पहले चरण की वोटिंग के बाद पार्षद प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी, डॉ. अरुण चतुर्वेदी बोले- प्रशिक्षण के लिए कार्यकर्ताओं को एक साथ रखा जाता है

पहले चरण की वोटिंग के बाद पार्षद प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी, डॉ. अरुण चतुर्वेदी बोले- प्रशिक्षण के लिए कार्यकर्ताओं को एक साथ रखा जाता है

जयपुर : पहले चरण की वोटिंग के बाद पार्षद प्रत्याशियों की बाड़ेबंदी शुरू हो गई है. बीजेपी नेता, राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी ने कहा कि प्रशिक्षण के लिए कार्यकर्ताओं को एक साथ रखा जाता है. पार्टी की रीति नीति और कार्यों के बारे में जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण शिविर रखे जाते हैं. प्रशिक्षण के लिए प्रत्याशियों को कैंपों में शिफ्ट किया गया है. दूसरे चरण की वोटिंग के बाद जयपुर सहित अन्य जगहों के प्रत्याशियों को कैंपों में शिफ्ट किया जाएगा. 

भाजपा ने करीब 45 प्रत्याशियों को भरतपुर से किया जयपुर शिफ्ट:
भरतपुर में भी प्रथम चरण के मतदान के बाद अब सियासी बाड़ेबंदी का दौर शुरू हो गया है. भाजपा ने अपने पार्षद प्रत्याशियों को टूट से बचाने के लिए देर रात की बाड़ेबंदी की है. भाजपा ने देर रात 2 बसों के जरिए करीब 45 प्रत्याशियों को भरतपुर से जयपुर शिफ्ट किया है. सभी प्रत्याशियों को दिल्ली रोड स्थित एक बड़े होटल में ठहराया गया है.

नागौर में मतदान के बाद भाजपा प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी:
नागौर में मतदान के बाद भाजपा प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी शुरू हो गई है. 14 सितंबर की मतगणना से पहले सियासी शह-मात का खेल शुरू हो गया है. मतदान खत्म होते ही भाजपा ने गुपचुप बाड़ाबंदी शुरू की. लगेज के साथ 22 भाजपा प्रत्याशियों को नागौर से बाहर भेजा गया है. जीत के आंकड़ों और समीकरणों को लेकर भाजपा ने कमर कस ली है. निर्दलीयों के संभावित खेल के बीच प्रत्याशियों की निगरानी तेज कर दी है. बाड़ाबंदी में प्रत्याशियों को एकजुट रखने की कवायद है. सभापति की कुर्सी के समीकरणों पर भी नजर टिकी हुई है.

नतीजों से पहले कांग्रेस ने भी शुरू की बाड़ेबंदी:
बता दें कि ऐसा ही नहीं की सिर्फ भाजपा ही अपने प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी कर रही है. कांग्रेस ने भी अपने प्रत्याशियों की बाड़ाबंदी शुरू कर दी है. नतीजों से पहले कांग्रेस ने भी बाड़ेबंदी शुरू कर दी है. बाड़ेबंदी से पूर्व कांग्रेस ने प्रत्याशियों की बैठक ली. जिसके बाद संभावित विजयी प्रत्याशियों को बसों से अज्ञात स्थान ले जाया गया. जीत के संभावित चेहरों को एकजुट रखने की कांग्रेस ने कमान संभाली है. 

भीतरघात और क्रॉस वोटिंग की आशंका के बीच प्रत्याशियों की, घेराबंदी की जा रही है. नतीजों से पहले ऑपरेशन रिजॉर्ट के जरिए सियासी समीकरण साधने की कवायद शुरू हो गई है. हर संभावित विजेता पर कांग्रेस की भी नजर है, संपर्क से लेकर मूवमेंट तक कड़ी निगरानी की जा रही है. 14 सितंबर को नगर निकाय चुनाव का जनादेश आएगा. नतीजों से पहले ही जोड़-तोड़ और सियासी रणनीति का दौर शुरू हो गया है. जबकि बीजेपी अपने सम्भावित विजयी प्रत्याशियों की कल ही बाड़ेबंदी कर दी है.