नई दिल्ली: एक देश-एक चुनाव को लेकर गठित संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने कहा है कि उनकी इच्छा है कि देश के हित में 2029 से ही एक देश-एक चुनाव व्यवस्था लागू हो जाए. इसके लिए सभी राज्यों की सहमति की अपेक्षा है और समिति इस दिशा में प्रयास कर रही है.
उन्होंने उम्मीद जताई कि एनडीए शासित राज्यों के साथ इंडी गठबंधन की सरकारों वाले राज्य भी इस प्रस्ताव पर सहमति देंगे. फर्स्ट इंडिया न्यूज से खास बातचीत में चौधरी ने कहा कि जेपीसी सभी पक्षों को सुनकर आगे बढ़ रही है. विपक्षी दलों के विचारों और आपत्तियों को भी गंभीरता से सुना जा रहा है. उन्होंने कहा कि एक देश-एक चुनाव लागू होने से क्षेत्रीय राजनीतिक दलों को नुकसान नहीं होगा. एक रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी राज्य में सरकार अपना कार्यकाल पूरा होने से पहले गिर जाती है तो वहां शेष कार्यकाल के लिए ही चुनाव कराया जाएगा. इससे बार-बार चुनाव कराने की जरूरत कम होगी.
एसआईआर के मुद्दे पर विपक्ष की आपत्तियों को लेकर उन्होंने कहा कि आज की बैठक में भी विपक्षी प्रतिनिधियों ने यह मुद्दा उठाया था. हालांकि, उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से मृत व्यक्तियों और स्थायी रूप से स्थान बदल चुके लोगों के नाम हटाना जरूरी है.