शिखर अग्रवाल अनंता रिसोर्ट प्रकरण के बाद अब जयपुर में भी एक ऐसे ही प्रकरण की आहट ! एक उद्योगपति के पावर के आगे नतमस्तक दिखा JDA प्रशासन

जयपुर : शिखर अग्रवाल अनंता रिसोर्ट प्रकरण के बाद अब जयपुर में भी एक ऐसे ही प्रकरण की आहट है और इस बार इसका 'श्रेय' JDA को जाता है. क्या समय रहते UDH करेगा डैमेज कंट्रोल करेगा ? हुआ यूं कि एक उद्योगपति के पावर के आगे JDA प्रशासन नतमस्तक दिखा. 

आमेर के लबाना में 52 बीघा भूमि की 90-A का मामला फिर सुर्खियों में है. 90-A को राहत देने के लिए JDA का स्पेशल आदेश नियम विरुद्ध हुए. सर्वऑल लैंड डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम 27 दिसंबर 2024 को 90-A हुई थी. JDA की संयुक्त कमेटी की रिपोर्ट में 90-A प्रक्रिया में नियमों के उल्लंघन का खुलासा हुआ.

90-A के समय मौके पर हाईटेंशन बिजली लाइन मौजूद थी. संयुक्त कमेटी की रिपोर्ट में मौके की वास्तविक स्थिति पर सवाल उठाए गए थे. 90-A जारी होने के बावजूद आज तक भूमि का पट्टा जारी नहीं हुआ. अब JDA सचिव गौरव सैनी ने विशेष आदेश जारी किया है. HT लाइन हटने के बाद प्रभावित भूखंडों के पट्टे और संशोधित पट्टे जारी करने के आदेश दिए हैं.

18 अगस्त 2026 की BPC-LP समिति की 437वीं बैठक के निर्णय की पालना में आदेश दिए हैं. जोन स्तर पर ही मूल मानचित्र में संशोधन कर पट्टे जारी करने की गई छूट दी है. HT लाइन हट चुकी होने पर जोन स्तर से स्वतः संज्ञान लेकर मानचित्र संशोधन का प्रावधान है.

बड़ा सवाल क्या आम नागरिकों की समस्याओं के निस्तारण के लिए भी JDA इसी तरह विशेष आदेश निकालता है ? क्या 52 बीघा के इस प्रकरण में नियमों की अनदेखी के आरोपों की निष्पक्ष जांच होगी ? क्या संयुक्त कमेटी की रिपोर्ट के बिंदुओं पर JDA प्रशासन जवाब देगा ?