नई दिल्ली : विनेश फोगाट मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने अहम टिप्पणी की है. WFI को देश और महिला एथलीटों के हितों के बीच संतुलन बनाना चाहिए. मैटरनिटी लीव के बाद लौटने वाली महिला खिलाड़ियों के लिए गाइडलाइंस बनाने के निर्देश दिए हैं. कोर्ट ने कहा कि मैटरनिटी लीव के बाद महिला एथलीटों को भी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का मौका मिले.
विनेश फोगाट की याचिका पर हाईकोर्ट जल्द आदेश सुनाएगा. फोगाट ने 14 सितंबर की सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप ट्रायल में शामिल होने की अनुमति मांगी. WFI पर मनमाने रवैये का आरोप है, सिलेक्शन क्राइटेरिया की जानकारी 7 सितंबर को देने का दावा है. जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने सुनवाई के दौरान अहम टिप्पणी की.
विनेश फोगाट मामले में दिल्ली हाईकोर्ट की अहम टिप्पणी
-WFI को देश और महिला एथलीटों के हितों के बीच संतुलन बनाना चाहिए
-मैटरनिटी लीव के बाद लौटने वाली महिला खिलाड़ियों के लिए गाइडलाइंस बनाने के निर्देश
-कोर्ट ने कहा- 'मैटरनिटी लीव के बाद महिला एथलीटों को भी प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का मौका मिले'
-विनेश फोगाट की याचिका पर हाईकोर्ट जल्द सुनाएगा आदेश
-फोगाट ने 14 सितंबर की सीनियर वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप ट्रायल में शामिल होने की मांगी अनुमति
-WFI पर मनमाने रवैये का आरोप, सिलेक्शन क्राइटेरिया की जानकारी 7 सितंबर को देने का दावा
-जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की बेंच ने सुनवाई के दौरान की अहम टिप्पणी