जयपुर: राजधानी जयपुर के अजमेर रोड पर जयसिंहपुरा स्थित नीलकंठ एनक्लेव में रह रहे जेन एल्फा को खेलने के लिए व्यवस्थित स्थान उपलब्ध नहीं हैं. इन मासूमों के हक पर डाका डाला जा रहा है.
यह मामला है अजमेर रोड पर तहसील सांगानेर स्थित ग्राम हरबंसपुरा में बसी अनुमोदित कॉलोनी नीलकंठ एनक्लेव का है. जयसिंहपुरा इलाके में बसी इस कॉलोनी को जेडीए ने वर्ष 2012 में अनुमोदित किया था. कुल 94 भूखंडों वाली इस कॉलोनी में कई भूखंडों पर परिवार मकान बना कर रहे रहे हैं. लेकिन इन परिवारों के बच्चों के पास खेलने के लिए कॉलोनी के लिए स्थान उपलब्ध नहीं हैं. इनके माता-पिता का कहना है कि खेल के लिए स्थान उपलब्ध नहीं होने के कारण बच्चे मायूस और चिड़िचड़े रहते. आउटडोर खेल की सुविधा होना बच्चों के पर्याप्त शारारीक विकास के लिए जरूरी है. इन जेन एल्फा को खेलने का व्यवस्थित स्थान मिलने के उनके हक पर डाका डाला जा रहा है. आपको बताते हैं आखिर क्यों कॉलोनी में बच्चों के लिए नहीं हैं खेल का स्थान.
-इस कॉलोनी नीलकंठ एनक्लेव के जेडीए के अनुमोदित नक्शे में बतौर सुविधा क्षेत्र कम्युनिटी हॉल,क्लब हाउस व पार्क के लिए भूमि आरक्षित है
-कॉलोनी में 1757.10 वर्गगज भूमि पर एक पार्क और दूसरे स्थान पर करीब 140 वर्गगज भूमि पर दूसरा पार्क प्रस्तावित है
-लेकिन इसमें से बड़े पार्क की भूमि पर संबंधित विकासकर्ता की ओर से कोठरियों का निर्माण किया हुआ है
-स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्क की भूमि पर विकासकर्ता ने कोठरियां बनाकर पार्क की भूमि पर कब्जा किया हुआ है
-कई बार विकासकर्ता को ये कोठरियां हटाने के लिए कहा गया, लेकिन उसने इसको लेकर कोई कार्यवाही नहीं की
-भूखंडधारियों का आरोप है कि कॉलोनियों में कई बार अवैध गतिविधियां भी होती हैं
-कॉलोनी के लोग चाहते हैं कि इस पार्क का विकास किया जाए
-लेकिन कोठरियों का निर्माण होने के कारण पार्क के विकास में बाधा आ रही है
-दूसरे स्थान पर जहां दूसरा छोटा पार्क प्रस्तावित है, वहां अवैध रूप से सब्जी उगाई जा रही है
- इन पार्कों को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए स्थानीय लोगों ने जेडीए में शिकायत भी दर्ज कराई
-लेकिन जेडीए की प्रवर्तन शाखा के अधिकारियों ने शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की
-विकासकर्ता के कब्जे के आगे कॉलोनी वासी बेबस और उधर जेडीए में भी उनकी सुनवाई नही हुई
-ऐसे में कॉलोनी के जेन एल्फा को आखिर कैसे खेलने के लिए उपलब्ध होगा पार्क
इस पूरे मामले में फर्स्ट इंडिया न्यूज ने संबंधित विकासकर्ता राजू बैराठी से बात की उनका कहना है हमारा कुछ निर्माण कार्य शुरू होने वाला है, इसलिए कोठरियों का निर्माण नहीं हटाया.