4 नगरीय निकायों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों के चुनाव आगामी आदेश तक स्थगित, कुल 9 वार्डों के 10 मतदान केंद्रों में होगा री पोल

4 नगरीय निकायों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों के चुनाव आगामी आदेश तक स्थगित, कुल 9 वार्डों के 10 मतदान केंद्रों में होगा री पोल

जयपुरः 4 नगरीय निकायों में अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पदों के चुनाव आगामी आदेश तक स्थगित किए गए है. प्रदेश भर में कुल 9 वार्डों के 10 मतदान केंद्रों में री पोल होगा. जयपुर, जोधपुर, कोटा एवं सुकेत में कुछ मतदान केंद्रों पर 16 सितंबर को पुनर्मतदान होगा. EVM खराबी के कारण पुनर्मतदान कराने के निर्देश दिए गए है. आयोग के अनुसार, नगर निगम जयपुर के वार्ड संख्या 09 के बूथ संख्या 111, वार्ड संख्या 18 के बूथ संख्या 235, वार्ड संख्या 25 के बूथ संख्या 343, वार्ड संख्या 34 के बूथ संख्या 477 और  484, नगर निगम जोधपुर के वार्ड संख्या 50 के बूथ संख्या 338, नगर निगम कोटा के वार्ड संख्या 87 के बूथ संख्या 99, वार्ड संख्या 44 के बूथ संख्या 448, वार्ड संख्या 11 के बूथ संख्या 576 और नगरपालिका सुकेत के वार्ड संख्या 4 के बूथ संख्या 5 पर पुनर्मतदान होगा. आयोग को इन मतदान केंद्रों पर मतगणना के दौरान EVM में तकनीकी खराबी की शिकायतें प्राप्त हुई थी. संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों एवं रिटर्निंग अधिकारियों से प्राप्त रिपोर्टों का परीक्षण किया गया. 

परीक्षण करने के बाद आयोग ने पाया कि इन मतदान केंद्रों पर तकनीकी खराबी के कारण प्रभावित मतों की संख्या निकटतम प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों के बीच मतों के अंतर से अधिक है. इसे देखते हुए आयोग ने पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया है. 16 सितंबर को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक पुनर्मतदान होगा. आयोग के निर्देशानुसार इन मतदान केंद्रों पर 16 सितंबर 2026 को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक पुनर्मतदान होगा. पुनर्मतदान की मतगणना 17 सितंबर 2026 को सुबह 8 बजे से निर्धारित स्थान पर की जाएगी. पुनर्मतदान की तारीख, समय और मतदान केंद्र की जानकारी संबंधित चुनाव लड़ रहे अभ्यर्थियों को दी जाएगी. उनके निर्वाचन अभिकर्ताओं को लिखित रूप से सूचना दी जाएगी. साथ ही व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से मतदाताओं को भी पुनर्मतदान की सूचना दी जाएगी.    

संबंधित नगरपालिका, मतदान केंद्र तथा निर्वाचन क्षेत्र के अन्य प्रमुख स्थानों पर भी इसकी सूचना प्रदर्शित की जाएगी. आयोग ने स्पष्ट किया है कि पुनर्मतदान में केवल वही मतदाता मतदान कर सकेंगे, जो संबंधित मतदान केंद्र की मतदाता सूची में दर्ज है. मूल मतदान के दौरान मतदाता के बाएं हाथ की मध्यमा अंगुली पर लगाई गई स्याही के निशान को मिटाने के बाद पुनर्मतदान में फिर से स्याही लगाई जाएगी. इस बार भी स्याही का निशान इस प्रकार लगाया जाएगा कि वह नाखून के प्रारंभिक भाग से अंगुली के प्रथम भाग तक दिखाई दे. आवश्यकता होने पर EVM में उपयोग के लिए मतपत्र व  निविदत्त मतपत्र नए सिरे से तैयार किए जाएंगे. आयोग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि पुनर्मतदान के बाद मूल मतदान में प्रयुक्त ईवीएम को सील कर सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जाए. राज्य निर्वाचन आयोग ने संबंधित अधिकारियों को पुनर्मतदान की सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है.