जी20 प्रतिनिधि ने जोधपुर महल में सांस्कृतिक कार्यक्रम में लिया भाग, राजस्थानी कलाकारों ने आकर्षक प्रस्तुतियां देकर शाम को बनाया बेहतर

जोधपुर: राजस्थान की सांस्कृतिक राजधानी सूर्यनगरी जोधपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजित हो रहे जी-20 समिट के आयोजन के चलते उम्मेद भवन पैलेस में आज राजस्थान की संस्कृति से ओतप्रोत कार्यक्रम की शाम सजी. पूर्व महाराजा गजसिंह के अलावा केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत सहित एमपी राजेन्द्र गहलोत व विधायक सूर्यकांता व्यास इस कार्यक्रम में मौजूद रहे. कार्यक्रम में राजस्थानी कलाकारों ने आकर्षक प्रस्तुतियां देकर शाम को और भी बेहतर बना दिया. 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने पूर्व महाराजा गजसिंह से जहां मुलाकात की तो वही केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्रसिंह शेखावत सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी इस कार्यक्रम में मौजूद रहे.

राजस्थान प्रदेश की सांस्कृतिक और न्याय की राजधानी सूर्य नगरी जोधपुर में शुरू हुए तीन दिवसीय जी 20 के पहले रोजगार कार्य-समूह की बैठक शुरू हो गई हैं. अपणायत के लिए जगविख्यात जोधपुर के उत्साही बाशिन्दों ने मेहमानों की अगवानी, परंपरागत आतिथ्य सत्कार के साथ भावपूर्ण आवभगत को लेकर शहर की सुन्दरता को नए रंग-रूप में संवारा. राजस्थानी लोक कलाकार भी लगातार इस आयोजन को सफल बनाने के लिए अपनी बेहतरीन प्रस्तुति दी. खास तौर पर 20 से अधिक देशों के मेहमानों के सामने अपनी कला का जौहर दिखाते हुए वरिष्ठ कलाकार सीमा राठौड के नेतृत्व में नजर आएं. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मंशा और निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा किए गए शानदार प्रबन्धों के साथ ही उल्लेखनीय एवं अपूर्व जन सहभागिता का बेहतर दिग्दर्शन मेहमानों को अभिभूत कर दिया. 

जोधपुर के उम्मेद भवन पैलेस में बकायदा जी-20 में शामिल हुए 20 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों का शानदार स्वागत किए जाने के साथ राजस्थानी लोक गीतों और नृत्यों का शानदार कार्यक्रम किया गया जिससे हर कोई मेहमान अभिभूत नजर आया. राजस्थान की प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय स्तर की लोक कलाकार सीमा राठौड़ के नेतृत्व में जोधपुर की बाल कलाकारों ने बेहतरीन राजस्थानी प्रस्तुति मेहमानों के लिए की. नेशनल जंबूरी में विशेष नृत्य की प्रस्तुति करने वाली सीमा राठौड ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस तरह के आयोजन में हमें और हमारी टीम को जिस तरह से अवसर दिया गया है उसके लिए प्रशासन के आभारी है लेकिन 20 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधियों ने राजस्थान की संस्कृति को इतना निकट से देखा है वह बड़ी खुशी है.