VIDEO:  SMS के जेके लोन अस्पताल में लोकल दवा परचेज का बड़ा खेल, पिछले दिनों अस्पताल की हुई जांच में सामने आई गंभीर प्रवृत्ति की अनियमिताएं, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: राजस्थान में बच्चों के सबसे बड़े जेके लोन अस्पताल में दवाओं की "लोकल परचेज" के नाम पर बड़ा खेल सामने आया है.इस दौरान एक तरफ जहां महंगी दर पर दवाओं की खरीद फरोख्त की गई, वहीं दूसरी ओर दवाओं और अन्य आइटमों के दुरूपयोग की भी आशंका है.जी हां ये कोई हमारा आरोप नहीं, बल्कि ड्रग आयुक्तालय की तरफ से अस्पताल में पिछले दिनों करवाई गई हाईलेवल ऑडिट की रिपोर्ट की बानगी है.इस चौंकाने वाली रिपोर्ट के आधार पर अब चिकित्सा विभाग ने जिम्मेदारों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है.

दरअसल, पिछले दिनों ड्रग आयुक्तालय को जेके लोन अस्पताल की गंभीर शिकायत मिली थी, जिसके बाद एक टीम को जांच के लिए भेजा गया.इस दौरान शुरूआत में अस्पताल प्रशासन और टीम के बीच कहासुनी हो गई, लेकिन उच्च स्तरीय दखल के बाद जब जांच शुरू हुई तो कई तरह के चौंकाने वाले तथ्य सामने आए है.करीब तीन दिन में आधा दर्जन से अधिक ड्रग ऑफिसरों ने अस्पताल के ड्रग स्टोर, मेडिकल स्टोर, अस्पताल में लोकल परचेज वाले मेडिकल स्टोर, सप्लायर का रिकॉर्ड देखा, जिसमें पाया गया कि न तो दवा सप्लाई का रिकॉर्ड का सही तरीके से संधारण किया गया है और ना ही दवाओं की आपूर्ति का रिकॉर्ड. आपको बताते है कि जांच रिपोर्ट में क्या क्या अनियमितता मिली. 

लोकल परचेज, बड़ा खेल!:
-कम्प्यूटर स्टॉक "NIL",फिजिकल स्टॉक में मिली "खेप"
-चर्चाओं में बच्चों के सबसे बड़े जेके लोन अस्पताल के ड्रग स्टोर की बड़ी अनियमिता
-आधा दर्जन से अधिक ड्रग अफसरों की जांच में सामने आई गंभीर प्रवृत्ति की अनियमिताएं
-तीन दिन की जांच में टीमों ने डीडीसी काउंटरों पर 15 दवा-आइटम का स्टॉक किया चैक
-तो काउंटरों के ऑनलाइन और फिजिकल स्टॉक में सामने आया दिन-रात का बड़ा अन्तर
-इस दौरान कई मरीजों को एक दिन में 10 से 50 सीरिंज जारी करने का भी रिकॉर्ड दर्ज  
-इसके अलावा मरीज को जारी दवाओं की पर्ची और ट्रीटमेंट चार्ट में भी देखी गई भिन्नता
-रिपोर्ट में अंदेशा जताया गया कि मरीजों को जितनी दवा देनी थी, उतनी दी ही नहीं जा रही थी
-यानी सिर्फ कागजों में ही वितरित होती रही दवा, जिनका फिर बाद में दुरूपयोग का अंदेशा
-ड्रग आयुक्तालय की तरफ से जांच रिपोर्ट दोषियों की जिम्मेदारी तय करते हुए हो रही तैयार
-जिसके बाद ही अनियमिताओं के लिए जिम्मेदार कार्मिकों पर होगी कार्रवाई

ना "गर्वमेंट सप्लाई" का जिक्र और ना ही हटाई "MRP": 
-जेके लोन अस्पताल के ड्रग स्टोर में "लोकल परचेज" में बड़ा खेल
-आधा दर्जन से अधिक ड्रग अफसरों की जांच में सामने आई गंभीर प्रवृत्ति की अनियमिताएं
-अस्पताल में मरीजों को निशुल्क उपलब्ध कराने के लिए लोकल परचेज में खरीदी जा रही दवाएं
-लेकिन इन दवाओं पर न तो फॉर गर्वमेंट सप्लाई ऑनली अंकित, ना ही हटवाई गई "MRP"
-अस्पताल में मरीजों के लिए क्रय की गई दवा और उपयोग की मात्रा भी नहीं मिली सत्यापित
-ऐसे में जांच दल ने इस तरह की प्रवृत्ति के चलते जताई दवाओं के दुरूपयोग की आशंका

बगैर NEGOCIATION महंगी दर पर दवाओं की खरीद !: 
-जेके लोन अस्पताल के ड्रग स्टोर में "लोकल परर्चेज" में गड़बड़ियों पर एक्शन की तैयारी
-आधा दर्जन से अधिक ड्रग अफसरों की जांच में सामने आई गंभीर प्रवृत्ति की अनियमिताएं
-जांच रिपोर्ट के मुताबिक दवा खरीद की प्रक्रिया में गड़बड़ी से लाखों रुपए की चपत की आशंका
-करीब तीन दर्जन दवाओं की खरीद फरोख्त की प्रक्रिया का आंकलन करने पर सामने आए तथ्य
-L वन फर्म तकनीकी कारणों से अयोग्य तो दूसरे-तीसरे प्रतिद्वंदी से रेट पर नहीं किया गया मोल भाव
-30 से 130 % तक अधिक दाम होने पर भी अन्य फर्मों से नहीं किया गया NEGOCIATION
-इसके साथ ही फर्म को परचेज ऑर्डर मिलने के 15 दिन में सप्लाई देने का था प्रावधान
-इसके बावजूद सप्लाई में लेटलतीफी पर फर्मों पर मेहरबानी, नहीं लगाया गया जुर्माना
-ऐसे में अब वित्तीय अनियमिताओं को लेकर अलग से कार्रवाई की चल रही तैयारी

हालांकि, शुरूआती दौर में कार्रवाई को द्वेषतापूर्व एक्शन के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन जैसे ही ड्रग आयुक्तालय ने रिपोर्ट मुख्यालय को पेश की तो सभी के होश उड़ गए.सूत्रों की माने तो खुद प्रमुख चिकित्सा सचिव गायत्री राठौड ने इस पूरी जांच रिपोर्ट में अधिकारी-कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए है.ऐसे में माना जा रहा है कि इस प्रकरण में जिम्मेदारों पर जल्द ही बड़ी गाज गिर सकती है.