जयपुर : ACB के कामकाज पर राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नाराजगी व्यक्त की है. उन्होंने आज मीडिया के सामने IAS शिखर अग्रवाल प्रकरण मे अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अधिकारियों पर दबाव बनाकर कार्रवाई करवाई जाती है.
ACB अधिकारी निष्पक्ष होकर अपनी जिम्मेदारी निभाएं. अभी सिर्फ PE दर्ज हुई है FIR कब दर्ज होगी? बड़े मामले में अब तक FIR नहीं होने पर गहलोत ने हैरानी जताई है. ACB अधिकारियों से शपथ व जिम्मेदारी के अनुसार काम करने की अपील की है. शिखर से जुड़े कथित संपत्ति सौदों पर भी सवाल उठाए हैं. गहलोत बोले कि ACB अधिकारियों पर दबाव रहता है.
बता दें कि शिखर अग्रवाल के बाद अब उनकी धर्मपत्नी प्रशाखा माथुर पर गाज गिरी है. IPS प्रशाखा माथुर को कार्मिक विभाग ने APO किया है. एक दिन पहले IAS शिखर अग्रवाल को भी APO किया गया था. ACB में कल रात 17-A की मंजूरी के बाद PE दर्ज हुई थी. शिखर अग्रवाल के खिलाफ PE दर्ज हुई थी. प्रथम दृष्टया शिखर को पद दुरुपयोग का दोषी मान लिया गया था.
मार्केट रेट से कम में 40 कॉटेज-विला खरीदने, पद दुरुपयोग, आय से अधिक संपत्ति, कंपनी से मिलीभगत की जांच होगी. संभवत: अब जांच के दायरे में IPS प्रशाखा माथुर भी हैं क्योंकि 40 कॉटेज, विला में से प्रशाखा माथुर के नाम पर भी कुछ कॉटेज-विला हैं. और साथ ही शिखर के बेटों और सास-ससुर के नाम पर भी कॉटेज और विला हैं. फिलहाल प्रशाखा माथुर PHQ में ADG, पुलिस कल्याण हैं.