जयपुरः बहुप्रतीक्षित जयपुर पोलो सीजन का आगाज हो गया है. यह सीजन 29 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें देश-विदेश के शीर्ष पोलो खिलाड़ियों की भागीदारी के साथ कई हाई-गोल और आकर्षक टूर्नामेंट आयोजित किए जाएंगे. इस सीजन का मुख्य आकर्षण एक बार फिर 14 गोल का भवानी सिंह जयपुर कप रहेगा, जो 16 से 21 फरवरी तक खेला जाएगा. भारतीय पोलो टीम के कप्तान व जयपुर के पूर्व राजघराने के पद्नमनाभ सिंह ने कहा है कि जयपुर पोलो सीजन 2026 अब तक का सबसे भव्य सीजन होने वाला है, जिसमें परंपरा, युवा ऊर्जा और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता का अनूठा संगम देखने को मिलेगा.
शाही परंपरा, रोमांच और खेल भावना का संगम एक बार फिर जयपुर पोलो के रूप में राजधानी में देखने को मिलेगा. देश का सबसे बड़ा पोलो सीजन गुलाबी नगरी में शुरू हो गया है. ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और आधुनिक प्रतिस्पर्धा के अनूठे मेल ने इस प्रतिष्ठित आयोजन को खास बना दिया. देश-विदेश के नामी खिलाड़ी की मौजूदगी, घोड़ो की की फुर्ती और मैदान पर दिखती रणनीतिक चाल दर्शकों में रोमांच भरने वाली है. गुलाबी नगरी की सांस्कृतिक गरिमा के बीच आयोजित जयपुर पोलो न केवल खेल प्रेमियों का ध्यान खींचता है, बल्कि पर्यटन और विरासत के लिहाज़ से भी शहर की पहचान को नई ऊँचाई दी. भारतीय पोलो टीम के कप्तान व जयपुर के पूर्व राजघराने के पद्मनाभ सिंह ने राजस्थान पोलो क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस बार पोलो सीजन में क्या खास होने वाला है. इस अवसर पर फेडरेशन ऑफ इंटरनेशनल पोलो (FIP) के भारत एम्बेसडर नरेंद्र सिंह, आरपीसी के ऑनरेरी सेक्रेटरी दिग्विजय सिंह और जॉइंट सेक्रेटरी विक्रमादित्य बरकाना भी उपस्थित रहे. पद्मनाभ सिंह ने बताया कि इस सीजन का प्रमुख टूर्नामेंट 14 गोल का भवानी सिंह जयपुर कप होगा.
इस सीज़न का पहला टूर्नामेंट राजमाता गायत्री देवी मेमोरियल कप है, जो छह गोल का है. यह टूर्नामेंट 19 जनवरी से शुरू होकर 25 जनवरी तक चलेगा. इसे रामबाग पैलेस जयपुर स्पॉन्सर कर रहा है.
26 जनवरी से 1 फरवरी तक कोग्निवेरा पोलो कप होगा
2 फरवरी से 8 फरवरी तक सवाई मान सिंह पोलो कप होगा
रैफल्स सिरमौर कप का आयोजन 9 से 15 फरवरी तक होगा
भवानी सिंह जयपुर कप के मैच 16 से 21 फरवरी तक होंगे
PDKF लेडीज़ पोलो कप 22 फरवरी को होगा
23 फरवरी से 1 मार्च तक राजस्थान टूरिज्म पोलो कप आयोजित किया जाएगा
2मार्च से 8 मार्च तक एसएमएस गोल्ड वास के मैच होंगे
9 मार्च से 15 मार्च तक श्री सीमेंट कप आयोजित होगा
दो आरपीसी कप (आउट ऑफ़ हैट फ़ॉर्मेट) 16 मार्च से 22 मार्च और 23 मार्च से 29 मार्च तक होंगे
जयपुर पोलो सीज़न में लेडीज़ पोलो मैच का आयोजन भी किया जा रहा है. इसका उद्देश्य महिलाओं को हॉर्स पोलो के खेल में ज्यादा से ज्यादा हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करना है. इस पोलो सीज़न में खेल के कुछ टॉप पोलो खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, जिनमें मैनुअल एफ लोरेंटे , सैंटियागो मारम्बियो , एलेजो अरामबुरु ; डैनियल ओटामेंडी , लांस वॉटसन , सिमरन शेरगिल ; जयपुर के पद्मनाभ सिंह, शमशीर अली , सिद्धांत शर्मा , ध्रुव पाल गोदारा , भवानी कालवी , कुलदीप सिंह राठौड़ , हिम्मत सिंह बेदला , सलीम आज़मी सहित कुछ आर्मी ऑफिसर शामिल हैं. इस सीज़न में एग्ज़िबिशन मैचों में 24 जनवरी को रघु सिन्हा माला माथुर मेमोरियल कप आयोजित होगा, जिसे रघु सिन्हा माला माथुर चैरिटी ट्रस्ट द्वारा स्पॉन्सर किया जा रहा है; 26 जनवरी को एग्ज़िबिशन पोलो मैच; 7 फरवरी को केजीके पोलो कप, 14 फरवरी को ईटन कॉलेज बनाम मेयो कॉलेज मैच होगा; 28 फरवरी को पद्मिनी देवी ऑफ जयपुर इंटरनेशनल शील्ड और 9 मार्च को एग्ज़िबिशन पोलो मैच आयोजित होंगे. पद्मनाभ सिंह ने बताया कि राजस्थान पोलो क्लब लंबे समय के इंफ्रास्ट्रक्चर और डेवलपमेंट की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है, जिसका उद्देश्य जयपुर को पोलो और घुड़सवारी के खेल के लिए साल भर चलने वाले सेंटर के तौर पर मज़बूत करना है. पोलो ग्राउंड में फ्लडलाइट लगाने की योजना पर काम चल रहा है, जिससे रात में पोलो खेला जा सकेगा और जयपुर में वर्षभर यह खेल संभव होगा. इसके अतिरिक्त, क्लब अपने राइडिंग स्कूल और जूनियर ट्रेनिंग प्रोग्राम को सपोर्ट करने के लिए एक इनडोर, हर मौसम में ढका हुआ एरीना बनाने पर काम कर रहा है, ताकि मौसम कैसा भी हो, बिना किसी रुकावट के ट्रेनिंग दी जा सके. क्लब पोलो ग्राउंड परिसर में एक इक्वाइन हॉस्पिटल बनाने की भी योजना बना रहा है, जिसमें एक सर्जिकल थिएटर और एक बेसिक डायग्नोस्टिक लैबोरेटरी होगी, ताकि पोलो और घुड़सवारी गतिविधियों के लिए जानवरों की देखभाल, घोड़ों की कुशलता और इमरजेंसी में मदद को बेहतर बनाया जा सके. क्लब द्वारा ली गई विभिन्न पहलों के अंतर्गत मैच देखने आए दर्शकों को रिफ्रेशमेंट्स भी दिए जाएंगे.
जयपुर पोलो सीजन 2026 अब तक का सबसे भव्य सीजन होने वाला है. इसमें कई हाई-गोल टूर्नामेंट होंगे, अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ेगी और जयपुर की गौरवशाली पोलो विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास भी रहेगा.