CM भजनलाल शर्मा ने राज उन्नति की 9वीं बैठक में की विकास योजनाओं की समीक्षा, विकास कार्यों में लापरवाही नहीं करने के दिए निर्देश

CM भजनलाल शर्मा ने राज उन्नति की 9वीं बैठक में की विकास योजनाओं की समीक्षा, विकास कार्यों में लापरवाही नहीं करने के दिए निर्देश

जयपुर : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज उन्नति की 9वीं बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा की. करीब 15 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं की प्रगति पर समीक्षा हुई. गांव, गरीब, युवा, नारी शक्ति और किसान विकास परियोजनाओं के केंद्र बिंदु रहे. विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं करने के निर्देश दिए.

स्वीकृति, निविदा और कार्यादेश समय पर जारी करने के निर्देश दिए. परियोजनाओं में अनावश्यक देरी पर अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी. अधिकारियों को दफ्तर से बाहर निकलकर फील्ड में निरीक्षण के निर्देश दिए. हर योजना की हर स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग के निर्देश दिए. जनसुविधाओं से जुड़े कार्यों में गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान देने को कहा. आमजन को योजनाओं का लाभ समय पर मिले, यही सरकार की प्राथमिकता है.

अटल प्रगति पथों के काम में तेजी के दिए निर्देश:
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अटल प्रगति पथों के काम में तेजी के निर्देश दिए. 5 हजार से अधिक आबादी वाले ग्रामीण कस्बों में अटल प्रगति पथ बन रहे हैं. 2025-26 के सभी शेष कार्य नवंबर 2026 तक पूरे करने के निर्देश दिए हैं. 2026-27 के प्रथम चरण के प्रगतिरत कार्य भी नवंबर तक पूरे होंगे. द्वितीय चरण के सभी निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए हैं. अटल प्रगति पथों की जिलेवार टाइमलाइन तय करने के निर्देश दिए हैं. निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की लगातार मॉनिटरिंग होगी. अटल प्रगति पथों से गांवों में आवागमन और कनेक्टिविटी बेहतर होगी. ग्रामीण क्षेत्रों में जनसुविधाओं तक आमजन की पहुंच आसान होगी. काम में देरी और गुणवत्ता से समझौता नहीं करने के निर्देश दिए गए हैं.

स्कूल भवनों का विकास सरकार की प्राथमिकता:
मुख्यमंत्री ने स्कूल भवनों के विकास को सरकार की प्राथमिकता बताया है. स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं के विकास पर 12 हजार 500 करोड़ रुपए का निवेश किया है. 41 जिलों के 65 हजार 308 सरकारी स्कूलों का तकनीकी सर्वे पूरा हो गया है. 3 हजार 587 जर्जर स्कूल भवनों में सुधार की जरूरत चिन्हित किया है. करीब 71 हजार 78 कक्षा-कक्षों में सुधार की आवश्यकता सामने आई है. बिजली, पेयजल और शौचालय सुविधाओं में सुधार भी होगा. पिछले दो वर्षों में 3 हजार 364 कार्य स्वीकृत किए गए हैं. इन कार्यों पर अब तक 1 हजार 220 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. करीब 2 हजार 500 करोड़ के 5 हजार कार्य प्रगतिरत हैं. 652 नए स्कूल भवनों को प्रशासनिक स्वीकृति,निविदा प्रक्रिया शुरू हुई है.

अटल ज्ञान केन्द्रों के काम में तेजी के दिए निर्देश:
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अटल ज्ञान केन्द्रों के काम में तेजी के निर्देश दिए हैं. ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर युवाओं और आमजन के लिए अटल ज्ञान केन्द्र बन रहे हैं. पहले चरण में 2 हजार 52 केन्द्र स्वीकृत, 628 केन्द्र पूर्ण हो गए हैं. शेष अटल ज्ञान केन्द्रों का निर्माण कार्य प्रगतिरत है. दूसरे चरण में 3 हजार अटल ज्ञान केन्द्र बनाए जाएंगे. दूसरे चरण के 1 हजार केन्द्रों की स्वीकृति जारी है. 2 हजार केन्द्रों की स्थापना की स्वीकृति जल्द जारी करने के निर्देश दिए हैं. केन्द्रों में पुस्तकालय और ई-लाइब्रेरी की सुविधा मिलेगी. ई-मित्र और ऑनलाइन सेवाओं के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की सुविधा होगी. ग्रामीण युवाओं के लिए महत्वपूर्ण सुविधा केंद्र के रूप में अटल ज्ञान केन्द्र विकसित होंगे.

