घरेलू गैस की तुलना में केवल 7 से 9 प्रतिशत ही कमर्शियल गैस सप्लाई, मांग बढ़ने से होटल, ढाबा और कैटरिंग सेक्टर में संकट की स्थिति

घरेलू गैस की तुलना में केवल 7 से 9 प्रतिशत ही कमर्शियल गैस सप्लाई, मांग बढ़ने से होटल, ढाबा और कैटरिंग सेक्टर में संकट की स्थिति

जयपुर : घरेलू गैस की तुलना में केवल 7 से 9 प्रतिशत ही कमर्शियल गैस सप्लाई हो रही है. मांग बढ़ने से होटल, ढाबा और कैटरिंग सेक्टर में संकट की स्थिति आ गई है. सीमित सप्लाई के कारण बाजार में कमर्शियल सिलेंडर की कमी महसूस हो रही है. 

गैस एजेंसियों पर दबाव बढ़ा है, डिलीवरी शेड्यूल प्रभावित होने लगे हैं. विशेषज्ञों ने आपूर्ति प्रबंधन को सख्त करने की जरूरत बताई है. उद्योग जगत ने सरकार से कमर्शियल गैस कोटा बढ़ाने की मांग उठाई है.

कमर्शियल गैस में जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने की मांग तेज:
कमर्शियल गैस में जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने की मांग तेज हो गई है. ईसी एक्ट और गैस कंट्रोल ऑर्डर के तहत सख्त व्यवस्था की मांग की जा रही है. कमर्शियल सिलेंडर में भी eKYC, डिजिटल बुकिंग और OTP लागू करने की मांग है. बड़े होटल और संस्थानों के नाम पर सिलेंडर दुरुपयोग की आशंका है. एजेंसी संचालकों ने पारदर्शी डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम की जरूरत बताई है. उपभोक्ता तक वास्तविक आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग उठी है.

इंडियन ऑयल का SDMS सर्वर ठप:
इंडियन ऑयल का SDMS सर्वर ठप हो गया है, जिसके चलते गैस वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है. दिनभर eKYC, बुकिंग और डिलीवरी की प्रक्रिया बाधित रही. गैस एजेंसियों के सामने उपभोक्ताओं को जवाब देना मुश्किल है. डिजिटल सिस्टम ठप होने से सिलेंडर वितरण पर असर देखने को मिला है. तेल कंपनियों के अधिकारियों की चुप्पी पर सवाल उठे. एजेंसी संचालकों ने सिस्टम जल्द बहाल करने की मांग की है.

प्रदेश में कुल 1385 गैस एजेंसियां, 1.65 करोड़ सक्रिय उपभोक्ता जुड़े:
राजस्थान में कुल 1385 गैस एजेंसियां हैं जिनसे 1.65 करोड़ सक्रिय उपभोक्ता जुड़े हुए हैं. हर महीने करीब 1.25 करोड़ गैस रिफिल की डिलीवरी की जाती है. प्रतिदिन करीब चार लाख गैस बुकिंग और डिलीवरी का दबाव बढ़ा है. बढ़ती मांग के बीच सप्लाई चेन पर लगातार दबाव बढ़ रहा है. एजेंसी संचालकों ने लॉजिस्टिक सपोर्ट बढ़ाने की मांग उठाई है. उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती बना हुआ है.