VIDEO: सावधान, आम बीमारियों में दवाएं हो रही बेअसर! सर्दी के प्रकोप के बीच प्रचण्ड रूप ले रही मौसमी बीमारियों ने बढ़ाई चिंता, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: सर्दी के प्रकोप के बीच प्रचण्ड रूप ले रही मौसमी बीमारियों में दवाएं बेअसर नजर आ रही है.प्रदेश का सबसे बड़ा SMS अस्पताल हो या फिर अन्य सरकारी और निजी अस्पताल की ओपीडी, कमोबेश सभी जगहों पर एक-एक माह से सर्दी, खांसी,जुखाम और बुखार से परेशान मरीजों के पहुंचने का क्रम आम बात है.ऐसे में अब खुद चिकित्सक स्वीकार रहे है कि मनमानी एंटीबायोटिक के सेवन से लोगों में "ड्रग रेजिस्टेंस" जैसी स्थिति पैदा हो गई है.साथ ही उन्होंने चेतावनी दी है कि आमजन ने दवाओं के सेवन के प्रति गंभीरता नहीं बरती तो आगे स्थिति और चिंताजनक हो सकती है.

पीएम नरेन्द्र मोदी ने दो दिन पहले मन की बात प्रोग्राम में एंटीबायोटिक दवाओं के मनमाने उपयोग पर चिंता जताई है.इंडियन कांउसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च यानी आईसीएमआर की हाल ही में जारी एक रिपोर्ट के हवाले से उन्होंने कहा कि निमोनिया और यूटीआई जैसी बीमारियां में कई एंटीबायोटिक दवाएं कमजोर साबित हो रही है.रिपोर्ट के मुताबिक लोगों द्वारा बिना सोचे समझे एंटीबायोटिक दवाओं का खुद के स्तर पर धडल्ले से सेवन किया जा रहा है, जो हम सभी के लिए काफी चिंताजनक है.इस तरह की प्रवृत्ति से दवाओं का असर ही खत्म होने के कगार पर आ गया है, जिसकी बानगी प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस समेत अन्य सभी अस्पतालों में देखी जा सकती है.हालत ये है कि अब सर्दी, खांसी, जुखाम से एक-एक माह से परेशान लोग अस्पताल पहुंच रहे है.उनका कहना है कि कई दवाएं लेने के बावजूद आराम नहीं आ रहा है.ऐसे में अब अस्पताल के चक्कर लगाने पड़ रहे है.

चिकित्सक परामर्श से ले दवा, कोर्स भी पूरा करना जरूरी:
-"ड्रग रेजिस्टेंस" के खतरे को देखते हुए चिकित्सकों की सलाह
-चिकित्सकों के मुताबिक निमोनिया-यूटीआई जैसी बीमारियां चिन्हित
-जिसमें मरीजों पर कई एंटीबायोटिक दवाएं कमजोर साबित हो रही है
-इसके पीछे का सबसे अहम कारण है मनमाने तरीके से एंटीबायोटिक का उपयोग
-उनके मुताबिक लोग बगैर चिकित्सक परामर्श के एंटीबायोटिक शुरू कर देते है,
-जबकि मरीज को इसकी जरूरत नहीं होती है
-लेकिन ऐसी एंटीबायोटिक से बैक्टीरियल इंफेक्शन को एक मौका मिल जाता है
-वो इस एंटीबायोटिक के समानान्तर ड्रग रेजिस्टेंस पैदा कर लेते है
-फिर जब हमें आगे इस एंटीबायोटिक की जरूरत पड़ती है तो वो असर नहीं करती है।
-एंटीबायोटिक ड्रग रेजिस्टेंस को रोकना है तो इसमें सभी को जिम्मेदारी समझनी होगी
-बगैर चिकित्सक की सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन नहीं करना चाहिए

पीएम मोदी के साथ ही अब चिकित्सकों ने भी एंटीबायोटिक के मनमाने उपयोग पर चिंता जताई है.उनका कहना है कि जब आप बिना ज़रूरत या गलत तरीके से एंटीबायोटिक लेते हैं, तो आपके शरीर के बैक्टीरिया दवा (Medicine) को पहचान लेते हैं और उससे बचने का तरीका सीख जाते हैं.धीरे-धीरे ये बैक्टीरिया इतने शक्तिशाली हो जाते हैं कि दवा उन पर बेअसर हो जाती है.इसका नतीजा यह होता है कि जब आप वाकई बीमार पड़ते हैं और आपको दवा की ज़रूरत होती है, तो वे दवाएं आपके शरीर पर काम ही नहीं करतीं.ऐसे में काफी जरूरी हो गया है कि लोग इसे समझे, साथ ही चिकित्सक, ड्रग स्टोर संचालक भी सावधानी बरते.