SIR के दौरान एक BLO की आत्महत्या का प्रकरण, निर्वाचन विभाग ने संवेदना रखते हुए किया बड़ा फैसला, देखिए खास रिपोर्ट

जयपुरः राज्य में जारी SIR के दौरान एक बीएलओ की आत्महत्या और अन्य की मौत के बाद निर्वाचन विभाग ने अब स्ट्रेस फ्री करने के लिए अतिरिक्त बीएलओ और सूचना सहायकों की नियुक्ति करना शुरू कर दिया है. एक बीएलओ की आत्महत्या और अन्य बीएलओ की मौत पर सियासी आरोप-प्रत्यारोप के बाद निर्वाचन विभाग संवेदना रखते हुए यह बड़ा फैसला किया है जिससे बीएलओ पर काम का बोझ कम हो सके.  

कर्मचारी संगठनों और सियासी बवाल के बीच राज्य निर्वाचन विभाग राजस्थान में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) में लगे बीएलओ को लेकर हरकत में आ गया है. विभाग कार्य अधिकता का दबाव झेल रहे बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) के सहयोग के लिए अतिरिक्त बीएलओ व सूचना सहायकों (आइ.ए.) की नियुक्ति करना शुरू कर दिया है, इसके साथ निर्वाचन विभाग स्वयंसेवकों का भी सहयोग लेगा. मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने कहा कि अच्छे तादाद में इनफार्मेशन सिस्टम भी प्रोवाइड किया है, इसका मकसद ही यही है कि इनका जो वर्क लोड है उसे थोड़ा स्कूत किया जाये. महाजन ने कहा कि SIR कार्यक्रम समय सारणी के अनुसार किया जाना है, जिसकी वजह से थोड़ा दबाव है, लेकिन प्रदेश में बीएलओ काफी अच्छी परफॉर्मेंस के साथ काम कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय महत्व का काम है, यह समय बद्ध पूरा करना ही है. 

महाजन ने कहा कि हमारा प्रयास रहेगा कि हम बीएलओ को सशक्त करें और ज़्यादा सुविधा दें. कोशिश करें कि बाक़ी बच्चे समय में ये बीएलओ परफॉर्म भी भरे और इनका तनाव भी ना बढ़े. बीएलओ की मौत ड्यूटी मौत के मामले में विशेष सहायता के प्रावधान को लेकर महाजन ने कहा कि चुनाव के समय किसी कर्मचारी या अधिकारी के मौत होने पर आर्थिक सहायता के अलग से प्रावधान है. SIR कार्यक्रम के दौरान भी इस तरह की आर्थिक सहायता के लिए निर्वाचन आगे से मार्गदर्शन लिया जाएगा.