स्कूली विद्यार्थियों को नियमित रूप से दूध उपलब्ध कराने के निर्देश:
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पन्नाधाय बाल गोपाल योजना की समीक्षा की. स्कूली विद्यार्थियों को नियमित रूप से दूध उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. दूध की गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए. सभी जिलों में दूध पाउडर की शत-प्रतिशत आपूर्ति जल्द सुनिश्चित होगी. दूध पाउडर की आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा नहीं आएगी. स्कूल शिक्षा,गोपालन और वित्त विभाग में बेहतर समन्वय के निर्देश दिए. करीब 46 लाख विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिल रहा है. विद्यार्थियों के पोषण स्तर में सुधार के लिए योजना शुरू की गई है. योजना के लिए करीब 800 करोड़ रुपए का बजट प्रावधान है. पढ़ाई के साथ विद्यार्थियों के पोषण का भी पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं.

ग्रामीण क्षेत्रों में अब तक 3 करोड़ 29 लाख मानव दिवस रोजगार सृजित:
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वीबी-जीरामजी योजना की प्रगति की समीक्षा की. ग्रामीण क्षेत्रों में जुलाई से अब तक 3 करोड़ 29 लाख मानव दिवस रोजगार सृजित हुए हैं. हर जरूरतमंद पात्र परिवार को रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं. रोजगार के साथ समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. ग्रामीण विकास विभाग को योजना की लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं. रोजगार सृजन को योजना की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया. पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने पर जोर दिया. ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के निर्देश दिए. योजना के तहत काम और भुगतान की स्थिति की समीक्षा की. आमजन को समय पर रोजगार और भुगतान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए.

2029 तक सभी पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य:
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पीएम आवास योजना ग्रामीण की समीक्षा की. 2029 तक सभी पात्र परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य है. दिसंबर 2026 तक सभी प्रगतिरत आवास पूरे करने के निर्देश दिए. लाभार्थियों को समय पर किस्तों का भुगतान सुनिश्चित होगा. 2026-27 के आवंटित लक्ष्यों की स्वीकृति जल्द जारी करने के निर्देश दिए हैं. वन भूमि में निवासरत भूमिहीन परिवारों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं. पात्र परिवारों को भूमि और आवास उपलब्ध कराने पर जोर दिया. आवास निर्माण की तय टाइमलाइन के अनुसार लगातार मॉनिटरिंग होगी. ग्रामीण परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने पर सरकार का फोकस है. आवास योजना में देरी नहीं करने के निर्देश दिए हैं.

पेयजल संबंधी शिकायतों का प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश:
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ग्रामीण क्षेत्रों की शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की. 1 जनवरी से 21 सितंबर तक 8 लाख 97 हजार 808 शिकायतें प्राप्त हुई हैं. 8 लाख 68 हजार 425 शिकायतों का निस्तारण किया जा चुका है. केवल 3.27 प्रतिशत शिकायतें लंबित हैं. पेयजल संबंधी शिकायतों का प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश दिए हैं. कृषि और पशुपालन विभाग को शिकायतों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए हैं. लापरवाही करने वाले कार्मिकों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है. मुख्य सचिव को निस्तारण प्रक्रिया की लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं. जनसेवा शिविरों के माध्यम से शिकायतों का प्राथमिकता से समाधान होगा. पानी,जलभराव और सड़क संबंधी समस्याओं पर विशेष फोकस है.

3 इंजीनियरिंग कॉलेजों को अपग्रेड कर राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बनाया जाएगा:
मुख्यमंत्री ने भरतपुर, बीकानेर और अजमेर में आरआईटी स्थापना की समीक्षा की. 3 इंजीनियरिंग कॉलेजों को अपग्रेड कर राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी बनाया जाएगा. आरआईटी की स्थापना के लिए विधानसभा में विधेयक प्रस्तुत होगा. विधि विभाग से जल्द सहमति लेने के निर्देश दिए हैं. तीनों आरआईटी की स्थापना पर करीब 300 करोड़ रुपए खर्च होंगे. वित्त विभाग को आवश्यक वित्तीय स्वीकृति जारी करने के निर्देश दिए हैं. तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में नए संस्थानों के विकास पर जोर दिया है. भरतपुर, बीकानेर और अजमेर को आधुनिक तकनीकी शिक्षा सुविधाएं मिलेंगी. आरआईटी स्थापना की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं, राज्य में तकनीकी शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

आमजन को राहत पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता:
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने आमजन की परिवेदनाओं के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए. आमजन को राहत पहुंचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. लूणकरणसर उप जिला अस्पताल की प्रसूता को जननी सुरक्षा योजना की राशि का मामला है. धौलपुर के कटेलपुरा में जलभराव और कीचड़ की समस्या का भी समाधान होगा. मुख्यमंत्री ने शिकायतकर्ताओं से बातचीत कर स्थिति जानी. परिवेदनाओं के निस्तारण पर शिकायतकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का आभार जताया. सभी विभागों और जिला कलेक्टर्स को संवेदनशीलता से काम करने के निर्देश दिए. शिकायतों के समाधान में किसी भी तरह की कोताही नहीं होगी. लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष जोर दिया. जनता को त्वरित राहत दिलाना सरकार की प्राथमिकता है.

