जयपुरः जयपुर का सवाई मानसिंह स्टेडियम एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर के खेलों का गवाह बनने जा रहा है. 6 से 9 अगस्त तक यहां 42वीं सब जूनियर राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिता आयोजित होगी, जिसमें देशभर के 33 राज्यों के 550 युवा तैराक अपनी प्रतिभा का दम दिखाएंगे. खास बात यह है कि मेजबान राजस्थान की आठ सदस्यीय टीम भी 17 स्पर्धाओं में पदक जीतने की चुनौती पेश करेगी.
जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम स्थित तरणताल में 6 से 9 अगस्त तक 42वीं सब जूनियर राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिता का आयोजन होगा. 33 राज्यों के 550 तैराक पानी में अपनी रफ्तार का दम दिखाएंगे, जहां हर स्ट्रोक के साथ मेडल की रेस और रोमांचक होती जाएगी. तरणताल में अब पानी की लहरें सिर्फ अभ्यास की नहीं, बल्कि मेडल की जंग की गवाह बनेंगी. 42वीं सब जूनियर राष्ट्रीय तैराकी प्रतियोगिता में देशभर के युवा तैराक अपनी स्पीड, स्टैमिना और तकनीक का इम्तिहान देंगे. चार दिनों तक हर हीट, हर लैप और हर फिनिश देश के नए चैंपियन तलाशेगी.
प्रतियोगिता दो आयु वर्गों में आयोजित की जाएगी
ग्रुप-2 में 11 से 12 वर्ष के तैराक हिस्सा लेंगे
ग्रुप-3 में 13 से 14 वर्ष के तैराक अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे
मेजबान राजस्थान की आठ सदस्यीय टीम 17 स्पर्धाओं में पदक जीतने के इरादे से पूल में उतरेगी
33 राज्यों के 550 तैराक पदक के लिए दम दिखाएंगे
52 स्वर्ण सहित 156 पदक दांव पर होंगे प्रतियोगिता में
44 व्यक्तिगत और 8 रिले स्पर्धाएं आयोजित की जाएगी
राजस्थान की 8 सदस्यीय टीम 17 स्पर्धाओं में चुनौती पेश करेंगी
प्रतियोगिता की आयोजन समिति के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री लालचंद कटारिया ने कहा कि राजस्थान को पहली बार इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी मिली है और आयोजन को यादगार बनाने के लिए विशेष तैयारियां की गई हैं. खिलाड़ियों के ठहरने के लिए पहली बार एसी कमरों की व्यवस्था भी की गई है. प्रतियोगिता के उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को आमंत्रित किया गया है, जबकि समापन समारोह में पुलिस महानिदेशक राजीव शर्मा मुख्य अतिथि होंगे.
राजस्थान की टीम में बालक वर्ग से प्रतीक कुरिया, अमन सामोता, हृदय भोजवानी, मोहित सामोता और देव शर्मा शामिल हैं. वहीं बालिका वर्ग में अंशिका धाकड़, अश्विका चौधरी और यशस्वी तिवारी राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगी. अब प्रदेश के खेल प्रेमियों की नजरें इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में राजस्थान के प्रदर्शन पर टिकी रहेंगी. हर डाइव एक नई उम्मीद होगी, हर स्ट्रोक मेडल की ओर बढ़ता कदम और हर फिनिश नई पहचान बनाएगी. ऐसे में मेजबान राजस्थान भी अपने घरेलू पूल में मेडल की लहर पैदा करने की पूरी कोशिश करेगा.