VIDEO: सिविल लाइन ROB में 5 साल की देरी, लेटलतीफी पर JDA आयुक्त की नाराजगी, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजधानी जयपुर में सिविल लाइन फाटक पर पिछले पांच साल से जेडीए की ओर से निर्माणाधीन जेडीए रेलवे ओवर ब्रिज में हो रही लेटलतीफी को जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने गंभीरता से लिया. जेडीए आयुक्त ने इस पर नाराजगी जताते हुए अभियंताओं को जल्द काम पूरा करने के निर्देश दिए हैं. प्रोजेक्ट में किस कारण हो रही लेटलतीफी और अब अगली डेडलाइन तक पूरा होने की कैसे है संभावना, जानने के लिए देखें फर्स्ट इडिया न्यूज की ये खास खबर.

राजधानी में सिविल लाइन रेलवे फाटक दिनभर में कई बार बंद होता है. इसके चलते फाटक के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लगती है. इस कतार में फाटक खुलने का इंतजार करने वाले वाहन चालकों को तो लंबा इंतजार करना पड़ता ही है साथ ही दोनों तरफ वाहनों की इन लंबी कतारों के कारण अन्य वाहनों का आवागमन भी अवरुद्ध रहता है. इस गंभीर समस्या से निजात दिलाने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण ने जनवरी 2021 में 75 करोड़ रुपए की कुल लागत के इस रेलवे ओवरब्रिज प्रोजेक्ट का काम शुरू किया था. यह प्रोजेक्ट भारी लेटलतीफी का शिकार है. प्रोजेक्ट पूरा करने की डेडलाइन कई बार बदली जा चुकी है. 

अब तक प्रोजेक्ट के क्या हाल?:
-जब यह प्रोजेक्ट शुरू किया गया तब इसको पूरा करने की डेडलाइन जून 2022 थी
-प्रोजेक्ट का काम शुरू होने के कुछ महीने बाद ही अनौपचारिक तौर पर इसका काम बंद करा दिया गया
-इसके पीछे वजह यहां ओवरब्रिज के बजाए अंडरपास बनाने की संभावना तलाशना था
-इसके लिए जेडीए ने रेलवे से भी राय ली, लेकिन रेलवे ने इस संभावना को खारिज कर दिया
-इसी बीच जिस फर्म को यह काम दिया गया था, उसने बीच में ही काम छोड़ दिया
-प्रोजेक्ट के अधूरे काम को पूरा करने के लिए मई 2023 में जेडीए ने दूसरी फर्म शिवम कंडेव को प्रोजेक्ट सौंपा
-प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए डेडलाइन तब अगस्त 2024 तय की गई थी
-इसके बाद काम में देरी होने के चलते फिर डेडलाइन दिसंबर 2024 कर दी गई
-इस डेडलाइन में भी काम पूरा नहीं हुआ तो फिर काम पूरा करने के लिए जून 2025 तक का लक्ष्य रखा गया
-इसके बाद अब जब प्रोजेक्ट अधूरा है तो फिर नई डेडलाइन दिसंबर 2025 तय की गई
-पिछले दो महीने से फर्म ने मनमर्जी से प्रोजेक्ट का काम बंद कर दिया है
-लेकिन जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन की सख्ती के चलते फर्म अब जल्द ही दुबारा काम शुरू करेगी
-ऐसे में उम्मीद है कि वर्ष जुलाई तक प्रोजेक्ट का काम पूरा हो जाए

जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने हाल ही इस प्रोजेक्ट का मौका मुआयना किया था. प्रोजेक्ट में हो रही देरी पर उन्होंने प्रोजेक्ट से जुड़े वरिष्ठ अभियंताओं पर नाराजगी जताई. जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने समयबद्ध कार्यक्रम बनाकर प्रोजेक्ट को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए. सर्विस रोड के लिए जमीन की उपलब्धता के मामले में उन्होंने निर्देश दिए कि लंबित अदालती प्रकरण में जेडीए की ओर से पुख्ता पैरवी कराई जाए. 

काम पूरा होने में 6 महीने लगने तय:
-प्रोजेक्ट से जुड़े जेडीए के अभियंताओं के अनुसार
-रेलवे ओवरब्रिज की रिटेनिंग वॉल में पेयजल लाइन की शिफ्टिंग में समय लगने के कारण काम में देरी हुई
-बीसलपुर लाइन के कारण पियर की डिजाइन को बदलना पड़ा
-रेलवे लाइन के हिस्से में नौ स्टील के गर्डर डाले जाने हैं
-गर्डर की डिजाइन पर रेलवे की स्वीकृति मिलने में समय लग गया
-सर्विस रोड के लिए पूरी भूमि उपलब्ध नहीं हो पाई है
-गर्डर डाले जाने में कम से कम तीन महीने का समय लगना तय है
-इसके बाद गर्डर पर स्लैब डाले जाएंगे और
-फिर ओवरब्रिज के दोनों हिस्सों में डामरीकरण व अन्य कार्य पूरे किए जाने हैं
-ऐसे में प्रोजेक्ट का पूरा काम होने में छह महीने का समय लगना तय है
-जानकारों के अनुसार काम पूरा नहीं होने के बीच एक बड़ा कारण फर्म की ओर से देर से काम किया जाना है
-इसी के चलते जेडीए इस फर्म पर अब तक 1 करोड़ 7 लाख रुपए का जुर्माना लगा चुका है