स्मार्ट योजना में अब तक 6 सेवाओं से 2 लाख 70 हजार लोग लाभान्वित:
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्मार्ट योजना की प्रगति की समीक्षा की. स्मार्ट योजना में अब तक 6 सेवाओं से 2 लाख 70 हजार लोग लाभान्वित हुए हैं. 10 प्रमुख योजनाओं को 10 दिसंबर तक स्मार्ट प्लेटफॉर्म पर लाने के निर्देश दिए हैं. सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना को स्मार्ट प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा. पालनहार छात्रवृत्ति और स्वयं सहायता समूह ऋण योजना भी शामिल हैं. लाडो प्रोत्साहन योजना और गार्गी पुरस्कार भी स्मार्ट प्लेटफॉर्म पर आएंगे. मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना सहित 10 योजनाएं शामिल हैं. योजनाओं के नियमों में आवश्यक संशोधन के निर्देश दिए. मुख्य सचिव को कार्य की लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश दिए. सरकारी सेवाओं को तकनीक के जरिए अधिक सरल बनाने पर जोर दिया.

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना की समीक्षा की:
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जिला उत्थान योजना की समीक्षा की. 2025-26 और 2026-27 के विकास कार्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए. सभी कार्य 15 दिसंबर 2026 से पहले पूरे करने के निर्देश दिए. ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग होगी. विकास परियोजनाओं में अनावश्यक देरी रोकने के निर्देश दिए. समयबद्ध तरीके से योजनाओं को पूरा करने पर जोर दिया. अधिकारियों को फील्ड में जाकर कार्यों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए. गुणवत्ता के साथ विकास कार्य पूरे करने की हिदायत दी. हर स्तर पर प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित होगी. आमजन तक विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर फोकस है.

विकास परियोजनाओं में किसी भी तरह की कोताही नहीं होगी:
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज उन्नति बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि विकास परियोजनाओं में किसी भी तरह की कोताही नहीं होगी. सड़क, शिक्षा, चिकित्सा, पानी और बिजली के कार्यों पर विशेष फोकस रहेगा. स्वीकृति से लेकर कार्य पूर्ण होने तक पूरी प्रक्रिया को स्ट्रीमलाइन करने के निर्देश दिए. अनावश्यक देरी करने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होगी. अधिकारियों को फील्ड में जाकर योजनाओं की स्थिति देखने के निर्देश दिए. हर योजना की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने पर जोर दिया. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समग्र विकास पर सरकार का फोकस है. गांव-ढाणी तक जनसुविधाओं का विस्तार करने के निर्देश दिए. आमजन से जुड़कर काम करने की अधिकारियों को हिदायत दी.

स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं के विकास पर जोर:
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं के विकास पर जोर दिया. 2018 से 2023 तक स्कूल अवसंरचना के लिए 2 हजार 287 करोड़ स्वीकृत हुए थे. वर्तमान सरकार में सितंबर 2026 तक 2 हजार 973 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए. जनजातीय क्षेत्रों में 82 कार्यों में से 80 कार्य प्रगतिरत है. स्कूल भवनों के पुनरुद्धार और आधुनिक सुविधाओं का विस्तार होगा. बिजली, पानी और शौचालय जैसी सुविधाओं में सुधार होगा. 652 नए स्कूल भवनों की प्रशासनिक स्वीकृति जारी. करीब 5 हजार कार्य प्रगतिरत है. विद्यालय अवसंरचना में सुधार को सरकार ने प्राथमिकता बताया. निर्धारित समयसीमा में गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए.

राज उन्नति की 9वीं बैठक में लंबित कार्यों की समीक्षा की:
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज उन्नति की 9वीं बैठक में लंबित कार्यों की भी समीक्षा की. पिछली बैठकों में दिए निर्देशों की अनुपालना की भी समीक्षा की. लंबित कार्यों में तेजी लाकर जल्द पूरा करने के निर्देश दिए. मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित वरिष्ठ अधिकारी बैठक में मौजूद रहे. ACS सीएम अखिल अरोड़ा भी बैठक में मौजूद रहे. विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रमुख शासन सचिव जुड़े. शासन सचिव, संभागीय आयुक्त और जिला कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े. करीब 15 हजार करोड़ रुपए की परियोजनाओं की समीक्षा हुई. योजनाओं की प्रगति और क्रियान्वयन पर मुख्यमंत्री ने फीडबैक लिया. समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण विकास कार्यों पर सरकार का जोर है.