VIDEO: राजस्थान पुलिस की नई पहल, अब थानों में एसपी-डीसीपी करेंगे जनसुनवाई, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: आमजन की शिकायतों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर राजस्थान पुलिस मुख्यालय ने अब जिला स्तर पर निगरानी और जवाबदेही बढ़ाने की कवायद शुरू की है. पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों और पुलिस उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र के पुलिस थानों का नियमित भ्रमण कर पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार थानों में स्वयं जनसुनवाई करें. इस दौरान प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण के साथ-साथ पहले से लंबित शिकायतों की भी समीक्षा करनी होगी.

डीजीपी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि आमजन की शिकायतों का त्वरित, पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं नागरिक-केंद्रित निस्तारण पुलिस विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है. इसके लिए शिकायतों के पंजीकरण, अग्रेषण, पर्यवेक्षण और निस्तारण को लेकर पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी एसओपी की प्रभावी पालना सुनिश्चित की जाए. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि स्थानीय स्तर पर पुलिस अधिकारियों के साथ सीधे संवाद और प्रभावी सुनवाई के माध्यम से शिकायतों का अधिक त्वरित एवं संतोषजनक निस्तारण संभव है.

आदेश के अनुसार सभी जिला पुलिस अधीक्षक और पुलिस उपायुक्त अपने क्षेत्राधिकार के पुलिस थानों का नियमित रूप से भ्रमण करेंगे और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार थानों में जनसुनवाई करेंगे. जनसुनवाई के दौरान प्राप्त परिवादों के त्वरित निस्तारण के साथ पूर्व से लंबित शिकायतों की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी. डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनसुनवाई में आमजन की शिकायतों को गंभीरतापूर्वक और संवेदनशीलता के साथ सुना जाए. शिकायतकर्ता को पर्याप्त अवसर देकर उसकी समस्या को समझने पर जोर दिया गया है, ताकि केवल औपचारिक सुनवाई के बजाय समस्या की वास्तविक प्रकृति सामने आ सके.

जनसुनवाई के दौरान ऐसे मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश हैं, जिनका निस्तारण मौके पर ही किया जा सकता है. ऐसे प्रकरणों का यथासंभव तत्काल समाधान कराया जाएगा. वहीं, जिन मामलों में उच्च स्तर पर हस्तक्षेप आवश्यक हो, उनमें एसपी या डीसीपी को स्वयं कार्यालय स्तर से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी. खास बात यह है कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों का अलग रजिस्टर अथवा डिजिटल रिकॉर्ड संधारित किया जाएगा. इसमें शिकायत पर हुई कार्रवाई और उसकी प्रगति की नियमित मॉनिटरिंग की जाएगी. यानी शिकायत दर्ज होने के बाद उसका क्या हुआ, यह भी अधिकारियों की निगरानी में रहेगा.

पुलिस मुख्यालय ने इस व्यवस्था को केवल औपचारिकता बनने से रोकने के लिए जिला पुलिस अधीक्षकों और पुलिस उपायुक्तों को जनसुनवाई का रोस्टर/कार्यक्रम निर्धारित करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही पिछले माह में की गई जनसुनवाई के संबंध में अपनी मासिक अर्द्धशासकीय पत्रावली में समीक्षा रिपोर्ट भेजना सुनिश्चित करना होगा. डीजीपी ने आदेश में साफ किया है कि इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य केवल जनसुनवाई की संख्या बढ़ाना नहीं है. असली लक्ष्य शिकायतकर्ता की पुलिस अधिकारी तक पहुंच सुनिश्चित करना और उसकी शिकायत का वास्तविक, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान कराना है. इसलिए जनसुनवाई को नियमित पर्यवेक्षण प्रक्रिया के रूप में संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं.