जयपुर: राजधानी जयपुर के मुहाना मंडी इलाके और अजमेर रोड-गोपालपुरा बायपास इलाके को सीधे जोड़ने वाली 200 फीट चौड़ी सड़क लंबे समय से अवरूद्ध है. इसके चलते हजारों वाहन चालकों को ना केवल लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है, बल्कि उबड़-खाबड़ गड्डों व कीचड़ से भरी सड़क से भी गुजरना पड़ रहा है.
राजधानी के गोपालपुरा बायपास पर गजसिंहपुरा के पास से निकल रही 200 फीट चौड़ी सेक्टर रोड यहां से इस्कॉन रोड तक जाती है. इसी सड़क पर भारत माता सर्किल,वंदेमातरम सर्किल और खरबास सर्किल है. जेडीए के जोनल प्लान की यह महत्वपूर्ण सड़क राजधानी के दो बड़े इलाकों को आपस में जोड़ती है. इन दोनों इलाकों के बीच दिनभर में हजारों वाहनों का आवागमन रहता है. लेकिन बीच में सड़क अवरूद्ध होने के चलते इन वाहन चालकों को लंबा चक्कर काटना पड़ रहा है. जो वाहन चालक इस लंबे चक्कर से बचते हैं तो उन्हें उबड़-खाबड़,गड्ढों व कीचड़ से भरी सड़क से गुजरना पड़ता है. आपको विस्तार से बताते हैं कि यह 200 फीट चौड़ी सड़क किस तरह महत्वपूर्ण है और वाहन चालकों को किस परेशानी का सामना करना पड़ा रहा है.
-इस सड़क के एक तरफ गोपालपुरा बायपास और इससे लगता अजमेर रोड,कमला नेहरू नगर और आस-पास का बड़ा इलाका है
-वहीं दूसरी तरफ इस्कॉन रोड,मुहाना मंडी और इनके आस-पास बसी सैकड़ों कॉलोनियों का बड़ा इलाका है
-इन दोनों इलाकों को जोड़ने के लिए 200 फीट चौड़ी यह महत्वपूर्ण सड़क है
-अजमेर रोड से गोपालपुरा बायपास होते हुए जब इस सड़क से भारत माता सर्किल की तरफ जाते हैं तो
-नारायण विहार के पास सड़क सीमा पर कब्जे के चलते यह सड़क अवरूद्ध हो जाती है
-इसके चलते कई वाहन चालक इस अवरूद्ध हिस्से से पहले ही अस्सी फीट सड़क की तरफ मुड़ते हैं
-इस सड़क से रामचंद्र मार्ग होते हुए वापस इस सड़क पर भारत माता सर्किल की तरफ आते हैं
-सड़क अवरूद्ध होने के चलते वाहन चालकों को करीब 11सौ मीटर का लंबा चक्कर काटना पड़ता है
-कई वाहन चालक बायपास मार्ग पर जाने के बजाए जब इसी सड़क का रूख करते हैं तो
-बीच-बीच में अतिक्रमण,कीचड़ से भरे गड्ढों वाली उबड़-खाबड़ सड़क से उन्हें गुजरना पड़ता है
-सड़क के अवरूद्ध हिस्से के पास से ही कॉलोनी की अंदर की सकड़ी व रेतीली सड़क पर कई घुमाव होते हुए मुख्य सड़क पर आना पड़ता है
-ऐसी ही परेशानी भारत माता सर्किल से गोपालपुरा बायपास की तरफ आने वाले वाहन चालकों को भुगतनी पड़ती है
जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने पिछले दिनों जोन उपायुक्त और क्षेत्र के वरिष्ठ अभिंयताओं के साथ इस सड़क का मौका मुआयना किया था. अधिकारियों ने उन्हें इस सड़क सीमा में किए गए कब्जे को भी दिखाया था. तब सिद्धार्थ महाजन ने मामले में प्रभावी कार्यवाही के अधिकारियों को निर्देश दिए थे. आपको बताते हैं आखिर यह सड़क क्यों अवरूद्ध है और क्यों वाहन चालकों के लिए यह सड़क कांटों की राह बनी हुई है.
-इस सड़क के करीब 230 मीटर लंबाई में सड़क सीमा पर कब्जा किया हुआ है
-इस कब्जे को हटाने के खिलाफ संबंधित खातेदार की याचिका वर्ष 2012 से हाई कोर्ट में लंबित है
-खातेदार की मांग है कि सड़क में जाने वाली भूमि के बदले जमीनी मुआवजा दिया जाए
-उधर जेडीए इस कब्जे को सड़क पर अतिक्रमण मानता है और मुआवजा देने पर उसकी ना है
-मामले में जेडीए का पक्ष प्रभावी तौर पर रखा जाए,इसके लिए खुद महाधिवक्ता मामले में पैरवी कर रहे हैं
-जेडीए की ओर से हाई कोर्ट में जवाब पेश किया जा चुका है
-उधर कमला नेहरू नगर के पास से ड्रैनेज का नाला इस सड़क पर आकर खुला हुआ है
-सड़क पर इस कब्जे के कारण ड्रैनेज का काम पूरा नहीं हो पा रहा है
-नाला यहां खुलने से अक्सर सड़क पर ही पानी भरा रहता है
-यही कारण है यह सड़क कई स्थानों पर उबड़-खाबड और गड्ढों से भरी हुई है