VIDEO: JDC सिद्धार्थ महाजन का जेडीए का राजस्व बढ़ाने पर फोकस, "चेहरा" बदलकर देनदारी छिपाने वालों पर "शिकंजा", देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: कंपनी या फर्म बदलकर अपनी देनदारी छिपाने वाले बिल्डर्स-डवलपर्स के खिलाफ जेडीए ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन की पहल पर शुरू की गई इस कवायद में ऐसे बिल्डर्स व डवलपर्स को चिन्हित किया जा रहा रहा है. जयपुर विकास प्राधिकरण अधिनियम के मुताबिक प्राधिकरण क्षेत्र में कोई भी नई योजना या नए भवन का निर्माण बिना प्राधिकरण की स्वीकृति के नहीं किया जा सकता है.

नई योजना की स्वीकृति के लिए जेडीए ले आउट प्लान अनुमोदित करता है वहीं नए भवन निर्माण की स्वीकृति के लिए जेडीए बिल्डिंग प्लान का अनुमोदन करता है. जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन का जेडीए का राजस्व बढ़ाने पर खास फोकस है. इसलिए भूखंडों की बकाया लीज राशि की वसूली को प्राथमिकता दी जा रही है. इसके लिए ऐसे बिल्डर्स व डवलपर्स को चिन्हित किया जा रहा है जो बकाया राशि की देनदारी से बचने के लिए नए हथकंडे अपनाते हैं.

जेडीए का राजस्व पर फोकस:
-जिन बिल्डर्स या डवलपर्स पर पुरानी योजनाओं के भूखंडों की जेडीए की लीज राशि चुकानी हैं
 -उनमें से कई बिल्डर्स व डवलपर्स दूसरी कंपनी बनाकर जेडीए में नई योजनाओं के अनुमोदन के लिए आवेदन कर रहे हैं
-ऐसे कई मामलों की शिकायत जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन तक पहुंची है
-पहले जेडीए की सभी जोनों के बकायादारों की एकजाई सूची नहीं होने और
-कंपनी का नाम बदलने के कारण ऐसे बिल्डर्स व डवलपर्स अपनी योजनाएं अनुमोदित कराने में सफल हो जाते थे
-लेकिन अब जेडीए ने बिल्डर्स व डवलपर्स की इन कारगुजारियों पर अंकुश लगा दिया है

ऐसे मामलों के लगातार मिल रहे फीडबैक पर जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन ने त्वरित एक्शन लिया है. इसके तहत पहले पुराने बकाया की वसूली की जाएगी और उसके बाद ही नई योजना पर जेडीए विचार करेगा.

जेडीए का एक्शन, राजस्व पर फोकस:
-जेडीए आयुक्त सिद्धार्थ महाजन के निर्देश पर सभी जोनों की लीज राशि के बकायादारों की सूची तैयार की जा रही है
-अतिरिक्त आयुक्त भूमि के स्तर पर सभी जोनों की बकायादारों की सूची को एकजाई किया जा रहा है
-नई योजना के ले आउट प्लान या नए भवन निर्माण के बिल्डिंग प्लान के लिए जो भी आता है आवेदन
-तो उस आवेदन की आवेदक कंपनी में शामिल लोगों के बारे में पूरी पड़ताल की जाती है
-सभी जोनों की बकायादारों की सूची से उस कंपनी या फर्म में शामिल प्रमोटर्स के नाम को मैच किया जाता है
-अगर इनमें ऐसे लोग शामिल हैं,जिन पर पूर्व में अनुमोदित प्रकरणों में लीज राशि बकाया है
-तो ऐसे मामलों में संबंधित को पहले पूर्व की बकाया लीज राशि जमा कराने के लिए नोटिस दिया जाता है
-पूर्व की राशि जमा होने के बाद ही उसके नए प्रकरण में अनुमोदन पर विचार किया जाता है
-राशि जमा नहीं होने पर जेडीए नए प्रकरण में अनुमोदन की कार्यवाही रोक देता है