीटें शामिल
इनमें अलवर की शहरी सीट भी हैं
हालांकि यहां से लोकसभा सांसद बीजेपी के हैं
सीकर लोकसभा क्षेत्र की सभी सीटें बीजेपी के लिए मुश्किल भरी
यहां से कांग्रेस के सहयोग से बने CPM सांसद हैं
चूरू लोकसभा क्षेत्र की सभी सीटों को बीजेपी ने चुनौतीपूर्ण माना
यहां से अभी कांग्रेस सांसद
नागौर लोकसभा की सभी सीटों को माना चुनौतीपूर्ण माना
यहां से अभी RLP सांसद जो ना बीजेपी के साथ ना ही कांग्रेस के साथ
बाड़मेर लोकसभा की सभी सीटों को चुनौतीपूर्ण माना गया
यहां से अभी कांग्रेस सांसद 
करौली धौलपुर लोकसभा की सभी सीटों को माना गया चुनौतीपूर्ण
यहां से भी कांग्रेस सांसद

विभिन्न सीटों पर तैनात प्रवासी अपनी रिपोर्ट सीधे प्रदेश पार्टी नेतृत्व तक पहुंचने काम करेंगे. प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र की संगठनात्मक स्थिति, बूथों की सक्रियता, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और चुनावी माहौल का नियमित मूल्यांकन भी इन्ही प्रवासियों की जिम्मे है. पंचायत - निकाय चुनाव में प्रवासी विस्तारकों की रिपोर्ट अंतिम तो नहीं लेकिन महत्वपूर्ण होगी 

-- विधानसभा प्रवासी क्या करेंगे --
-विधानसभा प्रवासी संबंधित विधानसभा क्षेत्र के स्थायी निवासी नहीं होते
बल्कि संगठन की ओर से उन्हें विशेष जिम्मेदारी देकर वहां भेजा जाता है
 उनका काम स्थानीय संगठन और प्रदेश नेतृत्व के बीच समन्वय स्थापित करना
बूथ समितियों की सक्रियता की समीक्षा करना
मंडल और शक्ति केंद्रों की बैठकें कराना
  संगठनात्मक कमियों की पहचान कर उनकी रिपोर्ट तैयार करना होता है
  प्रवासी कार्यकर्ता स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ नियमित संवाद करते हैं
जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों के बीच तालमेल बनाए रखना 
मोदी - भजनलाल सरकार की योजनाओं और पार्टी की नीतियों को आम जनता तक पहुंचाने का जिम्मा      

पूर्वी राजस्थान, दक्षिणी राजस्थान और पश्चिमी राजस्थान बीजेपी के लिए अधिक चुनौतीपूर्ण हैं. हाड़ौती को बीजेपी मजबूत मानकर चलती हैं. संकट पूर्ण इलाकों के के विधानसभा क्षेत्रों के लिए अलग रणनीति बन रही हैं. प्रवासी मॉडल बीजेपी के भावी प्लान का महत्पूर्ण प्रोजेक्ट हैं