देश में लंबी दूरी की रेल यात्रा के लिए स्लीपर ट्रेनें शुरू, पहली ट्रेन वाराणसी-नई दिल्ली के बीच की गई शुरू

नई दिल्ली : दो नई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू हुई हैं. देश में लंबी दूरी की रेल यात्रा के लिए स्लीपर ट्रेनें शुरू की गई हैं. पहली ट्रेन वाराणसी-नई दिल्ली के बीच शुरू की गई है. दूसरी ट्रेन आज बेंगलुरु-मुंबई के बीच शुरू होने जा रही है. दोनों ट्रेनों से यात्रियों को एसी स्लीपर और रात में सफर का विकल्प मिलेगा. वाराणसी-नई दिल्ली ट्रेन को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हरी झंडी दिखाकर कल रवाना किया था. 

वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन है. वाराणसी से नई दिल्ली की यात्रा करीब 9 घंटे 20 मिनट में पूरी होगी. वाराणसी से रात 8:50 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 6:10 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी. वापसी में दिल्ली से रात 9:40 बजे रवाना होकर सुबह 7:10 बजे वाराणसी पहुंचेगी. रास्ते में प्रयागराज, कानपुर सेंट्रल, अलीगढ़ और गाजियाबाद में ठहराव होगा.

सप्ताह में 6 दिन चलेगी ट्रेन:
यह ट्रेन सप्ताह में 6 दिन चलेगी, वाराणसी से शुक्रवार और दिल्ली से शनिवार को नहीं चलेगी. वाराणसी-दिल्ली यात्रा में 55 मिनट और दिल्ली-वाराणसी में 35 मिनट की बचत होगी. ट्रेन में 16 कोच और कुल 823 बर्थ होंगी. 3AC में 611, 2AC में 188 और फर्स्ट AC में 24 बर्थ हैं. ऑटोमैटिक दरवाजे, कवच सुरक्षा प्रणाली, CCTV, इमरजेंसी टॉक-बैक और वैक्यूम टॉयलेट जैसी सुविधाएं हैं. फर्स्ट AC में यात्रियों के लिए गर्म पानी वाले शॉवर की सुविधा भी मिलेगी. बेंगलुरु-मुंबई वंदे भारत स्लीपर है. बेंगलुरु और मुंबई के बीच देश की तीसरी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू होगी.

बेंगलुरु से मुंबई के लिए ट्रेन 3 नवंबर से होगी शुरू:
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव आज बेंगलुरु से ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे. नियमित सेवा मुंबई से बेंगलुरु के लिए 2 नवंबर और बेंगलुरु से मुंबई के लिए 3 नवंबर से शुरू होने की जानकारी है. बेंगलुरु से शाम 7:45 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 11:55 बजे मुंबई पहुंचेगी. मुंबई से रात 8:10 बजे रवाना होकर अगले दिन दोपहर 12 बजे बेंगलुरु पहुंचेगी. दोनों शहरों के बीच सफर करीब 16 घंटे में पूरा होगा. ट्रेन का ठहराव कल्याण, पुणे, सोलापुर, कलबुर्गी, यादगीर, रायचूर, गुंतकल और अनंतपुर में होगा. दोनों दिशाओं में सप्ताह में 6 दिन ट्रेन चलेगी. कर्नाटक और महाराष्ट्र के यात्रियों के साथ नौकरी, कारोबार और शिक्षा के लिए दोनों शहरों के बीच यात्रा करने वालों को फायदा होगा.